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रामपुर कोर्ट से बाहर आते आजम खां
– फोटो : अमर उजाला
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नफरती भाषण दिए जाने के मामले में निचली अदालत के फैसले को आजम खां सेशन कोर्ट में चुनौती देंगे। इसके लिए उन्होंने कानून के माहिरों से सलाह-मशविरा लेना शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही आजम खां की ओर से सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की जाएगी।
नफरती भाषण दिए जाने के मामले में एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) की कोर्ट ने आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद उनको अपील दाखिल होने तक उनको अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया था। आजम खां को सजा सुनाए जाने के बाद उनके वकीलों ने फैसले की कॉपी लेकर उसका अध्ययन करना शुरू कर दिया है। सूत्रों की माने तो आजम खां कानून के जानकारों के संपर्क में हैं और उनसे राय-मशविरा ले रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से भी राय ली है। ताकि पुख्ता तथ्यों के साथ इस फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी जा सके।
शुक्रवार को आजम खां के अधिवक्ताओं ने मुकदमे से संबंधित अभिलेख लिए और उनका अध्ययन किया। आजम खां इस मामले कोई कोर कसर नहीं उठा रखना चाह रहे हैं। क्योंकि कोर्ट के फैसले से उनके सियासी कॅरिअर पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दो साल से अधिक की सजा होने की स्थिति में उनकी विधानसभा की सदस्यता संकट में है। अपील के फैसले पर ही उनके सियासी सफर का भविष्य तय होगा।
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