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एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे
– फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के कई नेताओं की सुरक्षा हटा दी गई है। हालांकि पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की सुरक्षा को बरकरार रखा गया है। शुक्रवार को सरकार के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कवर के बारे में सभी निर्णय पेशेवर रूप से खतरे को देखते हुए लिए गए हैं। इस कदम का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
इसकी सुरक्षा पहले की भांति
महाराष्ट्र सरकार ने विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के कई नेताओं की खतरे की आशंका का आकलन करने के बाद उनकी श्रेणीबद्ध सुरक्षा हटा दी है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सुरक्षा को बरकरार रखा गया है। सीएम ठाकरे के अलावा उनके परिवार के सदस्यों, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और उनकी बेटी और बारामती लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले सहित उनके परिजनों की सुरक्षा बरकरार रखी गई है, वहीं जयंत पाटिल, छगन भुजबल और जेल में बंद एनसीपी नेताओं जैसे एनसीपी नेताओं की सुरक्षा बरकरार रखी गई है।
इस श्रेणी में रखे गए ये नेता
उन्होंने बताया कि राकांपा विधायक जितेंद्र आव्हाड की सुरक्षा पूर्व की भांति रखी गई है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) के सचिव मिलिंद नार्वेकर को ‘वाई-प्लस-एस्कॉर्ट’ कवर दिया गया है। उनके अलावा विपक्ष के नेता विधानसभा अजीत पवार और पूर्व गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, दोनों राकांपा नेताओं को ‘वाई-प्लस-एस्कॉर्ट’ सुरक्षा कवर दिया गया है। वहीं कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।
इन नेताओं की सुरक्षा श्रेणी हटी
उन्होंने बताया कि नवाब मलिक, अनिल देशमुख, विजय वडेट्टीवार, बालासाहेब थोराट, नाना पटोले, भास्कर जाधव, सतेज पाटिल, धनजय मुंडे, सुनील केदारे, नरहरि जिरवाल और वरुण सरदेसाई जैसे नेताओं की सुरक्षा को हटा दिया गया है।
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