Home Sports क्रिकेट के ‘भगवान’ ने क्या कभी रनर का सहारा लिया… पाकिस्तान के खिलाफ T20 WC मैच को क्यों किया याद? समझिए

क्रिकेट के ‘भगवान’ ने क्या कभी रनर का सहारा लिया… पाकिस्तान के खिलाफ T20 WC मैच को क्यों किया याद? समझिए

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क्रिकेट के ‘भगवान’ ने क्या कभी रनर का सहारा लिया… पाकिस्तान के खिलाफ T20 WC मैच को क्यों किया याद? समझिए

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मुंबई. भारत के दिग्गज बल्लेबाज रहे सचिन तेंदुलकर ने विकेटों के बीच दौड़ने के लिए हमेशा खुद पर ही भरोसा किया. दरअसल, वे यह मानते थे कि शॉट खेलने वाला बल्लेबाज ही सही तरीके से समझ सकता है कि बॉल किस दिशा में और किस गति से जाएगी. यही वजह है कि उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में सिर्फ एक बार ही रनर का इस्तेमाल किया. ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने कहा, ‘एक सवाल है जो कई लोग मुझसे पूछते हैं कि मैंने अपने लिए दौड़ने के लिए एक रनर को क्यों पसंद नहीं किया? ऐसा क्यों था कि 24 साल के करियर में, मैंने सिर्फ एक बार इसका इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप के मैच में किया था, जब वीरेंद्र सहवाग मेरे लिए रनर बनकर मैदान पर आए थे? इसका जवाब एक क्रिकेट मिथक या परंपरा से जुड़ा है जिससे मैं सहमत नहीं हूं.’

अपने प्रशंसकों के बीच ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन ने इंडियन एक्सप्रेस के लिए लिखे अपने कॉलम में कहा, ‘ऐसा कहा जाता है कि जब गेंद स्टंप के सामने होती है तो स्ट्राइकर की कॉल होती है और जब गेंद पॉपिंग क्रीज के पीछे लुढ़कती है तो नॉन-स्ट्राइकर की कॉल होती है. मैं निश्चित रूप से इससे सहमत नहीं हूं. गेंद जहां भी होती है, वह बल्लेबाज की कॉल होती है. जैसा कि आप जानते हैं कि आपने कैसे खेला है, आपने शॉट को कितना तेज मारा है, क्या यह गैप में जाएगा या नहीं – किसी और के मुकाबले बल्लेबाजों को गेंद की दिशा के बारे में ज्यादा पता होता है.’

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पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, ‘तो जाहिर तौर पर यह बल्लेबाज की ही कॉल है. क्या गेंद शॉर्ट फाइन लेग फील्डर या बैकवर्ड स्क्वेयर लेग फील्डर को हराने में कामयाब होगा? इसे बल्लेबाज से बेहतर कोई नहीं जानता. यही कारण था कि मैं रनर को पसंद नहीं करता था क्योंकि मुझे सबसे अच्छा पता होता था कि कब दौड़ना है और कब नहीं?’

उन्होंने आगे कहा, ‘पाकिस्तान के खिलाफ उस विश्व कप के मैच में भी, मैंने उस हालात में भी कुछ रन लिए थे – जहां मैं अच्छी तरह से नहीं दौड़ सकता था – क्योंकि मुझे लगता है कि शारीरिक रूप से कम फिट होने पर भी मैं दूसरे आदमी की तुलना में तेज़ हूं. जैसे ही गेंदबाज ने गेंद डाली, मेरे दिमाग में मुझे पता है कि मैंने इसे एक या दो रन के लिए खेला है, लेकिन रनर ये नहीं सोच सकता. और दिमाग में आई यह प्रतिक्रिया ही मुझे एक अहम शुरुआत देती है.’

Tags: Sachin teandulkar, T20 World Cup, T20 World Cup 2022, Team india

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