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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का नाम आज इंडस्ट्री के दिग्गज सितारों की लिस्ट में लिया जाता है। अमिताभ बच्चन ने अपने शानदार अभिनय और एक एंग्री यंग मैन वाली इमेज से लोगों का दिल में अपने लिए एक खास जगह बनाई है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब अभिनेता की 12 फिल्में लगातार फ्लॉप साबित हुई थी और उन्हें फ्लॉप हीरो का तमगा मिल गया था। इस महीने 11 अक्तूबर को अभिनेता अपना 80वां जन्मदिन मनाने वाले हैं। ऐसे में हम आप तक उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से पहुंचा रहे हैं। तो चलिए बताते हैं आपको फ्लॉप हीरो से बॉलीवुड के शहंशाह बनने तक के सफर के बारे में…
अमिताभ बच्चन ने 1969 में सात हिंदुस्तानी से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन पहली ही फिल्म सुपर फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद सफलता का स्वाद चखने के लिए अमिताभ बच्चन को काफी समय तक संघर्ष करना पड़ा। सात हिंदुस्तानी के बाद अमिताभ को कई फिल्में लेकिन कोई भी उनकी किस्मत को चमकाने में सफल साबित नहीं हो रही थी। लगातार उन्होंने 12 फ्लॉप फिल्में दीं, जिसके बाद ऐसा लग रहा था कि मानों सफलता ने उनसे मुंह मोड़ लिया है।
एक ओर बॉक्स ऑफिस पर अमिताभ बच्चन असफल साबित हो रहे थे और दूसरी ओर उनके साथ ही पर्दे पर काम करने के लिए कोई भी हीरोइन नहीं मिल रही थीं। लेकिन 1969 को सिल्वर स्क्रीन पर कदम रखने वाले अमिताभ बच्चन की किस्मत 1973 में आई फिल्म जंजीर ने पलट दी। हालांकि इससे पहले फ्लॉप फिल्में देने की वजह से उस जमाने की तमाम हीरोइन अमिताभ बच्चन के साथ काम करने से इनकार कर चुकी थी, जिसके बाद जंजीर फिल्म में उनके साथ काम करने के लिए जया बच्चन राजी हुई थीं।
जंजीर बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और अमिताभ बच्चन के एंग्री यंग मैन वाली इमेज को सभी ने पसंद किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, लेकिन उन 12 फिल्मों के फ्लॉप होने की वजह से अमिताभ बच्चन काफी मायूस हो गए थे और उन्होंने ये तक कह दिया था कि अगर जंजीर भी सफल साबित नहीं हुई तो वह इलाहाबाद वापस चले जाएंगे। लेकिन ऐसे नहीं हुआ और फिल्म को लोगों ने काफी पसंद किया।
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