Home Breaking News FATF Grey List: चार साल बाद एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आया पाकिस्तान, पेरिस में हुई अहम बैठक में फैसला

FATF Grey List: चार साल बाद एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आया पाकिस्तान, पेरिस में हुई अहम बैठक में फैसला

0
FATF Grey List: चार साल बाद एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आया पाकिस्तान, पेरिस में हुई अहम बैठक में फैसला

[ad_1]

FATF

FATF
– फोटो : ANI

ख़बर सुनें

मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्त पोषण की जांच में विफल रहने के बाद साल 2018 से लगातार FATF की ग्रे सूची की जंजीर में जकड़े पाकिस्तान के लिए आज का दिन काफी अहम रहा। आखिरकार पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे सूची से बाहर आ ही गया। 

दरअसल, आतंकी फंडिंग व मनी लान्ड्रिंग मामलों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की पेरिस में बैठक हुई। इस बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने या न रखने को लेकर अंतिम फैसला हुआ। एफएटीएफ के मौजूदा अध्यक्ष सिंगापुर के टी. राजा कुमार ने रात करीब साढ़े आठ बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर किए जाने का एलान किया।

FATF के बयान के मुताबिक, पाकिस्तान  अब FATF की बढ़ी हुई निगरानी प्रक्रिया के अधीन नहीं है। वह धन शोधन विरोधी और आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण प्रणाली (AML/CFT) को और बेहतर बनाने के लिए एशिया/पैसिफिक ग्रुप (APG) ऑन मनी लॉन्ड्रिंग के साथ काम करना जारी रखेगा।

बयान में कहा गया कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने अपनी एएमएल/सीएफटी व्यवस्था में सुधार के लिए पाकिस्तान की महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया। पाकिस्तान ने अपनी एएमएल/सीएफटी व्यवस्था की प्रभावशीलता को मजबूत किया और एफएटीएफ की पहचान की गई रणनीतिक कमियों के संबंध में अपनी कार्य योजनाओं की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तकनीकी कमियों को दूर किया।

एफएटीएफ के मुताबिक, एफएटीएफ की पेरिस में एक पूर्ण बैठक में उच्च जोखिम वाले क्षेत्र पर भी चर्चा की गई। इसे आम भाषा में एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट कहा जाता है। म्यांमार को इस सूची में जोड़ा गया है। इसी तरह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC), तंजानिया और मोजाम्बिक को ग्रे सूची में जोड़ा गया है और निकारागुआ व पाकिस्तान को हटा दिया गया है।

FATF के अध्यक्ष टी राजा कुमार ने कहा कि FATF ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की बार-बार निंदा की है। इस सप्ताह पूर्ण चर्चा के बाद FATF ने अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है, जिसमें रूस को वर्तमान और भविष्य की परियोजनाओं से रोकना और FATF के क्षेत्रीय भागीदार निकायों की FATF सदस्य के रूप में बैठकों में भाग नहीं लेने देना शामिल है। 

इससे पहले हांगकांग स्थित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी निदेशक बसीर नवीद ने कहा था कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को 500 से अधिक कटे-फटे और अज्ञात शवों को संज्ञान में लेना चाहिए। शव पाकिस्तान के मुल्तान में एक सार्वजनिक अस्पताल की छत पर पाए गए थे।

बसीर ने कहा था कि मुल्तान सबसे बड़े छावनी शहरों में से एक है। नागरिक समाज और मानवाधिकार संगठनों का दृढ़ मत है कि ये शव उन लोगों के हैं जिन्हें विभिन्न सैन्य एजेंसियों द्वारा उठाया गया था और कई महीनों और वर्षों से गायब हो गए थे।

विस्तार

मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्त पोषण की जांच में विफल रहने के बाद साल 2018 से लगातार FATF की ग्रे सूची की जंजीर में जकड़े पाकिस्तान के लिए आज का दिन काफी अहम रहा। आखिरकार पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे सूची से बाहर आ ही गया। 

दरअसल, आतंकी फंडिंग व मनी लान्ड्रिंग मामलों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की पेरिस में बैठक हुई। इस बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने या न रखने को लेकर अंतिम फैसला हुआ। एफएटीएफ के मौजूदा अध्यक्ष सिंगापुर के टी. राजा कुमार ने रात करीब साढ़े आठ बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर किए जाने का एलान किया।

FATF के बयान के मुताबिक, पाकिस्तान  अब FATF की बढ़ी हुई निगरानी प्रक्रिया के अधीन नहीं है। वह धन शोधन विरोधी और आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण प्रणाली (AML/CFT) को और बेहतर बनाने के लिए एशिया/पैसिफिक ग्रुप (APG) ऑन मनी लॉन्ड्रिंग के साथ काम करना जारी रखेगा।

बयान में कहा गया कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने अपनी एएमएल/सीएफटी व्यवस्था में सुधार के लिए पाकिस्तान की महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया। पाकिस्तान ने अपनी एएमएल/सीएफटी व्यवस्था की प्रभावशीलता को मजबूत किया और एफएटीएफ की पहचान की गई रणनीतिक कमियों के संबंध में अपनी कार्य योजनाओं की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तकनीकी कमियों को दूर किया।

एफएटीएफ के मुताबिक, एफएटीएफ की पेरिस में एक पूर्ण बैठक में उच्च जोखिम वाले क्षेत्र पर भी चर्चा की गई। इसे आम भाषा में एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट कहा जाता है। म्यांमार को इस सूची में जोड़ा गया है। इसी तरह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC), तंजानिया और मोजाम्बिक को ग्रे सूची में जोड़ा गया है और निकारागुआ व पाकिस्तान को हटा दिया गया है।

FATF के अध्यक्ष टी राजा कुमार ने कहा कि FATF ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की बार-बार निंदा की है। इस सप्ताह पूर्ण चर्चा के बाद FATF ने अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है, जिसमें रूस को वर्तमान और भविष्य की परियोजनाओं से रोकना और FATF के क्षेत्रीय भागीदार निकायों की FATF सदस्य के रूप में बैठकों में भाग नहीं लेने देना शामिल है। 

इससे पहले हांगकांग स्थित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी निदेशक बसीर नवीद ने कहा था कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को 500 से अधिक कटे-फटे और अज्ञात शवों को संज्ञान में लेना चाहिए। शव पाकिस्तान के मुल्तान में एक सार्वजनिक अस्पताल की छत पर पाए गए थे।

बसीर ने कहा था कि मुल्तान सबसे बड़े छावनी शहरों में से एक है। नागरिक समाज और मानवाधिकार संगठनों का दृढ़ मत है कि ये शव उन लोगों के हैं जिन्हें विभिन्न सैन्य एजेंसियों द्वारा उठाया गया था और कई महीनों और वर्षों से गायब हो गए थे।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here