Home Breaking News IND vs SA Analysis: 133 के स्कोर पर भी खूब लड़े गेंदबाज, विराट-रोहित की गलती पड़ी भारी, जीती बाजी हार गया भारत

IND vs SA Analysis: 133 के स्कोर पर भी खूब लड़े गेंदबाज, विराट-रोहित की गलती पड़ी भारी, जीती बाजी हार गया भारत

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IND vs SA Analysis: 133 के स्कोर पर भी खूब लड़े गेंदबाज, विराट-रोहित की गलती पड़ी भारी, जीती बाजी हार गया भारत

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भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका
– फोटो : अमर उजाला

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टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का तीसरा मैच दक्षिण अफ्रीका के साथ था और टीम इंडिया को इस मैच में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 134 रन का लक्ष्य रखा। इस मैच में भारत के सभी बल्लेबाज फेल रहे, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने 40 गेंद पर 68 रन बनाकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफ्रीकी टीम को दबाव में डाल दिया, लेकिन खराब फील्डिंग की वजह से मैच भारत के हाथ से निकल गया। दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पांच विकेट से हराया। इस विश्व कप में यह भारत की पहली हार है।

विराट कोहली और रोहित ने शर्मा ने एडेन मार्करम को आउट करने के दो आसान मौके गंवाए और उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाकर मैच में दक्षिण अफ्रीका की वापसी करा दी। 134 रन का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने शुरुआती 10 ओवर में तीन विकेट खोकर 40 रन बनाए थे। अगले 10 ओवर में उसे जीत के लिए 94 रन की जरूरत थी, जबकि उनके तीन अहम बल्लेबाज आउट हो चुके थे। इस स्थिति में भारत की जीत तय नजर आ रही थी, लेकिन इसके बाद भारत ने दो मौकों पर खराब फील्डिंग की और टीम इंडिया यह मुकाबला हार गई।

खराब फील्डिंग पड़ी भारी
कोहली ने 12वें ओवर की पांचवीं गेंद 35 रन के स्कोर पर मार्करम का आसान कैच छोड़ा। इसके बाद रोहित शर्मा ने 13वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्करम को रन आउट करने का मौका छोड़ दिया। इस समय वह 36 रन पर खेल रहे थे। 15वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्करम ने लेग साइड पर शॉट खेला। गेंद लंबे समय तक हवा में थी, लेकिन गेंद विराट और हार्दिक के बीच में गिर गई। मार्करम तीन जीवनदान मिलने के बाद 41 गेंद में 52 रन बनाकर आउट हुए। भारत ने इस मैच में विकेट लेने के कई मौके गंवाए। 

17वें ओवर की तीसरी गेंद पर राहुल ने खराब समय पर डाइव लगाई और चौका नहीं रोक पाए। इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने कमाल किया, लेकिन फिल्डरों ने साथ नहीं दिया।

तेज गेंदबाजों ने दिलाई शानदार शुरुआत
इस मैच में भारतीय तेज गेंदबाजों ने अर्शदीप सिंह की अगुआई में शानदार प्रदर्शन किया। अर्शदीप ने अपने पहले ही ओवर में क्विंटन डी कॉक और राइली रूसो को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को बैकफुट में ढकेल दिया। भुवनेश्वर को भले ही विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने एक-एक रन के लिए अफ्रीकी बल्लेबाजों को तरसा दिया। इसका नतीजा यह रहा की तेम्बा बावुमा बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। 

दक्षिण अफ्रीका ने तीन रन के स्कोर पर दो अहम विकेट खो दिए थे और 24 रन के स्कोर पर तीसरा विकेट गिरने के बाद मध्यक्रम दबाव में आ गया। 10 ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट खोकर सिर्फ 40 रन बनाए थे। यह मैच जीतने के लिए दक्षिण अफ्रीका को अगले 10 ओवर में 94 रन की जरूरत थी, जबकि उनके तीन अहम बल्लेबाज आउट हो चुके थे। 133 रन का स्कोर बनाने के बावजूद भारत इस मैच में मजबूत स्थिति में आ चुका था और इसके लिए पूरी तरह भारतीय गेंदबाज जिम्मेदार थे। 

भारतीय तेज गेंदबाजों की रणनीति नहीं समझ पाई अफ्रीकी टीम
पर्थ की पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। यहां अतिरिक्त उछाल और तेज गति के साथ गेंद बल्लेबाज की तरफ आती है। इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में अतिरिक्त तेज गेंदबाज खिलाया था। शुरुआत से ही दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने पटकी हुई गेंदें की और उन्हें इसका फायदा भी मिला। 

