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05:55 PM, 25-Oct-2022
ग्रहण के खत्म होने के बाद जरूर करें ये कार्य…
– ग्रहण के खत्म होने के बाद गंगा स्नान करना चाहिए।
– ग्रहण के बाद दान करें।
– ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
– ग्रहण के बाद पूजा-पाठ करना चाहिए। पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
05:35 PM, 25-Oct-2022
अमृतसर से ग्रहण की तस्वीरें…
#PartialSolarEclipse seen in the sky of Amritsar, Punjab. The astronomical phenomenon today is visible over most of India apart from some parts in the northeast pic.twitter.com/T9ZG068YTG
— ANI (@ANI) October 25, 2022
05:13 PM, 25-Oct-2022
लखनऊ से आंशिक सूर्य ग्रहण की तस्वीरें…
#PartialSolarEclipse as seen in the sky of Lucknow in Uttar Pradesh. pic.twitter.com/ZO1dsiea7B
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) October 25, 2022
05:11 PM, 25-Oct-2022
दिल्ली से सूर्य ग्रहण की ऐसी तस्वीरें…
Partial solar eclipse underway, visible over most of India apart from some parts in the northeast
Visual from Delhi pic.twitter.com/J7M4Lwuv6i
— ANI (@ANI) October 25, 2022
05:07 PM, 25-Oct-2022
कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण की तस्वीरें
Haryana | Kurukshetra witnesses partial solar eclipse, devotees take holy dip during the eclipse pic.twitter.com/Gq3FDJ6XJd
— ANI (@ANI) October 25, 2022
05:04 PM, 25-Oct-2022
तस्वीरों में देखें देश के अलग-अलग शहरों से सूर्य ग्रहण
Partial solar eclipse as witnessed in Jammu (pic 1) and Amritsar (pic 2) pic.twitter.com/gnvxZ8Gntm
— ANI (@ANI) October 25, 2022
04:46 PM, 25-Oct-2022
देश में सूर्य ग्रहण जारी……जानें आप अपने शहर में कब तक देख पाएंगे… साल का आखिरी सूर्य ग्रहण
साल का आखिरी सूर्यग्रहण जारी…
| आपके शहर में सूर्य ग्रहण | कब से | कब तक |
| दिल्ली | शाम 4 बजकर 29 मिनट से | 5 बजकर 42 मिनट तक |
| अमृतसर | शाम 4 बजकर 19 मिनट से | 5 बजकर 48 मिनट तक |
| भोपाल | शाम 4 बजकर 49 मिनट से | 5 बजकर 46 मिनट तक |
| जयपुर | शाम 4 बजकर 31 मिनट से | 5 बजकर 49 मिनट तक |
| मुंबई | शाम 4 बजकर 49 मिनट से | 6 बजकर 09 मिनट तक |
| रायपुर | शाम 4 बजकर 51 मिनट से | 5 बजकर 31 मिनट तक |
| इंदौर | शाम 4 बजकर 42 मिनट से | 5 बजकर 53 मिनट तक |
| उदयपुर | शाम 4 बजकर 35 मिनट से | 6 बजकर 00 मिनट तक |
| लुधियाना | शाम 4 बजकर 22 मिनट से | 5 बजकर 44 मिनट तक |
| शिमला | शाम 4 बजकर 23 मिनट से | 5 बजकर 39 मिनट तक |
| लखनऊ | शाम 4 बजकर 36 मिनट से | 5 बजकर 29 मिनट तक |
| कोलकाता | शाम 4 बजकर 52 मिनट से | 5 बजकर 03 मिनट तक |
| चैन्नई | शाम 5 बजकर 14 मिनट से | 5 बजकर 44 मिनट तक |
| बेंगलुरू | शाम 5 बजकर 12 मिनट से | 5 बजकर 55 मिनट तक |
| पटना | शाम 4 बजकर 42 मिनट से | 5 बजकर 23 मिनट तक |
| गांधीनगर | शाम 4 बजकर 37 मिनट से | 6 बजकर 05 मिनट तक |
| देहरादून | शाम 4 बजकर 26 मिनट से | 5 बजकर 36 मिनट तक |
Partial solar eclipse underway, visible over most of India apart from some parts in the northeast
Visual from Delhi pic.twitter.com/J7M4Lwuv6i
— ANI (@ANI) October 25, 2022
04:32 PM, 25-Oct-2022
देश में आंशिक सूर्य ग्रहण जारी…
अमृतसर, श्रीनगर, जम्मू, वृंदावन, दिल्ली NCR समेत देश के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण देखा जा रहा है। 27 साल बाद दिवाली के बाद लगा आंशिक सूर्य ग्रहण। यह सूर्य ग्रहण भारत में 30 प्रतिशत जबकि रूस और चीन में यह 80 प्रतिशत सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
Partial solar eclipse as witnessed in Jammu (pic 1) and Amritsar (pic 2) pic.twitter.com/gnvxZ8Gntm
— ANI (@ANI) October 25, 2022
04:14 PM, 25-Oct-2022
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण जारी…अमृतसर में सबसे पहले दिखा सूर्य ग्रहण
