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शी जिनपिंग
– फोटो : अमर उजाला
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शी जिनपिंग एक बार फिर से चीन के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस के 20वें अधिवेशन के समापन के ठीक बाद शी जिनपिंग को लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुन लिया गया। जिनपिंग को पार्टी का महासचिव भी चुना गया है। चीन में इस पद पर चुने जाने वाला नेता ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का कमांडर भी रहता है।
कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद शी जिनपिंग पहले राष्ट्रपति हैं जिन्हें लगातार तीसरी बार कार्यकाल मिला है। इसके पहले माओत्से तुंग ने करीब तीन दशक तक चीन पर शासन किया था। अब तो कहा जा रहा है कि जिनपिंग भी माओ की तरह जीवनभर सत्ता में बने रहना चाहते हैं।
खैर, तीसरा कार्यकाल मिलने से ये तो साफ हो गया है कि जिनपिंग की ताकत पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बढ़ गई है। पार्टी के अंदर और सरकार में अब उनका कोई विरोध करने वाला भी नहीं बचा है। इस बार बैठक के दौरान उन्होंने अपने सभी विरोधियों को पार्टी से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया। यहां तक की चीन के प्रधानमंत्री, पूर्व राष्ट्रपति तक को बाहर कर दिया।
ऐसे में सवाल उठता है कि जिनपिंग की बढ़ती ताकत का भारत पर क्या असर पड़ेगा? चीन की कीतनी ताकत बढ़ेगी और जिनपिंग ने इसके लिए क्या-क्या तैयारियां कर रखी हैं? आइए जानते हैं…
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