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रूसी सेना की ओर से सोमवार को यूक्रेन के कई शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए गए हैं। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोगों के मरने और घायल होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने भी युद्ध को लेकर चिंता जाहिर की है।
विदेश मंत्रालय ने बयान में क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत, यूक्रेन में संघर्ष बढ़ने से बहुत चिंतित है, इसमें बुनियादी ढांचे और नागरिकों को लक्षित करना शामिल है। हम दोहराना चाहते हैं कि शत्रुता बढ़ाना किसी के हित में नहीं है। हम शत्रुता को तत्काल समाप्त करने के लिए तत्काल कूटनीति और संवाद के रास्ते पर लौटने की अपील करते हैं। भारत तनाव को कम करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
भारत ने कहा- हम अपने स्टैंड पर शुरुआत से ही कायम
बयान में कहा गया कि भारत संघर्ष के शुरुआत से ही अपने उस स्टैंड पर कायम है जो वैश्विक व्यवस्था, संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों पर आधारित है।
बता दें कि रूस की ओर से यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर महीनों पर बाद बड़े हमले किए गए हैं। रूसी सेना सत्तर से ज्यादा मिसाइले कीव और अन्य शहरों में दागीं। इससे पहले क्रीमिया से रूस को जोड़ने वाले एक ब्रिज पर विस्फोट हुआ था और इसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ‘आतंकवादी कृत्य’ करार दिया था।
जेलेंस्की बोले- दुनिया ने आतंकी देश का असली चेहरा देखा
रूसी हमलों की कुछ तस्वीरों को ट्वीटर पर साझा करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने लिखा- दुनिया ने एक बार फिर एक आतंकवादी देश का असली चेहरा देखा, जो युद्ध के मैदान और शांतिपूर्ण शहरों में हमारे लोगों को मार रहा है। एक ऐसा देश जो शांति की बात करके अपने असली खूनी लक्ष्य को ढक देता है। इससे सिद्ध होता है कि मुक्ति ही शांति और सुरक्षा का एकमात्र आधार है।
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