[ad_1]

मुलायम सिंह यादव
– फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
विस्तार
सपा संस्थापक के जाने के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट खाली हो गई है। चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक छह माह बाद अप्रैल तक इस सीट पर उपचुनाव होगा। सपा की टिकट पर सैफई परिवार से इस सीट के लिए दावेदार तय करना अखिलेश के लिए मुश्किल भरा फैसला होगा। नेताजी के बाद अखिलेश के सामने न सिर्फ पार्टी बल्कि परिवार को साधने की भी चुनौती होगी। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि शिवपाल खुद इस सीट पर दावेदारी कर सकते हैं। 2019 में उन्होंने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई थी।
नेताजी का नाम फिर आगे आने से ऐसा नहीं हो सका था। मुलायम के बाद अब परिवार की एकजुटता को बनाए रखने के लिए शिवपाल इस सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी सीट पर 1996, 2004, 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की थी। इस सीट पर सपा की मजबूत पकड़ को देखते हुए अखिलेश ने भी 2022 के विधानसभा चुनाव में इसी लोकसभा की करहल विधानसभा सीट चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की।
[ad_2]
Source link