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Shiv Sena Crisis: उद्धव गुट ने चुनाव आयोग को सौंपे चुनाव चिह्न के विकल्प, शाम को शिंदे खेमे की अहम बैठक

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Shiv Sena Crisis: उद्धव गुट ने चुनाव आयोग को सौंपे चुनाव चिह्न के विकल्प, शाम को शिंदे खेमे की अहम बैठक

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– फोटो : ANI

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मुंबई के अंधेरी ईस्ट में होने वाले उप-चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के नाम और निशान की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। मातोश्री में उद्धव गुट के नेताओं की बैठक में चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार पार्टी का नए नाम और चिह्न पर चर्चा हुई। देर शाम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी अहम बैठक करने वाले हैं।

शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने बताया कि हमारी पार्टी का नाम शिवसेना है। अगर चुनाव आयोग शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे)’, ‘शिवसेना (प्रबोधनकर ठाकरे)’ या ‘शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)’ सहित शिवसेना से संबंधित कोई भी नाम देता है, तो वह हमें स्वीकार्य होगा।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हमारे चुनाव चिन्ह को सील कर दिया है। उन्होंने हमें चिन्हों के सुझाव मांगे थे जिस पर उद्धव ठाकरे ने ‘त्रिशूल’, ‘मशाल’ और ‘उगता हुआ सूरज’ चिन्ह चुनाव आयोग को दिए हैं। चुनाव आयोग तय कर चुनाव चिन्ह देगा। 

इससे पहले शनिवार को चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न यानी तीर-कमान पर फिलहाल रोक लगा दी थी। आने उपचुनाव में दोनों में से कोई भी गुट इस चुनाव चिह्न का उपयोग नहीं कर पाएगा। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से कहा था कि वे उपचुनावों के लिए अधिसूचित फ्री सिंबल की लिस्ट से अलग-अलग चुनाव चिह्न चुनें और दस तारीख तक बता दें।

दरअसल, तीन नवंबर को महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। इस सीट से अब तक शिवसेना के रमेश लटके विधायक थे। रमेश अपने परिवार के साथ दुबई गए थे, जहां दिल का दौरा पड़ने के कारण 12 मई को उनका निधन हो गया। 

चुनाव आयोग ने तीन नवंबर को यहां उपचुनाव कराने का फैसला लिया है। इसके लिए शिंदे गुट और भाजपा ने मिलकर यहां से पूर्व पार्षद मुरजी पटेल को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है। पटेल के सामने उद्धव गुट का उम्मीदवार भी होगा। उद्धव गुट को कांग्रेस, एनसीपी का भी समर्थन मिला है। उद्धव ठाकरे के हटने और शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये पहला चुनाव है। ऐसे में दोनों गुटों के लिए ये चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। 

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मुंबई के अंधेरी ईस्ट में होने वाले उप-चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के नाम और निशान की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। मातोश्री में उद्धव गुट के नेताओं की बैठक में चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार पार्टी का नए नाम और चिह्न पर चर्चा हुई। देर शाम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी अहम बैठक करने वाले हैं।

शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने बताया कि हमारी पार्टी का नाम शिवसेना है। अगर चुनाव आयोग शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे)’, ‘शिवसेना (प्रबोधनकर ठाकरे)’ या ‘शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)’ सहित शिवसेना से संबंधित कोई भी नाम देता है, तो वह हमें स्वीकार्य होगा।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हमारे चुनाव चिन्ह को सील कर दिया है। उन्होंने हमें चिन्हों के सुझाव मांगे थे जिस पर उद्धव ठाकरे ने ‘त्रिशूल’, ‘मशाल’ और ‘उगता हुआ सूरज’ चिन्ह चुनाव आयोग को दिए हैं। चुनाव आयोग तय कर चुनाव चिन्ह देगा। 

इससे पहले शनिवार को चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न यानी तीर-कमान पर फिलहाल रोक लगा दी थी। आने उपचुनाव में दोनों में से कोई भी गुट इस चुनाव चिह्न का उपयोग नहीं कर पाएगा। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से कहा था कि वे उपचुनावों के लिए अधिसूचित फ्री सिंबल की लिस्ट से अलग-अलग चुनाव चिह्न चुनें और दस तारीख तक बता दें।

दरअसल, तीन नवंबर को महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। इस सीट से अब तक शिवसेना के रमेश लटके विधायक थे। रमेश अपने परिवार के साथ दुबई गए थे, जहां दिल का दौरा पड़ने के कारण 12 मई को उनका निधन हो गया। 

चुनाव आयोग ने तीन नवंबर को यहां उपचुनाव कराने का फैसला लिया है। इसके लिए शिंदे गुट और भाजपा ने मिलकर यहां से पूर्व पार्षद मुरजी पटेल को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है। पटेल के सामने उद्धव गुट का उम्मीदवार भी होगा। उद्धव गुट को कांग्रेस, एनसीपी का भी समर्थन मिला है। उद्धव ठाकरे के हटने और शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये पहला चुनाव है। ऐसे में दोनों गुटों के लिए ये चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। 



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