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ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट में बंद 11 साल का मासूम बाहर निकलने की जद्दोजहद करता रहा। उसकी कोई सुनने वाला नहीं था। कुछ ही देर बाद बेबस और बेचैन हो गया। बार-बार अलार्म का बटन दबाता रहा लेकिन कोई मदद नहीं मिली। थक-हारकर कभी बैठ जाता तो कभी सिर या कमर पर हाथ रखकर सोचने लगता था कि बाहर निकल पाऊंगा या नहीं। ग्रेनो वेस्ट की पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी के टावर एस की लिफ्ट में मंगलवार रात की घटना की सीसीटीवी फुटेज में बेटे की बेचैनी और बेबसी को देखकर मां मंजू सिंह भी सिहर उठी। उनकी आंखों में आंसू आ गए। मां का कहना है कि उसका बेटा 50 मिनट तक लिफ्ट में फंसा रहा था। शनिवार को पुलिस की जांच में पता चला है कि बच्चा रात 10:43 बजे लिफ्ट में फंसा था और 11:32 बजे उसे बाहर निकाला गया। बच्चे की मां मंजू सिंह ने बताया कि मेंटेनेंस टीम ने सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाई थी।
शनिवार को पुलिस के दखल के बाद फुटेज देखने को मिली। लिफ्ट में बंद होने के बाद बेटा बेबस नजर आ रहा था। कई बार बैठा तो लिफ्ट के अंदर इधर-उधर चक्कर लगाता दिखा। उसकी हालत देखी नहीं गई। फुटेज देखकर मन भर आया।
…मम्मी मुझे बाहर निकालो
उन्होंने बताया कि लिफ्ट झटके के साथ रुकी थी। घटना के बाद से बेटे का व्यवहार बदल गया है। वह ज्यादा बात नहीं करता। लिफ्ट में जाने से डर रहा है। घर में अकेला नहीं रह सकता। बेटे ने बताया था कि वह सोच रहा था कि बाहर निकल पाएगा या नहीं और कैसे निकलेगा।
मनोवैज्ञानिक से कराएंगे बेटे की काउंसलिंग
मां ने बताया कि बेटा अभी काफी सहमा हुआ है। उसके मन में डर बैठ गया है। मेंटेनेंस टीम से फुटेज मांगी थी ताकि मनोवैज्ञानिक को दिखाकर काउंसलिंग कराई जा सके लेकिन फुटेज नहीं दी।
अब पुलिस की जांच के दौरान शनिवार को फुटेज मिली है। बेटे की काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि वह इस डर से बाहर निकल सके। अभी वह स्कूल भी नहीं जा रहा है। बच्चा छठी कक्षा का छात्र है।
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