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दिवंगत सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की स्मृति में उनके पैतृक गांव सैफई में शुक्रवार को हवन और शांति पाठ हुआ। यह कार्यक्रम मृत्यु की बाद होने वाली रस्मों के तहत कराया गया। सपा संरक्षक की मृत्यु के 11वें दिन हवन और शांति पाठ अयोध्या, हरिद्वार और वृंदावन से आए पंडितों और संतों ने कराया। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बहू डिंपल यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। शिवपाल यादव, राम गोपाल यादव ने भी रस्म में हिस्सा लिया। रस्म प्रक्रिया पूरी होने के बाद 13 ब्राह्मणों को भोजन कराया गया और उन्हें दक्षिणा दी गई। गऊ दान भी करवाया गया। खाना बनाने के लिए कारीगर आगरा से बुलवाए गए थे। सपा संरक्षक का 10 अक्तूबर को निधन हो गया था और अगले दिन सैफई में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था।
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की आत्मा की शांति के लिए शुक्रवार को उनके आवास पर हवन और शांति पाठ हुआ। अयोध्या से आए महंतों की मौजूदगी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव समेत सभी परिजनों ने हवन में आहुतियां दीं। उनके संस्मरणों को साझा किया।
हवन के लिए आवास में बने पार्क में वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया था। सुबह नौ बजे अयोध्या से आए रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण सहित पांच पुरोहितों ने पूजन शुरू कराया। अखिलेश यादव ने पत्नी डिंपल यादव के साथ नेताजी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। लगभग चार घंटे तक चले हवन में सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, प्रतीक यादव, पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व सांसद अक्षय यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव मौजूद रहे। हवन के बाद अखिलेश और डिंपल ने ब्राह्मणों को भोज कराया।
कार्यक्रम में भाकियू नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि नेता जी किसानों के नेता थे। पूर्व सांसद पप्पू यादव भी हवन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि नेता जी हमेशा पिता सा स्नेह मिला। भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह ने राष्ट्रवाद को सबसे ऊपर रखा। यही वजह है कि अच्छे काम पर उन्होंने मोदी की तारीफ भी की। ये बड़े नेता का आचरण है। उनके स्मरणों से सीखता रहूंगा।
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल और सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रदेश महासचिव अमृत राजपाल ने अखिलेश यादव से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। मुलायम सिंह को नमन किया। पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री पंजाबी अकादमी उप्र के उपाध्यक्ष रहे हरपाल सिंह जग्गी ने सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ नेता जी के परिजनों को सांत्वना दी।
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