भारत में अमृतसर में सबसे पहले दिखा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण। आइसलैंड में भारतीय समय के अनुसार दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से ग्रहण शुरू हो चुका है। शाम 4 बजकर 30 मिनट पर रूस में ग्रहण अपने चरम पर होगा और 6 बजकर 33 मिनट पर ग्रहण खत्म हो जाएगा। यह ग्रहण करीब 2 घंटे तक रहेगा। भारत के ज्यादतर हिस्सों में इस आंशिक सूर्य ग्रहण को देखा जा सकता है। सूर्यास्त के साथ ही ग्रहण खत्म हो जाएगा।
03:53 PM, 25-Oct-2022
विदेश में सूर्य ग्रहण जारी
यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कुछ भागों में साल का आखिरी आंशिक सूर्य ग्रहण जारी है।
सौजन्य: timeanddate.com
03:25 PM, 25-Oct-2022
सूर्य ग्रहण के दौरान जाप करने के मंत्र
सूर्य ग्रहण के दौरान लगातार जप करना चाहिए इन मंत्रों को…
1- “ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य:प्रचोदयात”
2- तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन।
हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥
3- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये
4- प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:॥
5- ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय
जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।।
6- विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिका नन्दना च्युत
दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥
03:08 PM, 25-Oct-2022
आज सूर्य ग्रहण के कारण कल होगी गोवर्धन पूजा और भाई दूज
इस बार दिवाली के बाद सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण गोवर्धन पूजा नहीं मनाई जा सके। अब 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा और भाई दूज दोनों ही एक साथ मनाई जाएगी। इसके बाद 8 नवंबर को साल का आखिरी चंद्रग्रहण होगा।
02:18 PM, 25-Oct-2022
ग्रहण के दौरान खाने-पीने की चीजों में क्यों रखते हैं तुलसी के पत्ते
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सभी तरह के खाने-पीने की चीजें अपवित्र हो जाती हैं। इस कारण से खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं ताकि सूर्य ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक और दूषित किरणें फैली हुई होती हैं जो सेहत के लिए हानिकारक मानी गई हैं। आयुर्वेद में तुलसी के पत्तों का बहुत ही महत्व होता है। तुलसी के पत्ते संजीवनी होते हैं। तुलसी में एंटी-बैक्टीरिया और आयरन तत्व बहुत होते हैं। इसका सेवन करने से व्यक्ति की इम्युनिटी बढ़ती है।
01:38 PM, 25-Oct-2022
दिल्ली NCR और उत्तर भारत के शहरों में इस समय शुरू होगा सूर्य ग्रहण
लोगों को दिवाली के बाद साल 2022 के आखिरी सूर्य ग्रहण का इंतजार है। अब से कुछ घंटों बाद ग्रहण आरंभ हो जाएगा। आइए जानते हैं दिल्ली समेत देश के उत्तरी हिस्सें में कितने बजे से शुरू होगा ग्रहण…
दिल्ली- शाम 4 बजकर 29 मिनट से शाम 5 बजकर 42 मिनट तक
अमृतसर- शाम 4 बजकर 19 मिनट से 5 बजकर 48 मिनट तक
भोपाल- शाम 4 बजकर 49 मिनट से 5 बजकर 46 मिनट तक
लखनऊ – शाम 4 बजकर 36 मिनट से 5 बजकर 29 मिनट तक
देहरादून- शाम 4 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक
शिमला- शाम 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक
01:02 PM, 25-Oct-2022
सूतक में क्यों नहीं होती भगवान की पूजा ?
अब से बस थोड़ी देर बाद आंशिक सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है, उसके पहले आज तड़के ही सूतक काल शुरू हो चुका है। शास्त्रों में सूतक लगने पर किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ग्रहण के दौरान सूतक लगने पर भगवान की पूजा-पाठ करना भी वर्जित होता है। दरअसल शास्त्रों में सू्र्य और चंद्रमा को प्रत्यक्ष देवता माना जाता है। ग्रहण के दौरान राहु-केतु सू्र्य और चंद्रमा को कुछ देर के लिए अपना ग्रास बना लेते हैं ऐसे में कुछ पलों के लिए राहु-केतु जैसे अशुभ ग्रह इन पर भारी रहते हैं। भगवान को कष्ट आने पर इसलिए उनकी पूजा नहीं की जाती क्योंकि ग्रहण के दौरान जब साधक भगवान की प्रार्थना करता है तो देवी-देवताओं को कष्ट में जागृति होना पड़ता है। इस कारण से ग्रहण के दौरान कष्ट को कम करने के लिए लगातार मंत्रों का जाप होता है।
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