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आगजनी की ये पहली घटना नहीं है, जिसने लोगों की जान को खतरे में डाल दिया है। इसके पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। पिछले साल आठ हजार से ज्यादा लोग ऐसे ही हादसों का शिकार हो गए थे। आज हम आपको ऐसे ही आंकड़ों के जरिए बताएंगे कि देश में हर साल कितने लोग आगजनी का शिकार होते हैं? किस राज्य में सबसे ज्यादा घटनाएं और मौतें होती हैं? आइए जानते हैं…
पहले पिछले साल का आंकड़ा देख लीजिए
पिछले साल यानी 2021 में आगजनी की 8,491 घटनाएं दर्ज हुईं हैं। ये आंकड़े नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी के हैं। इसके अनुसार, साल 2021 में आगजनी की अलग-अलग घटनाओं में कुल 8,348 लोग जिंदा जल गए और उनकी मौत हो गई। इनमें भी 50 प्रतिशत से ज्यादा मामले रेशिडेंशियल इमारतों और कॉलोनी में हुई है। राहत की बात ये है कि 2020 के मुकाबले इसमें 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। 2020 में 9,329 आगजनी की घटनाएं हुईं थीं।
आगजनी की घटनाओं के बारे में जानने के लिए हमने सरकारी आंकड़ों को खंगाला। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो यानी NCRB के मुताबिक 2017 से लेकर 2021 तक पांच साल में आग लगने की 55 हजार 353 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 54 हजार 280 लोगों की मौत हो गई।
सबसे ज्यादा 4348 आगजनी की घटनाएं रिहायशी इलाकों और इमारतों में हुईं। इसके बाद कॉमर्शियल इमारतों में 274, गाड़ियों में 241 घटनाएं हुईं। राहत की बात है कि साल दर साल आग लगने की घटनाओं और मृतकों की संख्या में गिरावट हो रही है।
| वर्ष | हादसे | मृतक |
| 2021 | 8,491 | 8,348 |
| 2020 | 9,329 | 9,110 |
| 2019 | 11,037 | 10,915 |
| 2018 | 13,099 | 12,748 |
| 2017 | 13,397 | 13,159 |
| कुल | 55,353 | 54,280 |
| राज्य | हादसे | मृतक |
| ओडिशा | 1248 | 1248 |
| मध्य प्रदेश | 1179 | 1178 |
| छत्तीसगढ़ | 702 | 702 |
| तमिलनाडु | 657 | 694 |
| कर्नाटक | 477 | 495 |
नोट : आंकड़े 2021 में हुई घटनाओं के हैं।
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