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Andheri East bypoll: जानिए कैसे अंधेरी ईस्ट के उपचुनाव में उद्धव ठाकरे ने पहले ही मार ली बाजी

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Andheri East bypoll: जानिए कैसे अंधेरी ईस्ट के उपचुनाव में उद्धव ठाकरे ने पहले ही मार ली बाजी

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Andheri East bypoll: BJP's Murji Patel and Shiv Sena's Rutuja Latke

Andheri East bypoll: BJP’s Murji Patel and Shiv Sena’s Rutuja Latke
– फोटो : Agency

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राजनीति और शतरंज में कब बाजी पलट जाए कहा नहीं जा सकता। महाराष्ट्र से राजनीति की जो खुशबू महसूस हो रही है, वह किसी नई फिजां का संकेत देने लगी है। शिवसेना की अंधेरी ईस्ट से उम्मीदवार ऋतुजा लटके का अब निर्विरोध चुना जाना तय है। दिल्ली से मिली हरी झंडी के बाद भाजपा ने अपने उम्मीदवार मुरजी पटेल का नामांकन ही वापस नहीं लिया, बल्कि यह भी घोषित कर दिया कि पटेल निर्दलीय उम्मीदवार भी नहीं होंगे। जबकि इस सीट के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा था। बताते हैं राजनीति की यह पटकथा भी बड़े करीने से लिखी गई।

कैसे शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की राह हुई आसान

ऋतुजा लटके के पति रमेश लटके अंधेरी ईस्ट से ही विधायक थे। रमेश परिवार के साथ दुबई गए थे और हृदय पक्षाघात में उनका देहांत हो गया था। ऋतुजा बीएमसी में क्लर्क थीं और उद्धव ने इस्तीफा दिलाकर उन्हें अंधेरी ईस्ट से उम्मीदवार बनाया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऋतुजा का इस्तीफा मंजूर न होने देने के लिए बीएमसी पर पूरा जोर लगा दिया था। इधर भाजपा ने पटेल को उम्मीदवार बनाया। महाराष्ट्र हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ही ऋतुजा का इस्तीफा मंजूर हो सका और वह उम्मीदवार बन पाईं। कहानी तो इसके बाद शुरू हुई।

सूत्र बताते हैं कि रास्ता बनाने में महाराष्ट्र के एक शीर्ष उद्योगपति की पत्नी ने भूमिका निभाई। वह उद्धव ठाकरे की पत्नी की भी दोस्त हैं। अपने घर कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे को उन्होंने आमंत्रित किया। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी निमंत्रण था। बताते हैं वातावरण सही था और वहां कोई 40-45 मिनट की रश्मि और फडणवीस में बात हो गई। मध्यस्थता करने वाले चाहते थे कि शिवसेना और भाजपा में खिंची तलवार का दौर खत्म होना चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि रश्मि ने एक शर्त ऋतुजा लटके के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार के पर्चा वापसी की रख दी थी। फडणवीस ने कोशिश करने का भरोसा दे दिया था। कहा तो यहां तक जाता है कि रोडमैप में आगे के लिए भी काफी कुछ चर्चा हुई है।

फडणवीस ने बुना सियासी जाल, रश्मि ने भी चलाए तीर

बताते हैं कि भाजपा नेता और राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजनीति के पत्ते बड़े बारीकी से फेंटे हैं। उन्होंने पहले दिल्ली से हरी झंडी ली। इसके बाद इसकी भूमिका के लिए दो किरदार भी तैयार हुए। पहले मनसे के नेता राज ठाकरे। राज ठाकरे ने एक चिट्ठी फडणवीस को लिखी। उन्होंने ऋतुजा लटके का समर्थन करने और शिवसेना की विधायक उम्मीदवार को निर्विरोध चुने जाने का आग्रह किया। आग्रह किया कि भाजपा अंधेरी ईस्ट का उपचुनाव न लड़े। दूसरी अपील एकनाथ शिंदे गुट के विधायक प्रताप सरनाईक ने की थी। सरनाइक ने यह अपील एकनाथ शिंदे से की थी। हालांकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी भाजपा से ऋतुजा लटके के विरुद्ध उतारे गए उम्मीदवार को वापस लेने की अपील की थी। राजनीति में बन रहे इस इंद्रधनुषी कलेवर में उप मुख्यमंत्री फडणवीस का निर्णय लेना स्वाभाविक था। लिहाजा भाजपा अध्यक्ष चंद्र शेखर बावनकुले ने अधिकारिक घोषणा करके इस अध्याय को उद्धव ठाकरे की जीत में बदल दिया।

अंदर की कहानी शिवसेना की जुबानी…

शिवसेना के उद्धव गुट के एक शीर्ष नेता ने कहा कि अंधेरी ईस्ट के रमेश लटके बड़े जनप्रिय नेता थे। हमें दुख है कि वह हमारे बीच नहीं हैं। सूत्र का कहना है कि ऋतुजा लटके की उम्मीदवारी रोकने के लिए बड़े कांटे बिछाए गए। क्योंकि सभी को पता था कि स्व. रमेश लटके की पत्नी ऋतुजा को हरा पाना मुश्किल है। वैसे भी अंधेरी ईस्ट शिवसेना का गढ़ माना जाता है। सूत्र का कहना है कि जब वह हाईकोर्ट के आदेश के बाद उम्मीदवार हो गईं, तो अब विरोधियों के पास इज्जत बचाने का कोई चारा नहीं था। उद्धव सरकार के मंत्री का कहना है कि अब इसमें आगे क्या बोलना। देर आए, दुरुस्त आए। रहा सवाल मीडिया का तो वह कोई न कोई कहानी गढ़ लेता है।

