Home Breaking News डीजीपी जेल हत्याकांड: आखिर हेमंत लोहिया को क्यों मारा गया…? सबसे बड़ा सवाल ही अनसुलझा, अब तक अधिकारी खामोश

डीजीपी जेल हत्याकांड: आखिर हेमंत लोहिया को क्यों मारा गया…? सबसे बड़ा सवाल ही अनसुलझा, अब तक अधिकारी खामोश

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डीजीपी जेल हत्याकांड: आखिर हेमंत लोहिया को क्यों मारा गया…? सबसे बड़ा सवाल ही अनसुलझा, अब तक अधिकारी खामोश

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डीजीपी जेल की हत्या के 24 और आरोपी की गिरफ्तारी के कई घंटे बाद भी अधिकारी खामोश हैं कि आखिर हत्या का क्या कारण है। वहीं जम्मू-कश्मीर से लेकर दुनिया में बसे लाखों लोग डीजीपी हेमंत लोहिया की हत्या के कारणों संबंधी जानना चाहते हैं। मंगलवार देर शाम तक पुलिस का यही कहना था कि उससे पूछताछ जारी है। उसने क्या बताया, इस बारे में पुलिस का कोई भी अधिकारी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है। मामले में एसएचओ से लेकर आईजी तक का कोई बयान भी नहीं आया है। हर तरफ सन्नाटा और खामोशी का माहौल है। बता दें कि सोमवार रात करीब 9:30 बजे हेमंत लोहिया की हत्या हुई थी। अब तक काफी समय निकल चुका है। इसके बावजूद हत्या की गुत्थी सुलझी नहीं है। 

पुलिस के बयानों में अंतर

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि लोहिया डिनर करने के बाद अपने बेडरूम में चले गए। इसके बाद नौकर ने अंदर से कुंडी लगा ली। कुछ देर बाद बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब नहीं खुला, तो दरवाजा तोड़ा गया, जहां हेमंत लोहिया का शव पड़ा हुआ था। अब सवाल यह है कि यदि यासिर पिछले दरवाजे से भाग गया, तो घर के लोगों ने सामने का दरवाजा तोड़ने की जगह पिछले दरवाजे से अंदर जाने का प्रयास क्यों नहीं किया।

 

शालीन काबरा के घर भी नौकर रहा है यासिर

सूत्रों का कहना है कि लोहिया का नौकर यासिर पूर्व गृह सचिव शालीन काबरा के घर पर भी नौकर रह चुका है। यह भी जानकारी है कि आईपीएस अलोक कुमार के पास भी यासिर को रखने की सिफारिश लोहिया के दोस्त राजीव खजुरिया ने की थी। लेकिन अलोक कुमार ने मना कर दिया। इसके बाद यासिर को लोहिया के पास रखने के लिए कहा गया। पिछले 3 महीने से यासिर लोहिया के साथ था। 

 

राजीव खजुरिया का वीआईपी फ्रेंड सर्कल

जानकारी के अनुसार हेमंत लोहिया के दोस्त राजीव खजुरिया एक एनजीओ चलाते हैं। वह मूलरूप से राजोरी के हैं। इस समय उदयवाला में रहते हैं। खजुरिया को भी एक पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए मिला हुआ है। राजीव का काफी बड़ा वीआईपी फ्रेंड सर्कल है। सूत्रों का कहना है कि राजीव खजुरिया की सिर्फ हेमंत लोहिया से ही नहीं, बल्कि कई अन्य आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के साथ दोस्ती है, जिनका खजुरिया के घर आना जाना लगा रहता था। कई बार उनके घर पर वीआईपी लोग पहुंचे हैं। 

 

जोगी गेट पर संस्कार आज 

हेमंत कुमार लोहिया का बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। जम्मू के जोगी गेट में दोपहर 2.30 बजे उनका संस्कार होगा। लोहिया की पत्नी मधु लोहिया, बेटा अनिकेत लोहिया, बेटी नीतिका और दामाद मोहित संस्कार में मौजूद रहेंगे। लोहिया की बेटी और बेटा जम्मू पहुंच गए हैं। यह लोग संस्कार में मौजूद रहेंगे। 

 



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