[ad_1]
गोवर्धन पूजा पर बुधवार को संगमनगरी वृंदावन में तब्दील नजर आई। इस्कॉन मंदिर में उमड़े सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु झूमते-नाचते रहे। कहीं आरती उतारी गई तो कहीं छप्पन भोग अर्पित कर गिरिराज को नमन किया गया। बुधवार को घरों से लेकर मंदिरों तक सविधि गोवर्धन पूजा की गई। मुट्ठीगंज स्थित मुंशी रामप्रसाद की बगिया महिलाओं ने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की अल्पना बनाकर पूजन किया। इस दौरान अन्नकूट महोत्सव के रूप में 56 भोग लगाया गया। गिरिराज भगवान को रोली, अक्षत, चंदन, पान, मिष्ठान अर्पित किया गया।
122 वर्ष पुराने इस राधा कृष्ण मंदिर में अन्नकूट महोत्सव की झांकी देखते बनी। इस दौरान राधा कृष्ण का रंग-बिरंगे फूलों से भव्य शृंगार किया गया। मंदिर को झालरों से सजाया गया। शाम को आरती के बाद छप्पन भोग लगाया गया। झांकी दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही।
आतिशबाजी से खुशी का इजहार किया गया। बतौर मुख्य अतिथि केशव प्रसाद मौर्य ने आरती की। इनके अलावा विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, एमएलसी केपी श्रीवास्तव, विधायक गुरु प्रसाद मौर्या, पूर्व विधायक दीपक पटेल, एमएलसी निर्मला पासवान, केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष टीपी सिंह ने भी गिरिराज पूजन किया। मंदिर के पुजारी शिव बाबू द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कराया। स्वागत कुमार नारायण और राजेंद्र नारायण ने किया।
इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केशरवानी, काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, राजेश केशरवानी, सुमित श्रीवास्तव, शैलेंद्र मधुर मौजूद थे। इसी तरह इस्कॉन मंदिर में गोवर्धन पूजा पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं भजनों के बोल पर थिरकती रहीं। अलोपीबाग स्थित पंजाबी कॉलोनी के अलावा जगन्नाथ महोत्सव समिति की ओर से भी गोवर्धन पूजा की गई।
गोवर्धन पूजा पर बुधवार को निकली शोभायात्रा में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौैरान बाल कलाकारों की प्रस्तुुतियां यादगार रहीं। शोभायात्रा में कृष्ण-बलराम की झांकियों ने हर किसी का मन मोहा।ब्रजरस रसिक भजन मंडल एवं क्राइम प्रिवेंशन काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को लूकरगंज स्थित श्यामा सदन राधे-कृष्णा एनक्लेव से भगवान गोवर्धन की भव्य शोभायात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली गई। बग्गी पर श्रीकृष्ण के रूप में कृष्णा और बलराम के रूप में नक्षत्र द्विवेदी सवार थे। यह सजीव झांकी हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।
श्रीकृष्ण और बलराम के स्वरूपों के साथ गोपियां भी रथ पर सवार थीं। यात्रा में सैकड़ों भक्तजन शामिल हुए। शोभायात्रा में पीले वस्त्र में महिलाएं कलश लेकर आगे चल रहीं थीं। रास्ते भर जगह-जगह श्रीकृष्ण और बलराम का पूजन किया गया। इससे पहले श्यामा सदन में गाय के गोबर से बनीं गोवर्धन प्रतिमा का पूजन किया गया।
शोभायात्रा राधा कृष्ण एन्क्लेव से निकलकर लूकरगंज, खुल्दाबाद, हिम्मतगंज होते हुए श्यामा सदन पहुंची। वहां उनका पूजन कर स्वागत किया गया। इस दौरान बाल कलाकारों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें ओंकार दत्त गौतम, श्रुति निगम की ओर से सुंदर भजनों की प्रस्तुति की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का निर्देशन प्रीति सोनकर ने किया। साज सज्जा राधिका निगम ने की। हारमोनियम पर भास्कर कुशवाहा, ढोलक पर हर्ष कुशवाहा, उज्जवल निगम ने संगत दी। अंत में वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र कुमार तिवारी दुकान जी एवं अधिवक्ता दुर्गेश दुबे ने बाल कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किया। निम्बार्क आश्रम के महंत राधा माधव दास ने गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रकाश डाला। भजन मंडल के संचालक अतुल निगम ने आभार प्रकट किया।
[ad_2]
Source link