विस्तार

राजनीति और शतरंज में कब बाजी पलट जाए कहा नहीं जा सकता। महाराष्ट्र से राजनीति की जो खुशबू महसूस हो रही है, वह किसी नई फिजां का संकेत देने लगी है। शिवसेना की अंधेरी ईस्ट से उम्मीदवार ऋतुजा लटके का अब निर्विरोध चुना जाना तय है। दिल्ली से मिली हरी झंडी के बाद भाजपा ने अपने उम्मीदवार मुरजी पटेल का नामांकन ही वापस नहीं लिया, बल्कि यह भी घोषित कर दिया कि पटेल निर्दलीय उम्मीदवार भी नहीं होंगे। जबकि इस सीट के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा था। बताते हैं राजनीति की यह पटकथा भी बड़े करीने से लिखी गई।

कैसे शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की राह हुई आसान

ऋतुजा लटके के पति रमेश लटके अंधेरी ईस्ट से ही विधायक थे। रमेश परिवार के साथ दुबई गए थे और हृदय पक्षाघात में उनका देहांत हो गया था। ऋतुजा बीएमसी में क्लर्क थीं और उद्धव ने इस्तीफा दिलाकर उन्हें अंधेरी ईस्ट से उम्मीदवार बनाया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऋतुजा का इस्तीफा मंजूर न होने देने के लिए बीएमसी पर पूरा जोर लगा दिया था। इधर भाजपा ने पटेल को उम्मीदवार बनाया। महाराष्ट्र हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ही ऋतुजा का इस्तीफा मंजूर हो सका और वह उम्मीदवार बन पाईं। कहानी तो इसके बाद शुरू हुई।

सूत्र बताते हैं कि रास्ता बनाने में महाराष्ट्र के एक शीर्ष उद्योगपति की पत्नी ने भूमिका निभाई। वह उद्धव ठाकरे की पत्नी की भी दोस्त हैं। अपने घर कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे को उन्होंने आमंत्रित किया। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी निमंत्रण था। बताते हैं वातावरण सही था और वहां कोई 40-45 मिनट की रश्मि और फडणवीस में बात हो गई। मध्यस्थता करने वाले चाहते थे कि शिवसेना और भाजपा में खिंची तलवार का दौर खत्म होना चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि रश्मि ने एक शर्त ऋतुजा लटके के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार के पर्चा वापसी की रख दी थी। फडणवीस ने कोशिश करने का भरोसा दे दिया था। कहा तो यहां तक जाता है कि रोडमैप में आगे के लिए भी काफी कुछ चर्चा हुई है।

फडणवीस ने बुना सियासी जाल, रश्मि ने भी चलाए तीर

बताते हैं कि भाजपा नेता और राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजनीति के पत्ते बड़े बारीकी से फेंटे हैं। उन्होंने पहले दिल्ली से हरी झंडी ली। इसके बाद इसकी भूमिका के लिए दो किरदार भी तैयार हुए। पहले मनसे के नेता राज ठाकरे। राज ठाकरे ने एक चिट्ठी फडणवीस को लिखी। उन्होंने ऋतुजा लटके का समर्थन करने और शिवसेना की विधायक उम्मीदवार को निर्विरोध चुने जाने का आग्रह किया। आग्रह किया कि भाजपा अंधेरी ईस्ट का उपचुनाव न लड़े। दूसरी अपील एकनाथ शिंदे गुट के विधायक प्रताप सरनाईक ने की थी। सरनाइक ने यह अपील एकनाथ शिंदे से की थी। हालांकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी भाजपा से ऋतुजा लटके के विरुद्ध उतारे गए उम्मीदवार को वापस लेने की अपील की थी। राजनीति में बन रहे इस इंद्रधनुषी कलेवर में उप मुख्यमंत्री फडणवीस का निर्णय लेना स्वाभाविक था। लिहाजा भाजपा अध्यक्ष चंद्र शेखर बावनकुले ने अधिकारिक घोषणा करके इस अध्याय को उद्धव ठाकरे की जीत में बदल दिया।

अंदर की कहानी शिवसेना की जुबानी…

शिवसेना के उद्धव गुट के एक शीर्ष नेता ने कहा कि अंधेरी ईस्ट के रमेश लटके बड़े जनप्रिय नेता थे। हमें दुख है कि वह हमारे बीच नहीं हैं। सूत्र का कहना है कि ऋतुजा लटके की उम्मीदवारी रोकने के लिए बड़े कांटे बिछाए गए। क्योंकि सभी को पता था कि स्व. रमेश लटके की पत्नी ऋतुजा को हरा पाना मुश्किल है। वैसे भी अंधेरी ईस्ट शिवसेना का गढ़ माना जाता है। सूत्र का कहना है कि जब वह हाईकोर्ट के आदेश के बाद उम्मीदवार हो गईं, तो अब विरोधियों के पास इज्जत बचाने का कोई चारा नहीं था। उद्धव सरकार के मंत्री का कहना है कि अब इसमें आगे क्या बोलना। देर आए, दुरुस्त आए। रहा सवाल मीडिया का तो वह कोई न कोई कहानी गढ़ लेता है।



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