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बरातियों से भरी बस जिस जगह दुर्घटनाग्रस्त हुई वह दुल्हन के घर से सिर्फ 600 मीटर दूर है। ग्राम प्रधान दिनेश कर्णवाल ने बताया कि लालढांग स्थित शिव मंदिर के पास रहने वाले संदीप पुत्र स्व नंद राम की बरात मंगलवार दोपहर एक बजे पौड़ी के कांडा गांव के लिए निकली थी। बस में 45 से अधिक लोग सवार थे।
दूल्हा संदीप कार से गया था। देर शाम बरात के दुल्हन के घर पहुंचने से 600 मीटर पहले ही बस खाई में गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस काफी नीचे गिरी थी। जहां बस गिरी वहां नीचे नदी है। हो सकता है कुछ लोग नदी में भी बहे हों। शव जहां-तहां बिखरे पड़े हैं।
धुमाकोट थानाध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया कि कांडा मल्ला निवासी एक युवती का विवाह लालढांग निवासी संदीप के साथ तय हुआ था। मंगलवार को लालढांग से बरात दुल्हन लेने कांडा मल्ला गांव जा रही थी। शाम सात बजे करीब बस सिमड़ी स्कूल और घिरौली गांव के बीच अनियंत्रित होकर पूर्वी नयार नदी घाटी में जा गिरी।
इस दौरान बस की लाइट भी अचानक बंद हो गई। घटनास्थल पर अंधेरा होने के कारण वहां मौजूद लोगों को भी कुछ नहीं दिख रहा था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को फोन पर दी तो तब रेस्क्यू शुरू हुआ।
उधर, सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। एसडीआरएफ की टीम घायलों व मृतकों को खाई से निकालने में जुटी है। उधर, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना की सूचना मिलते ही मोर्चा संभाल लिया थ। वे रात में ही राज्य सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे।
उन्होंने वहां तैनात अधिकारियों से दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। वहीं, आज सुबह वे घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सीएम ने वहां लोगों से मुलाकात की और जिला प्रशासन के अधिकारियों से दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान सीएम धामी को लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। लोगों ने क्षेत्र में बदहाल सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर नाराजगी जताई।
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