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आगरा में बारिश के बाद मौसम के अजब रंग देखने को मिल रहे हैं। बुधवार की सुबह जब लोग सोकर उठे तो कोहरा देखकर चौंक गए। बारिश के बाद कोहरे से सर्दी का एहसास होने लगा। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता भी कम रही। यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेववे पर कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी रही। वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ी। कोहरे की चादर में ताजमहल भी छिप गया। सुबह-सुबह ताज का दीदार करने पहुंचे पर्यटक मौसम का यह नजारा देखकर दंग रह गए। उन्हें ताज के साथ सेल्फी लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। करीब आठ बजे रॉयल गेट से ताजमहल का दीदार हुआ। आगरा में ही नहीं, आसपास के जिलों में भी कोहरा छाया रहा। हालांकि सुबह आठ बजे के बाद जब कोहरा हटा तो बादलों की लुकाछिपा फिर से शुरू हो गई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को बादल छाए रहेंगे। गुरुवार से साफ मौसम रहने का अनुमान है।
आगरा जिले में इस बार अक्तूबर माह में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। अक्तूबर माह में औसत 29.4 एमएम बारिश होती है, लेकिन इस बार 70.7 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मूसलाधार बारिश के कारण जहां शहर में सैलाब जैसे हालात हो गए थे, तो वहीं देहात में फसलें बर्बाद हो गईं।
मंगलवार को मौसम साफ रहा। धूप खिली रही। मौसम में नमी बने रहने से बुधवार की सुबह कोहरा छा गया। तापमान में गिरावट होने से लोगों को अभी से सर्दी का अहसान होने लगा है। बुधवार को सुबह न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। ये सामान्य से दो डिग्री कम है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार को बादल छाए रहेंगे। इसके बाद 13 से 17 अक्तूबर तक मौसम साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। गुरुवार को करवा चौथ का पर्व है। मौसम साफ रहने से व्रती सुहागिनों को चांद का दीदार हो सकेगा।
आगरा के अलावा मथुरा, कासगंज, एटा और फिरोजाबाद में भी सुबह-सुबह कोहरा छाया रहा। कासगंज में कोहरे के बीच स्कूली छात्र स्कूल गए। फिरोजाबाद में दिसंबर जनवरी जैसे मौसम की स्थिति रही। इन जिलों में तापमान में गिरावट आई।
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