भारतीय गेंदबाज इसी पिच पर अलग रणनीति के साथ आए। अफ्रीकी बल्लेबाज पटकी हुए गेंदबाजी के लिए तैयार थे, लेकिन अर्शदीप ने अपनी स्विंग गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और पहले ही ओवर में दो विकेट झटके। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने रन नहीं दिए और दबाव में आकर बावुमा ने अपना विकेट गंवाया। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को अपनी रणनीति से पछाड़ा और छोटे स्कोर के बावजूद दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बनाया।

17 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, लेकिन नहीं हुई तैयारी
ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए टीम इंडिया टी20 विश्व कप की शुरुआत से 17 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंच गई थी। भारत ने पर्थ में ही अभ्यास किया ताकि ऑस्ट्रेलियाई हालातों के हिसाब से खिलाड़ी खुद को ढाल सकें। यहां की तेज और उछाल भरी पिचों में भारतीय खिलाड़ियों ने जमकर अभ्यास किया। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो अभ्यास मैच भी हुए और इनमें भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन जब असली परीक्षा हुई तो सब के सब फ्लॉप हो गए। 

लोकेश राहुल नौ, रोहित शर्मा 15, विराट कोहली 12, हार्दिक पांड्या दो रन बनाकर आउट हुए। दीपक हुड्डा तो अपना खाता तक नहीं खोल सके।

पहली गेंद से ही दबाव में दिखी भारतीय टीम
इस मैच में रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन जब भारत की सलामी जोड़ी बल्लेबाजी के लिए उतरी तो खिलाड़ी डरे हुए थे। पार्नेल के पहले ओवर में राहुल ने रन बनाने की कोशिश ही नहीं की। ऐसा लग रहा था कि पर्थ की पिच को देखकर भारतीय बल्लेबाज डरे हुए हैं। भारत का पहला रन 10वीं गेंद पर बना, जब कप्तान रोहित ने छक्का लगाया। यहीं से दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज हावी हो गए और भारत बैकफुट पर चला गया।

एनगिडी के सामने फ्लॉप हुआ शीर्ष क्रम
इस मैच में भारत की आधी टीम 51 गेंद में 49 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। भारत के शुरुआती पांच में चार बल्लेबाज लुंगी एनगिडी का शिकार बने। इनगिडी इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के लिए नहीं खेल रहे थे। भारत ने रबाडा और नोर्त्जे के लिए खास तैयारी की थी, लेकिन एनगिडी भारत के सिलेबस से बाहर निकले और टीम इन्हीं के सामने फेल हो गई। लोकेश राहुल, रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या एनगिडी का शिकार बने। 

जल्दीबाजी में दिखे भारतीय बल्लेबाज
इस मैच में भारत के किसी बल्लेबाज ने क्रीज पर रुककर पारी संभालने की कोशिश नहीं की। एक-एक कर भारत के विकेट गिरते रहे और भारतीय बल्लेबाज बड़े शॉट खेलते रहे। भारत के शुरुआती चार बल्लेबाजों में सिर्फ विराट कोहली ऐसे थे, जिन्होंने कोई छक्का नहीं लगाया। वह भी छक्का लगाने के प्रयास में ही आउट हुए। अगर भारत के टॉप ऑर्डर में कोई बल्लेबाज टिककर खेलने की कोशिश करता तो भारत बड़ा स्कोर बना सकता था।

अकेले सूर्यकुमार ने संभाली पारी
इस मैच में भारतीय टीम 49 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद संघर्ष कर रही थी, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने भारतीय पारी को संभाला। उन्होंने 40 गेंदों पर 68 रन बनाए। एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने एक छोर पर तेजी से रन बनाना जारी रखा। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए। जब सूर्यकुमार बल्लेबाजी के लिए आए थे, तब भारत का स्कोर 26 रन था, लेकिन जब वह आउट हुए तब टीम इंडिया का स्कोर 127 रन हो चुका था। उन्होंने छठे विकेट के लिए दिनेश कार्तिक के साथ 52 रन की साझेदारी की, लेकिन इसमे कार्तिक का योगदान सिर्फ छह रन था।

सुपरहिट रहा कप्तान बावुमा का दांव, रोहित का फ्लॉप
लुंगी एनगिडी इस मैच से पहले बेंच पर बैठे हुए थे, लेकिन बावुमा ने पिच को देखते हुए एनगिडी को शम्सी की जगह टीम में शामिल किया। उनका यही दांव सुपरहिट रहा। एनगिडी ने चार ओवर में 29 रन देकर चार विकेट लिए। उन्होंने भारत के शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया। इसी वजह से भारतीय टीम इस मैच में 150 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। वहीं, रोहित शर्मा ने अक्षर पटेल की जगह दीपक हुड्डा को टीम में शामिल किया, ताकि भारत की बल्लेबाजी मजबूत हो सके। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं और हुड्डा खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए।

