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ऋषि सुनक-बोरिस जॉनसन
– फोटो : सोशल मीडिया
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ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब पूरी दुनिया जानना चाहती है, लेकिन बीते कुछ महीनों में जिस तरह से ब्रिटेन की राजनीति में उलटफेर हुए हैं, उसके चलते किसी पर भी दावा करना मुश्किल लग रहा है। हालांकि, मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और पूर्व चांसलर ऋषि सुनक के बीच ही माना जा रहा है। जबकि, दोनों की ओर से पीएम पद की उम्मीदवारी का दावा अभी तक नहीं किया गया है।
इन सबके बीच शनिवार को जॉनसन और सुनक आमने-सामने आए और कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व को लेकर दोनों के बीच चर्चा हुई। मामले से परिचित लोगों का कहना है कि दोनों के बीच समझौते को लेकर बातचीत हुई, जो वोटों के बंटवारे की आवश्यकता को समाप्त कर सकता है।
सांसदों की अपील पर दोनों नेता आए सामने
बता दें, पूर्व में हुए कुछ घटनाक्रमों के कारण ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन के बीच मतभेद सामने आ गए थे। हालांकि, इन मतभेदों को खत्म करने के लिए दोनों नेताओं से टोरी सांसदों ने अपील की थी, जिसके बाद दोनों नेता आमने-सामने आए। मामले पर करीब से नजर रखने वालों में से एक का कहना है कि दोनों के बीच एक समझौते पर मतभेद खत्म करने को लेकर चर्चा हुई, जिसमें उनमें से एक को प्रमुख के रूप में और दूसरे को वरिष्ठ कैबिनेट सहयेगी की स्थिति में देखा जा सकता है।
सुनक के पास 100 से अधिक सांसदों का समर्थन
भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद और पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने के लिए न्यूनतम नामांकन की सीमा को पार कर लिया है। उन्हें कंजर्वेटिव पार्टी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद के लिए 100 से अधिक नामांकन हासिल हो गए हैं। देश की पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद पद पर दावा करने वालों में ऋषि सुनक पहले हैं, जिन्होंने 100 सांसदों का समर्थन प्राप्त किया है। वहीं, जॉनसन सुनक से काफी पीछे चल रहे हैं, हालांकि उनके समर्थकों ने दावा किया कि उनके पास निजी तौर पर 100 से अधिक लोग हैं।
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