Home Breaking News सियासी ड्रामा: शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल को समर्थन आज, ताजपोशी से पहले विरोधियों को लगाया किनारे

सियासी ड्रामा: शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल को समर्थन आज, ताजपोशी से पहले विरोधियों को लगाया किनारे

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सियासी ड्रामा: शी जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल को समर्थन आज, ताजपोशी से पहले विरोधियों को लगाया किनारे

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।
– फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

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चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस में राष्ट्रपति शी को तीसरा कार्यकाल दिए जाने का प्रस्ताव शनिवार की बैठक में पेश किया गया जिस पर रविवार को अंतिम मुहर लगना तय माना जा रहा है। पार्टी कांग्रेस में शनिवार को केंद्रीय समिति का चुनाव करने और राष्ट्रपति को ज्यादा अधिकार देने के लिए संविधान में संशोधन समेत कई प्रस्ताव पारित करने के बाद सप्ताह भर से चल रहा सत्र समाप्त हुआ। बैठक की अध्यक्षता शी ने की। अब रविवार को पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक होगी। 

जिनपिंग ने ताजपोशी से पहले विरोधियों को लगाया किनारे
इससे पहले चीन में कांग्रेस की बैठक में बड़ा ड्रामा हुआ। चीन के ग्रेट हॉल में पार्टी कांग्रेस के समापन समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ (79) को जबरन उठाकर बाहर कर दिया गया। यही नहीं, शी के धुर विरोधी रहे प्रधानमंत्री ली केकियांग को 20वीं कांग्रेस के अंतिम दिन केंद्रीय समिति से हटा दिया गया। केकियांग पार्टी गतिविधियों से रिटायर कर दिए गए हैं।

समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति जिंताओ ग्रेट हॉल में आगे की सीट पर बैठे थे और उनके सामने शी जिनपिंग बैठे थे। कुछ देर के बाद सुरक्षाकर्मियों ने जिंताओ को जबरन पकड़कर बाहर निकाल दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने कुछ समझाना भी चाहा, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। उन्हें किन हालात में निकाला गया, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जिंताओ को जिनपिंग और केकियांग के कंधों पर हाथ रखते हुए देखा गया। जिंताओ 2013 में सेवानिवृत्त हो गए थे और इन दिनों बीमार हैं। शी उनके बाद राष्ट्रपति बने थे। उधर, चीनी प्रधानमंत्री व देश के दूसरे शीर्ष अधिकारी ली केकियांग समेत 4 अन्य नेताओं को पार्टी की सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के लिए होने वाले चुनाव में जगह नहीं दी गई है। शनिवार को चुनी गई समिति के 205 नए सदस्यों की सूची में भी इनका नाम नहीं है। जिनपिंग अब देश के सबसे शक्तिशाली नेता हो गए हैं।

आजीवन सत्ता में रह सकते हैं शी
जिनपिंग पार्टी संस्थापक माओत्से तुंग के बाद पहले चीनी नेता होंगे, जो सत्ता में तीसरे कार्यकाल तक कायम रहेंगे।  पर्यवेक्षकों का कहना है कि जिनपिंग माओ की तरह जीवनपर्यंत सत्ता में बने रह सकते हैं।

विस्तार

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस में राष्ट्रपति शी को तीसरा कार्यकाल दिए जाने का प्रस्ताव शनिवार की बैठक में पेश किया गया जिस पर रविवार को अंतिम मुहर लगना तय माना जा रहा है। पार्टी कांग्रेस में शनिवार को केंद्रीय समिति का चुनाव करने और राष्ट्रपति को ज्यादा अधिकार देने के लिए संविधान में संशोधन समेत कई प्रस्ताव पारित करने के बाद सप्ताह भर से चल रहा सत्र समाप्त हुआ। बैठक की अध्यक्षता शी ने की। अब रविवार को पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक होगी। 

जिनपिंग ने ताजपोशी से पहले विरोधियों को लगाया किनारे

इससे पहले चीन में कांग्रेस की बैठक में बड़ा ड्रामा हुआ। चीन के ग्रेट हॉल में पार्टी कांग्रेस के समापन समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ (79) को जबरन उठाकर बाहर कर दिया गया। यही नहीं, शी के धुर विरोधी रहे प्रधानमंत्री ली केकियांग को 20वीं कांग्रेस के अंतिम दिन केंद्रीय समिति से हटा दिया गया। केकियांग पार्टी गतिविधियों से रिटायर कर दिए गए हैं।

समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति जिंताओ ग्रेट हॉल में आगे की सीट पर बैठे थे और उनके सामने शी जिनपिंग बैठे थे। कुछ देर के बाद सुरक्षाकर्मियों ने जिंताओ को जबरन पकड़कर बाहर निकाल दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने कुछ समझाना भी चाहा, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। उन्हें किन हालात में निकाला गया, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जिंताओ को जिनपिंग और केकियांग के कंधों पर हाथ रखते हुए देखा गया। जिंताओ 2013 में सेवानिवृत्त हो गए थे और इन दिनों बीमार हैं। शी उनके बाद राष्ट्रपति बने थे। उधर, चीनी प्रधानमंत्री व देश के दूसरे शीर्ष अधिकारी ली केकियांग समेत 4 अन्य नेताओं को पार्टी की सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के लिए होने वाले चुनाव में जगह नहीं दी गई है। शनिवार को चुनी गई समिति के 205 नए सदस्यों की सूची में भी इनका नाम नहीं है। जिनपिंग अब देश के सबसे शक्तिशाली नेता हो गए हैं।

आजीवन सत्ता में रह सकते हैं शी

जिनपिंग पार्टी संस्थापक माओत्से तुंग के बाद पहले चीनी नेता होंगे, जो सत्ता में तीसरे कार्यकाल तक कायम रहेंगे।  पर्यवेक्षकों का कहना है कि जिनपिंग माओ की तरह जीवनपर्यंत सत्ता में बने रह सकते हैं।



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