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टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का तीसरा मैच दक्षिण अफ्रीका के साथ था और टीम इंडिया को इस मैच में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 134 रन का लक्ष्य रखा। इस मैच में भारत के सभी बल्लेबाज फेल रहे, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने 40 गेंद पर 68 रन बनाकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफ्रीकी टीम को दबाव में डाल दिया, लेकिन खराब फील्डिंग की वजह से मैच भारत के हाथ से निकल गया। दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पांच विकेट से हराया। इस विश्व कप में यह भारत की पहली हार है।

विराट कोहली और रोहित ने शर्मा ने एडेन मार्करम को आउट करने के दो आसान मौके गंवाए और उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाकर मैच में दक्षिण अफ्रीका की वापसी करा दी। 134 रन का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने शुरुआती 10 ओवर में तीन विकेट खोकर 40 रन बनाए थे। अगले 10 ओवर में उसे जीत के लिए 94 रन की जरूरत थी, जबकि उनके तीन अहम बल्लेबाज आउट हो चुके थे। इस स्थिति में भारत की जीत तय नजर आ रही थी, लेकिन इसके बाद भारत ने दो मौकों पर खराब फील्डिंग की और टीम इंडिया यह मुकाबला हार गई।

खराब फील्डिंग पड़ी भारी

कोहली ने 12वें ओवर की पांचवीं गेंद 35 रन के स्कोर पर मार्करम का आसान कैच छोड़ा। इसके बाद रोहित शर्मा ने 13वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्करम को रन आउट करने का मौका छोड़ दिया। इस समय वह 36 रन पर खेल रहे थे। 15वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्करम ने लेग साइड पर शॉट खेला। गेंद लंबे समय तक हवा में थी, लेकिन गेंद विराट और हार्दिक के बीच में गिर गई। मार्करम तीन जीवनदान मिलने के बाद 41 गेंद में 52 रन बनाकर आउट हुए। भारत ने इस मैच में विकेट लेने के कई मौके गंवाए। 

17वें ओवर की तीसरी गेंद पर राहुल ने खराब समय पर डाइव लगाई और चौका नहीं रोक पाए। इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने कमाल किया, लेकिन फिल्डरों ने साथ नहीं दिया।

तेज गेंदबाजों ने दिलाई शानदार शुरुआत

इस मैच में भारतीय तेज गेंदबाजों ने अर्शदीप सिंह की अगुआई में शानदार प्रदर्शन किया। अर्शदीप ने अपने पहले ही ओवर में क्विंटन डी कॉक और राइली रूसो को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को बैकफुट में ढकेल दिया। भुवनेश्वर को भले ही विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने एक-एक रन के लिए अफ्रीकी बल्लेबाजों को तरसा दिया। इसका नतीजा यह रहा की तेम्बा बावुमा बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। 

दक्षिण अफ्रीका ने तीन रन के स्कोर पर दो अहम विकेट खो दिए थे और 24 रन के स्कोर पर तीसरा विकेट गिरने के बाद मध्यक्रम दबाव में आ गया। 10 ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट खोकर सिर्फ 40 रन बनाए थे। यह मैच जीतने के लिए दक्षिण अफ्रीका को अगले 10 ओवर में 94 रन की जरूरत थी, जबकि उनके तीन अहम बल्लेबाज आउट हो चुके थे। 133 रन का स्कोर बनाने के बावजूद भारत इस मैच में मजबूत स्थिति में आ चुका था और इसके लिए पूरी तरह भारतीय गेंदबाज जिम्मेदार थे। 

भारतीय तेज गेंदबाजों की रणनीति नहीं समझ पाई अफ्रीकी टीम

पर्थ की पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। यहां अतिरिक्त उछाल और तेज गति के साथ गेंद बल्लेबाज की तरफ आती है। इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में अतिरिक्त तेज गेंदबाज खिलाया था। शुरुआत से ही दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने पटकी हुई गेंदें की और उन्हें इसका फायदा भी मिला। 

भारतीय गेंदबाज इसी पिच पर अलग रणनीति के साथ आए। अफ्रीकी बल्लेबाज पटकी हुए गेंदबाजी के लिए तैयार थे, लेकिन अर्शदीप ने अपनी स्विंग गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और पहले ही ओवर में दो विकेट झटके। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने रन नहीं दिए और दबाव में आकर बावुमा ने अपना विकेट गंवाया। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को अपनी रणनीति से पछाड़ा और छोटे स्कोर के बावजूद दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बनाया।

