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असम में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ा, डिब्रूगढ़ के कई हिस्सों में जलभराव।
– फोटो : ANI
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दिल्ली-एनसीआर में लगातार जारी बारिश के दौर के बीच सोमवार को सभी शहरों की हवा साफ श्रेणी में दर्ज हुई है। इस सीजन में पहली बार है जब सभी शहरों की हवा साफ श्रेणी में पहुंची है। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि बारिश के मौसम की वजह से अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता में अधिक बदलाव होने की संभावना नहीं है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में बारिश से राहत के आसार अभी नहीं दिख रहे। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए फिर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश की चेतावनी की वजह से लखनऊ में बारहवीं कक्षा तक के सभी बच्चों के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। सोमवार को भी स्कूल बंद रहे। साथ ही तेलंगाना के कई जिलों में अगले दो से तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
सबसे साफ हवा गाजियाबाद की दर्ज की गई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सबसे साफ हवा 19 एक्यूआई के साथ गाजियाबाद की दर्ज की गई है। वहीं, ग्रेटर नोएडा का 26 व गुरुग्राम का 29 एक्यूआई रहा। केंद्र की वायु मानक संस्था सफर के मुताबिक, 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 42 फीसदी हिस्सेदारी रही। पीएम 10 का स्तर 19 व पीएम 2.5 का स्तर 10 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों में हवा की रफ्तार आठ से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की जा सकती है। हवा की गुणवत्ता साफ श्रेणी में बनी रहेगी। बता दें कि एक दिन पहले नोएडा को छोड़कर पूरे दिल्ली-एनसीआर की हवा साफ श्रेणी में दर्ज हुई थी। नोएडा की हवा 55 एक्यूआई के साथ संतोषजनक श्रेणी में रिकॉर्ड की गई थी।
दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई
| शहर | एक्यूआई |
| दिल्ली | 44 |
| फरीदाबाद | 31 |
| गाजियाबाद | 19 |
| ग्रेटर नोएडा | 26 |
| गुरुग्राम | 29 |
| नोएडा | 49 |
बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ माना जाता है।
यूपी के कई जिलों में आज भी अलर्ट
उत्तर प्रदेश के गोंडा, बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में ऑरेंज (अत्यधिक), जबकि 58 जिलों में येलो (भारी) अलर्ट जारी किया गया है। उधर, रविवार शाम सात बजे से सोमवार सुबह 8.50 बजे तक 130 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। लखनऊ समेत कुछ जिलों में दोपहर एक बजे से मौसम साफ होने से लोगों को कुछ राहत मिली।
गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर व आसपास भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, बुधवार को लखनऊ समेत कई इलाकों को चेतावनी से बाहर कर प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदासनगर समेत कई जिलों में गरज चमक का अनुमान है। बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर और आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है। इससे पहले पांच अक्तूबर को 38.8 मिमी बारिश हुई थी। वहीं, एक से 10 अक्तूबर तक सबसे ज्यादा बारिश श्रावस्ती (404.7 मिमी), लखीमपुर खीरी (323.7 मिमी) और बाराबंकी (275.0 मिमी) में हुई है।
14 तक गड़बड़ रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने 14 अक्तूबर तक बारिश के आसार जताए हैं, लेकिन 13 और 14 को कोई चेतावनी नहीं दी है। 15 और 16 तक पूर्वी यूपी में बूंदाबांदी जबकि पश्चिमी यूपी में राहत के आसार हैं।
- दशक का रिकॉर्ड टूटा, 18 घंटे में बरसा 116 मिमी. पानी
- पिछले 12 वर्षों के अक्तूबर में इतना पानी नहीं बरसा, जितना इस बार एक दिन में गिर गया
- 84.8 मिमी. कुल बारिश हुई थी वर्ष 2009 में अक्तूबर में
- 44.6 मिमी. सबसे ज्यादा गिरा था 26 अक्तूबर 2009 को
- 137.9 मिमी. पानी बरसा इस साल एक से दस अक्तूबर तक
लखनऊ के लिए आज भी येलो अलर्ट
लखनऊ में रविवार शाम से शुरू हुई बारिश ने बीते एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जितना पानी वर्ष 2009 से लेकर 2021 तक अक्तूबर में पूरे माह नहीं बरसा, उतना इस बार महीने के एक दिन में बरस गया। रविवार शाम सात बजे से सोमवार दोपहर एक बजे तक बिना रुके लगातार पानी गिरा। इन 18 घंटों में लखनऊ में 116 मिमी. बरसात रिकॉर्ड की गई। मंगलवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
धूप के बाद फिर काले बादलों का डेरा
सोमवार दोपहर एक बजे बारिश थम गई। दो बजे धूप खिली देख सभी को आश्चर्य हो गया, लेकिन फिर एक घंटे में काले बादलों ने डेरा डाल लिया। हालांकि, इसके बाद बारिश नहीं हुई। पारा सामान्य से करीब 10 डिग्री कम होकर 24.3 डिग्री दर्ज हुआ। रात के तापमान में भी कमी आई और यह 21.1 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
पंचांग गणना दे रही बारिश में कमी के संकेत
ज्योतिषाचार्य धीरेंद्र पांडेय के मुताबिक, अभी तक सूर्य हस्त नक्षत्र में था। यह चंद्रमा का नक्षत्र है, जिससे मूसलाधार बारिश हो रही थी। मंगलवार सुबह से सूर्य चित्र नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इसका स्वामी मंगल है। मंगल अग्नितत्व ग्रह है। ऐसे में अब बारिश धीरे-धीरे कम होगी।
तेलंगाना के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) हैदराबाद की निदेशक डॉ के नागरत्ना ने बताया कि वर्तमान में समसामयिक स्थितियों से संकेत मिलता है कि उत्तरी तमिलनाडु और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक सीधा चक्रवाती तूफान का परिसंचरण हो रहा है। इस सीधे चक्रवाती परिसंचरण से रायलसीमा, तेलंगाना, विदर्भ और पश्चिम मध्य प्रदेश के साथ एक ट्रफ रेखा चल रही है। उन्होंने बताया कि इसके प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों तक तेलंगाना के कई जिलों के कई हिस्सों में, विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी और उत्तरपूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उसके बाद, उत्तरी तेलंगाना में बारिश में कमी आएगी, लेकिन बारिश के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी जिलों की ओर बढ़ने की संभावना है। तेलंगाना के पश्चिमी और उत्तरी जिलों में मंगलवार के लिए येलो अलर्ट और राज्य के पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश की संभावना है।
असम में बढ़ा ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर
असम में लगातार हो रही बारिश की वजह से ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ गया है। साथ ही डिब्रूगढ़ के कई हिस्सों में जलभराव हुआ है।
ग्वालियर में भारी बारिश
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
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