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जिंदगी में अगर प्यार है तो तकरार भी है… लेकिन कभी-कभी यही तकरार इतनी गहरी रार में बदल जाती है कि रिश्ता टूटने तक की नौबत आ जाती है। अमर उजाला की सीरीज ‘इश्क-विश्क’ में आज की प्रेम कहानी कुछ ऐसी ही है। इसमें मोहब्बत है तो इश्क की नजाकत और नफासत भी है। कहानी एक आम लड़के की है, जो एक सुपरस्टार की बेटी पर दिल हार बैठता है, लेकिन एक दिन तलाक भी दे देता है। यह कहानी है धनुष और सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या की, जो इश्क के तूफान पर सवार होकर सात फेरों के बंधन में बंधी और तलाक की दहलीज छूकर वापस लौट आई। यकीन मानिए, यह कहानी पूरी फिल्मी है…
कहानी साल 2003 से शुरू होती है। बैक-टू-बैक दो हिट फिल्में दे चुके धनुष अपनी तीसरी फिल्म के पहले शो के दौरान बेहद घबराए हुए थे। फिल्म देखने आए सभी स्टार्स के रिव्यू सुन रहे थे। अचानक उनकी नजरें सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या से टकराती हैं और दोनों पहली नजर की मोहब्बत में गिरफ्तार हो जाते हैं। परिवार-दोस्तों की मौजूदगी में दोनों भले ही एक-दूसरे से बात नहीं कर पाते, लेकिन आंखों-आंखों में इजहार-ए-मोहब्बत कर देते हैं।
बात करने का मौका तलाश रहीं ऐश्वर्या ने पहल करते हुए धनुष को एक बुके भेजा। एक इंटरव्यू के दौरान धनुष ने अपनी पहली मुलाकात का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि ऐश्वर्या ने बुके भेजकर मुझे मेरी फिल्म ‘काढाल कोंडे’ के लिए बधाई दी और संपर्क में रहने के लिए कहा। बस मैंने ऐश्वर्या की इस बात को बेहद गंभीरता से ले लिया।
धीरे-धीरे दोनों की मुलाकातों का सिलसिला बढ़ने लगा। अभी दोनों के बीच का प्यार परवान चढ़ ही रहा था कि मीडिया को इसकी भनक पड़ गई और दोनों के अफेयर की खबरें छपने लगीं। ऐश्वर्या और धनुष दोनों अच्छे खानदान से थे। ऐसे में जब दोनों के अफेयर की खबरें सुर्खियां बटोरने लगीं, तब उनके परिवारों ने दोनों की शादी का एलान कर दिया।
18 नवंबर 2004 को ऐश्वर्या-धनुष की शादी पारंपरिक तमिल रीति-रिवाजों से हुई। दोनों को आशीर्वाद देने अमिताभ बच्चन से लेकर हेमा मालिनी तक कई सितारे पहुंचे। रजनीकांत ने बड़ी धूमधाम से अपनी बेटी को विदा किया।
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