17 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, लेकिन नहीं हुई तैयारी

ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए टीम इंडिया टी20 विश्व कप की शुरुआत से 17 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंच गई थी। भारत ने पर्थ में ही अभ्यास किया ताकि ऑस्ट्रेलियाई हालातों के हिसाब से खिलाड़ी खुद को ढाल सकें। यहां की तेज और उछाल भरी पिचों में भारतीय खिलाड़ियों ने जमकर अभ्यास किया। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो अभ्यास मैच भी हुए और इनमें भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन जब असली परीक्षा हुई तो सब के सब फ्लॉप हो गए। 

लोकेश राहुल नौ, रोहित शर्मा 15, विराट कोहली 12, हार्दिक पांड्या दो रन बनाकर आउट हुए। दीपक हुड्डा तो अपना खाता तक नहीं खोल सके।

पहली गेंद से ही दबाव में दिखी भारतीय टीम

इस मैच में रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन जब भारत की सलामी जोड़ी बल्लेबाजी के लिए उतरी तो खिलाड़ी डरे हुए थे। पार्नेल के पहले ओवर में राहुल ने रन बनाने की कोशिश ही नहीं की। ऐसा लग रहा था कि पर्थ की पिच को देखकर भारतीय बल्लेबाज डरे हुए हैं। भारत का पहला रन 10वीं गेंद पर बना, जब कप्तान रोहित ने छक्का लगाया। यहीं से दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज हावी हो गए और भारत बैकफुट पर चला गया।

एनगिडी के सामने फ्लॉप हुआ शीर्ष क्रम

इस मैच में भारत की आधी टीम 51 गेंद में 49 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। भारत के शुरुआती पांच में चार बल्लेबाज लुंगी एनगिडी का शिकार बने। इनगिडी इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के लिए नहीं खेल रहे थे। भारत ने रबाडा और नोर्त्जे के लिए खास तैयारी की थी, लेकिन एनगिडी भारत के सिलेबस से बाहर निकले और टीम इन्हीं के सामने फेल हो गई। लोकेश राहुल, रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या एनगिडी का शिकार बने। 

जल्दीबाजी में दिखे भारतीय बल्लेबाज

इस मैच में भारत के किसी बल्लेबाज ने क्रीज पर रुककर पारी संभालने की कोशिश नहीं की। एक-एक कर भारत के विकेट गिरते रहे और भारतीय बल्लेबाज बड़े शॉट खेलते रहे। भारत के शुरुआती चार बल्लेबाजों में सिर्फ विराट कोहली ऐसे थे, जिन्होंने कोई छक्का नहीं लगाया। वह भी छक्का लगाने के प्रयास में ही आउट हुए। अगर भारत के टॉप ऑर्डर में कोई बल्लेबाज टिककर खेलने की कोशिश करता तो भारत बड़ा स्कोर बना सकता था।

अकेले सूर्यकुमार ने संभाली पारी

इस मैच में भारतीय टीम 49 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद संघर्ष कर रही थी, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने भारतीय पारी को संभाला। उन्होंने 40 गेंदों पर 68 रन बनाए। एक छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने एक छोर पर तेजी से रन बनाना जारी रखा। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए। जब सूर्यकुमार बल्लेबाजी के लिए आए थे, तब भारत का स्कोर 26 रन था, लेकिन जब वह आउट हुए तब टीम इंडिया का स्कोर 127 रन हो चुका था। उन्होंने छठे विकेट के लिए दिनेश कार्तिक के साथ 52 रन की साझेदारी की, लेकिन इसमे कार्तिक का योगदान सिर्फ छह रन था।

सुपरहिट रहा कप्तान बावुमा का दांव, रोहित का फ्लॉप

लुंगी एनगिडी इस मैच से पहले बेंच पर बैठे हुए थे, लेकिन बावुमा ने पिच को देखते हुए एनगिडी को शम्सी की जगह टीम में शामिल किया। उनका यही दांव सुपरहिट रहा। एनगिडी ने चार ओवर में 29 रन देकर चार विकेट लिए। उन्होंने भारत के शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया। इसी वजह से भारतीय टीम इस मैच में 150 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। वहीं, रोहित शर्मा ने अक्षर पटेल की जगह दीपक हुड्डा को टीम में शामिल किया, ताकि भारत की बल्लेबाजी मजबूत हो सके। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं और हुड्डा खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए।



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