Home Breaking News UK: ताजपोशी पर कोहिनूर नहीं पहनेंगी रानी कैमिला, भारतीय अफसरों ने कहा- इससे औपनिवेशिक अतीत की यादें लौटेंगी

UK: ताजपोशी पर कोहिनूर नहीं पहनेंगी रानी कैमिला, भारतीय अफसरों ने कहा- इससे औपनिवेशिक अतीत की यादें लौटेंगी

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UK: ताजपोशी पर कोहिनूर नहीं पहनेंगी रानी कैमिला, भारतीय अफसरों ने कहा- इससे औपनिवेशिक अतीत की यादें लौटेंगी

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राजा चार्ल्स और उनकी पत्नी रानी कैमिला (फाइल फोटो)।

राजा चार्ल्स और उनकी पत्नी रानी कैमिला (फाइल फोटो)।
– फोटो : सोशल मीडिया

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ब्रिटेन में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद शाही परिवार में किंग चार्ल्स तृतीय अब इंग्लैंड के नए राजा और उनकी पत्नी कैमिला नई रानी हैं। नए राजा की ताजपोशी से पहले भारत के कोहिनूर हीरे को रानी कैमिला द्वारा न पहनने की बात सामने आई है। भारत की सत्तारूढ़ पार्टी के अफसरों ने बुधवार रात दावा किया कि रानी कैमिला के ताज में विवादास्पद कोहिनूर हीरे का इस्तेमाल औपनिवेशिक अतीत की दर्दनाक यादें वापस ला सकता है।

बता दें, विवादास्पद गहना अगले साल किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक में प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। इसमें क्वीन कंसोर्ट समारोह के दौरान दिवंगत क्वीन मदर का ताज पहनना था लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अब यह योजना बदल गई है। माना जा रहा है कि राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण नई रानी को राज्याभिषेक के दौरान कोहिनूर हीरे वाला ताज नहीं पहनाया जाएगा। जबकि शाही परिवार के पुरुष सदस्य इसके ‘शापित’ होने की अफवाहों की वजह से इसे नहीं पहनते हैं। द टेलीग्राफ से एक पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि कैमिला के राज्याभिषेक व कोहिनूर मुकुट के इस्तेमाल से औपनिवेशिक अतीत की दर्दनाक यादें ताजा होंगी। इसलिए नई योजना बनाई जा सकती है।

गहना भारत को लौटाने की मांग
भारत के इस बेशकीमती टुकड़े में 2,800 हीरे हैं जिनमें 105 कैरेट का प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी है। यह दुनिया के सबसे बड़े कटे हुए हीरों में से एक है। यह भारत के अंतिम सिख सम्राट द्वारा महारानी विक्टोरिया को दिया गया था। लेकिन उपहार देने पर विवाद है और भारत में गहना वापस करने की मांग की जा रही है। शाही परिवार में इस हीरे को ‘शापित’ मानते हुए विचार है कि जो भी पुरुष इसे पहनता है उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। इसलिए इसे रानियां पहनती हैं।

स्वामित्व विवाद को लेकर ‘घबराहट’
किंग चार्ल्स तृतीय का राज्याभिषेक 6 मई 2023 को वेस्टमिंस्टर एब्बे में होना है। इसमें महारानी कंसोर्ट के साथ राजा को ताज पहनाया जा सकता है। लेकिन कुछ भारतीयों को इस हीरे का इस्तेमाल ब्रिटिश साम्राज्यवादी दिनों में वापस ले जा सकता है। हालांकि ‘डेली मेल’ को पता चला है कि इस बारे में शाही परिवार के भीतर हीरे के स्वामित्व को लेकर जारी विवाद के कारण ‘घबराहट’ भी है। इस हीरे पर कुछ अन्य देश भी दावा जताते हैं।

विस्तार

ब्रिटेन में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद शाही परिवार में किंग चार्ल्स तृतीय अब इंग्लैंड के नए राजा और उनकी पत्नी कैमिला नई रानी हैं। नए राजा की ताजपोशी से पहले भारत के कोहिनूर हीरे को रानी कैमिला द्वारा न पहनने की बात सामने आई है। भारत की सत्तारूढ़ पार्टी के अफसरों ने बुधवार रात दावा किया कि रानी कैमिला के ताज में विवादास्पद कोहिनूर हीरे का इस्तेमाल औपनिवेशिक अतीत की दर्दनाक यादें वापस ला सकता है।

बता दें, विवादास्पद गहना अगले साल किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक में प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। इसमें क्वीन कंसोर्ट समारोह के दौरान दिवंगत क्वीन मदर का ताज पहनना था लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अब यह योजना बदल गई है। माना जा रहा है कि राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण नई रानी को राज्याभिषेक के दौरान कोहिनूर हीरे वाला ताज नहीं पहनाया जाएगा। जबकि शाही परिवार के पुरुष सदस्य इसके ‘शापित’ होने की अफवाहों की वजह से इसे नहीं पहनते हैं। द टेलीग्राफ से एक पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि कैमिला के राज्याभिषेक व कोहिनूर मुकुट के इस्तेमाल से औपनिवेशिक अतीत की दर्दनाक यादें ताजा होंगी। इसलिए नई योजना बनाई जा सकती है।

गहना भारत को लौटाने की मांग

भारत के इस बेशकीमती टुकड़े में 2,800 हीरे हैं जिनमें 105 कैरेट का प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी है। यह दुनिया के सबसे बड़े कटे हुए हीरों में से एक है। यह भारत के अंतिम सिख सम्राट द्वारा महारानी विक्टोरिया को दिया गया था। लेकिन उपहार देने पर विवाद है और भारत में गहना वापस करने की मांग की जा रही है। शाही परिवार में इस हीरे को ‘शापित’ मानते हुए विचार है कि जो भी पुरुष इसे पहनता है उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। इसलिए इसे रानियां पहनती हैं।

स्वामित्व विवाद को लेकर ‘घबराहट’

किंग चार्ल्स तृतीय का राज्याभिषेक 6 मई 2023 को वेस्टमिंस्टर एब्बे में होना है। इसमें महारानी कंसोर्ट के साथ राजा को ताज पहनाया जा सकता है। लेकिन कुछ भारतीयों को इस हीरे का इस्तेमाल ब्रिटिश साम्राज्यवादी दिनों में वापस ले जा सकता है। हालांकि ‘डेली मेल’ को पता चला है कि इस बारे में शाही परिवार के भीतर हीरे के स्वामित्व को लेकर जारी विवाद के कारण ‘घबराहट’ भी है। इस हीरे पर कुछ अन्य देश भी दावा जताते हैं।



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