बता उस समय की है जब अमिताभ फिल्म इंडस्ट्री में नए थे। तब राजेश खन्ना बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार हुआ करते थे। सुपरस्टार का तमगा मिलने के बाद उनके अंदर थोड़ा अहंकार आ गया जिसकी वजह से उन्होंने कई फिल्मों को रिजेक्ट कर दिया। स्टारडम का खुमार और मनमानियों के चलते मनमोहन देसाई, ऋषिकेश मुखर्जी और शक्ति सामंत जैसे नामी डायरेक्टर ने उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी। इसके बाद धीरे-धीरे राजेश खन्ना का स्टारडम कम होता चला गया। जहां एक ओर राजेश खन्ना का करियर ग्राफ नीचे जा रहा था। वहीं, अमिताभ बच्चन तेजी से लोगों के दिलों में अपनी जगह बना रहे थे। कहा जाता है कि राजेश खन्ना को भी इस बात का अंदाजा लग चुका था कि अब उनका समय गुजर चुका है और आने वाला वक्त अमिताभ का है। Bold scenes: बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक, बोल्ड सीन्स देने में इन सेलेब्स के छूटे पसीने, नाम देख नहीं होगा यकीन
साल 1972 में अमिताभ और जया की नजदीकियां बढ़ने लगी थीं जिसकी वजह से अभिनेता अक्सर उनसे मिलने फिल्म बावर्ची के सेट पर पहुंच जाते थे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो काका ने अमिताभ बच्चन को लेकर एक ऐसी टिप्पणी कर दी कि जया से वह बात सह न सकीं। इसके बाद उन्होंने राजेश खन्ना को करारा जवाब देते हुए कहा कि ये इंसान एक दिन स्टार बनेगा और इसे जमाना देखेगा। जया की यह बात बिलकुल सही साबित हुई और फिल्म जंजीर से इंडस्ट्री को एंग्री यंग मैन मिल गया। इसके बाद उन्होंने 70 और 80 के दशक में अमिताभ ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं। Prabhas: दिल्ली के लाल किला ग्राउंड में प्रभास ने किया रावण दहन, सीएम केजरीवाल भी रहे मौजूद