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झारखंड: वन विभाग में बंदर की निर्मम हत्या, पिंजरे में दोनों हाथ तोड़कर मार डाला, बिना पोस्टमार्टम ही दफनाया

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झारखंड: वन विभाग में बंदर की निर्मम हत्या, पिंजरे में दोनों हाथ तोड़कर मार डाला, बिना पोस्टमार्टम ही दफनाया

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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– फोटो : Pixabay

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झारखंड के धनबाद से एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां वनकर्मियों की कॉलोनी में एक बंदर की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। वहीं इस मामले में  संज्ञान लेते हुए फोरेस्ट ऑफिसर आरके सिंह ने प्रभारी वनपाल जसीम अंसारी को शोकॉज जारी करते हुए एक हफ्ते में जवाब मांगा है। यह घटना धनबाद वन विभाग की फोरेस्ट कॉलोनी की है। वहीं बिना पोस्टमार्टम के दफनाने के लिए जवाब मांगा गया है।

जानें क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक  धनबाद के सत्यम नगर निवासी एसडी तिवारी के घर एक बंदर को पकड़ कर रखा गया था। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी। फोरेस्ट ऑफिसर ने वहां के प्रभारी  जसीम अंसारी को बंदर को अपनी कस्टडी में लेने का निर्देश दिया था। साथ ही बंदर को रखने के लिए वन विभाग ने केज (जाली) भी उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद बंदर को पकड़कर लाया गया और जाली में बंद कर दिया गया। कुछ देर बाद जब प्रभारी निगरानी में आए तो देखा की बंदर की क्रूरतम तरीके से हत्या की जा चुकी थी। बंदर के दोनों हाथ को बुरी तरह से तोड़ दिया गया था। बंदर के मुंह से खून भी जा रहा था।

बिना पोस्टर्माटम ही बंदर को दफनाया 
बंदर की निर्मम हत्या के बाद पोस्टमार्टम का भी इंतजार नहीं किया गया और उसे आनन-फानन में दफना दिया गया।  जबकि वन विभाग के नियम के अनुसार किसी भी जंगली जानवर की संदेहास्पद स्थिति में मौत होने पर उसका पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य है।   इस घटना पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश हुई लेकिन वरीय अधिकारियों को जानकारी होने के बाद इसके जांच के आदेश दिए गए।

विस्तार

झारखंड के धनबाद से एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां वनकर्मियों की कॉलोनी में एक बंदर की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। वहीं इस मामले में  संज्ञान लेते हुए फोरेस्ट ऑफिसर आरके सिंह ने प्रभारी वनपाल जसीम अंसारी को शोकॉज जारी करते हुए एक हफ्ते में जवाब मांगा है। यह घटना धनबाद वन विभाग की फोरेस्ट कॉलोनी की है। वहीं बिना पोस्टमार्टम के दफनाने के लिए जवाब मांगा गया है।

जानें क्या है मामला?

जानकारी के मुताबिक  धनबाद के सत्यम नगर निवासी एसडी तिवारी के घर एक बंदर को पकड़ कर रखा गया था। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी। फोरेस्ट ऑफिसर ने वहां के प्रभारी  जसीम अंसारी को बंदर को अपनी कस्टडी में लेने का निर्देश दिया था। साथ ही बंदर को रखने के लिए वन विभाग ने केज (जाली) भी उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद बंदर को पकड़कर लाया गया और जाली में बंद कर दिया गया। कुछ देर बाद जब प्रभारी निगरानी में आए तो देखा की बंदर की क्रूरतम तरीके से हत्या की जा चुकी थी। बंदर के दोनों हाथ को बुरी तरह से तोड़ दिया गया था। बंदर के मुंह से खून भी जा रहा था।

बिना पोस्टर्माटम ही बंदर को दफनाया 

बंदर की निर्मम हत्या के बाद पोस्टमार्टम का भी इंतजार नहीं किया गया और उसे आनन-फानन में दफना दिया गया।  जबकि वन विभाग के नियम के अनुसार किसी भी जंगली जानवर की संदेहास्पद स्थिति में मौत होने पर उसका पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य है।   इस घटना पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश हुई लेकिन वरीय अधिकारियों को जानकारी होने के बाद इसके जांच के आदेश दिए गए।



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