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विवाद की वजह हरिद्वार जिले में हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हैं। चुनाव के दौरान पुलिस ने कई लोगों पर मुकदमें दर्ज किए। हरीश रावत की बेटी हरिद्वार ग्रामीण की विधायक अनुपमा रावत का आरोप है कि राजनीतिक साजिश के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरुद्व झूठे मुकदमें दर्ज किये गए। वे इन मुकदमों को वापस लेने की मांग कर रही हैं।
इस मांग के समर्थन में अनुपमा के पिता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी धरने पर इस हठ के साथ बैठ गए हैं कि जब तक मुकदमें वापस नहीं होंगे, वे डटे रहेंगे। अब उनका दिन और रात पुलिस थाने के मुख्य द्वार के बाहर कट रहा है। उन्होंने वहां अपना बिस्तर लगा दिया है। सुबह उठकर वे थाने के मुख्य गेट के बाहर ही योग अभ्यास आदि कर रहे हैं। ऐसा एक वीडियो सोशल मीडिया पर शनिवार को वायरल भी हुआ। इस वीडियो की सियासी हलकों में जमकर चर्चा हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार ने मुझे नया जीवन दिया है, तो मैं सोचता हूं कि समय आ गया है कि बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तकलीफ देने के, मैं ही अपने जीवन को अर्पित कर दूं।
मुख्यमंत्री की परीक्षा कर लेते हैं, वो मानवीय दृष्टि से सोचते हैं या विशुद्ध तौर से राजनीतिक दृष्टि से सोचते हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के हठयोग पर तंज किया कि लुंगी डांस से राजनीति नहीं चमकती। इसे उन्होंने ओछी राजनीति करार दिया। भट्ट ने कहा कि चुनाव के दौरान विघ्न और बाधाएं डालने के मामले में पुलिस में मुकदमें दर्ज किए।
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कहा कि यदि कोई उत्पीड़न की कार्रवाई हुई है तो इसके लिए न्यायालय है, जहां अपना पक्ष रखा जा सकता है। किसी पर भी दोषारोपण करना सर्वथा अनुचित है।
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