Home Breaking News मसाले निकाल रहे जेब का ‘तेल’: मिर्च हुई लाल, नमक पड़ा फीका… सौंफ बना ‘सपना’ और हजारी हुए लौंग-इलायची

मसाले निकाल रहे जेब का ‘तेल’: मिर्च हुई लाल, नमक पड़ा फीका… सौंफ बना ‘सपना’ और हजारी हुए लौंग-इलायची

0
मसाले निकाल रहे जेब का ‘तेल’: मिर्च हुई लाल, नमक पड़ा फीका… सौंफ बना ‘सपना’ और हजारी हुए लौंग-इलायची

[ad_1]

मसाले पर महंगाई की मार

मसाले पर महंगाई की मार
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

त्योहारी मौसम में अतिरिक्त खर्चों के साथ-साथ खाद्य वस्तुओं के लगातार बढ़ रहे दाम से रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। गैस सिलिंडर, तेल, दाल, आटा तो पहले से ही महंगे हैं, अब मसालों पर भी महंगाई की मार है। एक साल में मसालों के भाव में 40 फीसदी तक वृद्धि हुई है। इस महंगाई का कारण पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों को बताया जा रहा है।
 

नमक, जीरा, धनिया, लाल मिर्च के साथ बड़ी इलायची भी महंगी हो गई है। सौंफ के भाव एक साल में दोगुना से अधिक हो गए हैं। वहीं, बारिश के बाद सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। इधर, कंपनियों ने भी दाम पहले जितना रखने के लिए पैकेट में सामग्री का वजन कम कर दिया है।

इसकी मार ग्राहकों पर पड़ रही है। शहर के किराना कारोबारी लोकेश कुमार ने बताया कि कोरोना काल के बाद से खाने-पीने की चीजें लगातार महंगी हुई हैं। मसाले महंगे होने से लोग परेशान हैं। किराना व्यापारी अतुल कुमार गुप्ता ने बताया कि महंगाई का असर त्योहार पर दिखाई पड़ रहा है, लोग अब अपने बजट के अनुसार ही रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं।

बोलीं महिलाएं ..
कोरोना काल के बाद से बाजार में हर सामान महंगा हुआ है। अब तो सब्जी और दाल, मसाले तक महंगे हो गए हैं। इससे घर का खर्च तक चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। – राधा गुप्ता, देहलीगेट, गृहणी

रसोई में राशन और मसालों की जरूरत होती है, लेकिन महंगाई के चलते रसोई का बजट गड़बड़ाया हुआ है। किसी तरह घर का खर्च चलाया जा रहा है। राशन और मसालों पर महंगाई कम होनी चाहिए।
– प्रगति अत्रे, ग्रीन पार्क, गृहणी

खाद्य तेल के साथ दाल व रसोई गैस महंगी होती जा रही हैं। हर चीज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। सरकार को महंगाई काबू करने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।
– गीतिका वार्ष्णेय, महावीर पार्क

महंगाई से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। तेल, दाल और रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। नहीं तो यह आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएंगे। – मोनिका राघव, टीकाराम कॉलेज परिसर

मसालों की कीमतों में अंतर (रुपये प्रति किलो ग्राम)

मसाला अक्तूबर -2021 अक्तूबर 2022
लाल मिर्च 200 रुपये 280 रुपये
धनिया 100 रुपये 160 रुपये
जीरा 200 रुपये 300 रुपये
हल्दी 80 रुपये 110 रुपये
काली मिर्च 600 रुपये 650 रुपये
लौंग 800 रुपये 1000 रुपये
बड़ी इलायची 600 रुपये 1000 रुपये
सौंफ 80 रुपये 170 रुपये
नमक 20 रुपये 25 रुपये

 

त्योहारी मौसम में अतिरिक्त खर्चों के साथ-साथ खाद्य वस्तुओं के लगातार बढ़ रहे दाम से रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। गैस सिलिंडर, तेल, दाल, आटा तो पहले से ही महंगे हैं, अब मसालों पर भी महंगाई की मार है। एक साल में मसालों के भाव में 40 फीसदी तक वृद्धि हुई है। इस महंगाई का कारण पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों को बताया जा रहा है।

 



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here