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03:50 PM, 11-Oct-2022

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पत्नी साधना सिंह के साथ उज्जैन के तमाम मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे।
– फोटो : सोशल मीडिया
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार सुबह ही उज्जैन पहुंच गए थे। पत्नी साधना सिंह भी साथ हैं। सीएम ने सारी तैयारियों का जायजा लिया और कई जरूरी निर्देश दिए। साथ ही वे उज्जैन के कई मंदिरों में पहुंचे। वहां पूजन किया। शिप्रा तट पर वे पूजन करने पहुंचे थे।
सीएम ने कहा कि आज हर गांव में दीपक जलाए जा रहे हैं। मंदिर सजाए जा रहे हैं। शाम को पूजा-उपासना, भजन, कीर्तन, शंख, घंटे की ध्वनि एक उत्सव का वातावरण है। सब अपनी आंखों से श्री महाकाल लोक का लोकार्पण ऑनलाइन भी देखना चाहते हैं क्योंकि सब उज्जैन नहीं पहुंच सकते। मुख्यमंत्री ने कहा आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेश की धरती पर साढ़े आठ करोड़ की जनता की तरफ से मैं स्वागत करता हूं। वह हमारी प्रेरणा है। श्री महाकाल लोक के पीछे भी उनकी प्रेरणा रही है।
03:42 PM, 11-Oct-2022

बाबा महाकाल के गर्भग्रह को फूलों से सजाया गया है।
– फोटो : सोशल मीडिया
मंदिर परिसर को सजाने के लिए देशभर से फूल मंगवाए गए हैं। मंदिर से जुड़े अफसरों से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय व्यापारियों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से फूल मंगवाए हैं। सोमवार शाम से सभामंडपम्, नंदी हॉल, कार्तिकेय, गणेश मंडपम् को फूलों से सजाने का काम शुरू कर दिया था। दर्शनार्थी आज कार्तिकेय मंडप से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।
03:20 PM, 11-Oct-2022
PM Modi Ujjain Visit Live: प्रधानमंत्री मोदी कुछ देर बाद करेंगे महाकाल लोक का लोकार्पण, सीएम पहुंचे
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आज हर तरफ दीपावली के दिन जैसी रौनक नजर आ रही है। आज 11 अक्टूबर का दिन न सिर्फ उज्जैन और मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है। करीब 356 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए श्री महाकाल लोक के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है। आज यानि मंगलवार 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री महाकाल लोक के प्रथम चरण का लोकार्पण कर इसे देश की जनता को समर्पित करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारी अब अंतिम दौर में है। शाम करीब 6:30 बजे महाकाल लोक का लोकार्पण करेंगे।
विजयादशमी पर शाही ठाठ-बाट के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकलने के साथ ही महाकाल लोक के सात दिवसीय लोकार्पण समारोह की शुरुआत हुई थी। महाकाल लोक को वास्तविक बनाने के लिए बहुत जतन किए गए हैं। महाकाल लोक के आर्किटेक्ट कृष्णमुरारी शर्मा का कहना है कि महाकाल मंदिर में एक समय में 15 हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए बहुत कुछ किया जाना था। महाकाल के साथ शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर और प्राचीन रुद्रसागर का वैभव लौटाना भी हमारा लक्ष्य था। हमने मई 2017 में काम शुरू किया। तीन महीनों में पहली डिजाइन तैयार हुई, जिसमें 40 से ज्यादा बड़े बदलाव हुए। आम तौर पर बड़े त्योहारों पर महाकाल मंदिर में 15 हजार से अधिक श्रद्धालु एक समय में रहते हैं। हमारी टीम ने दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के रुकने का प्लान तैयार किया है।
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