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Russia-Ukraine war: रूस छोड़कर क्यों भाग रहे लोग, मॉस्को की सड़कों पर पसरा सन्नाटा, कहां गए लाखों नागरिक?

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Russia-Ukraine war: रूस छोड़कर क्यों भाग रहे लोग, मॉस्को की सड़कों पर पसरा सन्नाटा,  कहां गए लाखों नागरिक?

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रूस में युवक को पकड़कर ले जाती पुलिस।

रूस में युवक को पकड़कर ले जाती पुलिस।
– फोटो : अमर उजाला

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। पता चला है कि रूस के कई शहरों से लाखों की संख्या में पुरुषों ने पलायन कर दिया है। ये पुरुष घर छोड़कर दूसरे देश भाग चुके हैं। बड़ी संख्या में अभी भी पलायन जारी है। अब ज्यादातर केवल महिलाएं और बुजुर्ग ही बचे हैं। जिन सड़कों पर लोगों का भारी हुजूम रहा करता था, अब वहां भी सन्नाटा पसरा हैं। बार, पब में ज्यादातर महिलाएं ही दिखती हैं। 

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि एक झटके में रूस के ज्यादातर पुरुष दूसरे देश भाग गए? क्यों ये पलायन हुआ? घर छोड़ने वाले पुरुष किन-किन देशों में पहुंचे हैं? आइए जानते हैं…
 
आखिर क्यों पलायन को मजबूर हैं रूस के पुरुष?
न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसको लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें दावा किया गया है कि यूक्रेन युद्ध के चलते रूस में सैनिकों की कमी पड़ गई है। ऐसे में सरकार ने रूसी पुरुषों को जबरन सेना में सेवा देने के लिए कहा है। युवाओं को पकड़कर सेना में भर्ती किया जा रहा है और उन्हें युद्ध के लिए यूक्रेन भेज दिया जाता है। 

इसके डर से बड़ी संख्या में लोग घर छोड़कर दूसरे देश भाग रहे हैं। दो लाख से ज्यादा लोग अकेले कजाकिस्तान भाग गए हैं, क्योंकि यहां जाने के लिए रूसियों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा जॉर्जिया, आर्मेनिया, अजरबैजान, इजरायल, अर्जेंटीना और पश्चिमी यूरोप के कई देशों में रूस के लोग पहुंच रहे हैं। पलायन करने वाले ज्यादातर रूसी पुरुष हैं। 

न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में रूस की 33 वर्षीय फोटोग्राफर स्टानिस्लावा ने इसके बारे में काफी कुछ बताया है। उन्होंने कहा, ‘हाल ही में मैंने जन्मदिन की पार्टी दी थी। तब मुझे लगा कि अब रूस महिलाओं का देश हो गया है। पार्टी की तैयारी करते समय मैं कुछ फर्नीचर ले जाने में मेरी मदद करने के लिए पुरुष मित्रों की तलाश कर रही थी। उस वक्त मुझे एहसास हुआ कि उनमें से लगभग सभी चले गए थे।’ 

इसी तरह मध्य मॉस्को में स्थित चॉप-चॉप सैलून में आमतौर पर भारी भीड़ रहा करती थी। ग्राहकों की लंबी कतारें लगती थीं, लेकिन अब ये पूरी तरह से खाली रहता है। दिन भर में एक से दो कस्टमर ही आते हैं। इस सैलून की मैनेजर ओला कहती हैं, ‘आमतौर पर यहां काफी भीड़ होती थी। लेकिन अब हमारे आधे से ज्यादा ग्राहक देश छोड़कर चले गए हैं। सैलून में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी भी देश छोड़कर चले गए हैं। कोई भी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फैसले से खुश नहीं है। कोई भी यूक्रेन से चल रहे युद्ध में नहीं जाना चाहता है।’ 

ओला कहती हैं कि उनके ब्वॉयफ्रेंड ने भी इसी डर से रूस छोड़ दिया है। ओला ने बताया कि अब सड़कों पर लोगों की आईडी चेक होती है। जो उन्हें बेहतर लगता है, उसे वह पकड़ लेते हैं और युद्ध की ट्रेनिंग देना शुरू कर देते हैं। कोई नहीं जानता है कि पुतिन के इस आदेश के बाद कितने लोग रूस छोड़कर जा चुके हैं, लेकिन हकीकत ये है कि अब पूरा का पूरा शहर खाली सा हो गया है। 
 
