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खुद को निर्भया जैसी दरिंदगी का शिकार बताने वाली नर्स के साथ ऐसी कोई वारदात नहीं हुई थी। उसने यह झूठी कहानी लगभग 56 लाख कीमत का मकान हड़पने के लिए रची थी। इसलिए, जिन पांच युवकों के साथ मकान पर विवाद चल रहा है, उन्हें ही नामजद कराया था।
साजिश उन्हें जेल भिजवाकर मकान पर कब्जा करने की थी। इसका मास्टरमाइंड नर्स का करीबी दोस्त प्रोपर्टी डीलर आजाद है। उसने अपने दो दोस्त गौरव और अफजाल की मदद से पूरा नाटक रचा। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को प्रपंच से पर्दा उठा दिया।
मंगलवार को नर्स के भाई ने नंदग्राम थाने में शाहरुख, जावेद, औरंगजेब, दीनू और धौला के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नर्स ने भाई को बताया था कि पांचों ने उसे 16 की रात आश्रम रोड से स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर अगवा किया और दो दिन जंगल में रखकर दुष्कर्म किया। उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी। जान से मारने के लिए उसे बोरी में बंद करके आश्रम रोड पर ही सड़क किनारे फेंक दिया।
पुलिस ने सबसे पहले पांचों नामजद आरोपियों की लोकेशन चेक की तो पता चला कि वे गाजियाबाद में ही नहीं थे। इसके बाद नर्स की लोकेशन चेक की गई तो जानकारी मिली कि वह 16 की रात ही दिल्ली पहुंच गई थी और वहां से 18 की रात वापस आई। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि सामूहिक दुष्कर्म की कहानी झूठी है। उसके साथ आजाद, गौरव और अफजाल की लोकेशन भी बदलती गई। पुलिस ने आजाद को पकड़कर पूछताछ की तो सच सामने आ गया। इसके बाद बाकी दोनों को पकड़ लिया गया। नर्स को फिलहाल आरोपी नहीं बनाया गया है। अस्पताल से छुट्टी मिल जाने पर उससे पूछताछ होगी।
सरकार पर दबाव बनाना भी था साजिश का हिस्सा
आजाद की साजिश का हिस्सा यूपी सरकार पर इतना दबाव बना देना था कि वह तुरंत कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाए और पांचों आरोपियों को जेल भेज दे। उसने दिल्ली के एक युवक को पेटीएम से इसके लिए भुगतान भी किया था। उससे कहा था कि वह घटना के बारे में वीडियो बनाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को भेजे। इसीलिए, इस कहानी में प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाले जाने की बात जोड़ी गई।
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