स्थानीय लोगों की कहानी, जानिए उन्हीं की जुबानी
लिजा नाम की एक महिला ने मीडिया को अपनी पूरी कहानी बताई है। उनका कहना है कि उनके पति एक मल्टीनेशनल कंपनी के वकील थे। उन्हें सरकार ने सेना में अनिवार्य सेवा देने का नोटिस दिया। जिसके चलते उन्हें नौकरी छोड़कर पश्चिमी यूरोपीय देश की तरफ भागना पड़ा। लिजा बताती हैं कि वह अपने पति के साथ नहीं जा पाईं, क्योंकि उनके दो बच्चे हैं जो स्कूल जाते हैं और बुजुर्ग मां-बाप की देखभाल करनी थी। 

लिजा कहती हैं, ‘मेरे जैसे सैकड़ों-हजारों महिलाएं हैं जो अब अकेली हो गईं हैं। बहुत सी महिलाओं के पति या बच्चों को अनिवार्य सेवा के लिए ले जाया गया। उनमें से कुछ की मौत भी हो गई। कुछ लोग इस डर से देश छोड़कर ही भाग गए।’

27 साल की एकातेरिना कहती हैं कि उनके 25 साल के पति को युद्ध के लिए प्रशिक्षण देने के लिए बुलाया गया है। पति ने युद्ध पर जाने से पहले घर के लिए राशन का इंतजाम शुरू कर दिया है। एकातेरिना कहती हैं, वह और उनके पति लगातार कोशिश कर रहे थे कि ऐसा न हो। 

एकातेरिना कहती हैं कि युद्ध से ज्यादा अच्छा कुछ दिन जेल में रहना ठीक था। क्योंकि जेल में कम से कम जिंदा तो रहने की उम्मीद थी। युद्ध में तो मौत ही होगी। 
 
कारोबार ठप हुआ, शहर के शहर खाली हो गए
पुरुषों के रूस छोड़ने के कारण कई शहर खाली हो गए हैं। इससे आर्थिक तौर पर भी रूस को काफी नुकसान पहुंचा है। कई व्यवसाय और कारोबार पूरी तरह से ठप हो गए हैं। मंदी की हालत हो गई है। होटल, रेस्टोरेंट, मॉल व अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में 30 से 35 प्रतिशत की कमी आई है। कोमर्सेंट अखबार के अनुसार, रूस के सबसे बड़े ऋणदाता बैंक ने अकेले सितंबर में 529 शाखाएं बंद कर दीं। कई डाउनटाउन स्टोर फ्रंट खाली हो गए हैं। 
 
बॉर्डर सील होने का डर, पड़ोसी देशों में डेटिंग एप के यूजर्स बढ़े
एक तरफ लगातार रूस से पलायन जारी है। दूसरी तरफ लोगों को अब ये भी खतरा होने लगा है कि कहीं राष्ट्रपति पुतिन मार्शल लॉ लगाकर बॉर्डर सील न करवा दें। अगर ऐसा होता है तो बड़ी संख्या में लोग रूस में ही फंस जाएंगे। पुतिन ने हाल ही में 2.20 लाख लोगों को यूक्रेन युद्ध के लिए भेजने का एलान किया था। इन लोगों को पहले ट्रेनिंग दी गई थी। 

उधर, दूसरी ओर रूस से भागकर ये लोग जिन देशों में पहुंचे हैं, वहां की डेटिंग साइट्स पर यूजर्स बढ़ गए हैं। आर्मेनिया में डेटिंग ऐप माम्बा की डाउनलोडिंग 135% बढ़ गई है। जॉर्जिया और तुर्की में 110%, जबकि कजाकिस्तान में 32% ज्यादा डाउनलोडिंग हुई है।

वहीं, रूस में अब महिलाओं की संख्या अधिक हो गई है। आईटी कंपनी में काम करने वाली 36 साल की तातियाना कहती हैं कि कुछ दिन पहले वह अपने दोस्तों के साथ बिलियर्ड्स का खेल देखने पहुंची थीं। उस वक्त डेटिंग पूल 50% से ज्यादा खाली था, जबकि सामान्य दिनों में यहां भारी भीड़ रहा करती थी।

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। पता चला है कि रूस के कई शहरों से लाखों की संख्या में पुरुषों ने पलायन कर दिया है। ये पुरुष घर छोड़कर दूसरे देश भाग चुके हैं। बड़ी संख्या में अभी भी पलायन जारी है। अब ज्यादातर केवल महिलाएं और बुजुर्ग ही बचे हैं। जिन सड़कों पर लोगों का भारी हुजूम रहा करता था, अब वहां भी सन्नाटा पसरा हैं। बार, पब में ज्यादातर महिलाएं ही दिखती हैं। 

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि एक झटके में रूस के ज्यादातर पुरुष दूसरे देश भाग गए? क्यों ये पलायन हुआ? घर छोड़ने वाले पुरुष किन-किन देशों में पहुंचे हैं? आइए जानते हैं…

 



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