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दिल टूटने से बच्चे हो रहे तनाव का शिकार
– फोटो : अमर उजाला
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परीक्षा नजदीक आते ही गाजियाबाद का नेहरू नगर निवासी 12वीं का छात्र बीमार रहने लगा तो मां-बाप को स्वभाविक रूप से चिंता हुई। उसे भूख लगना कम हो गई। हर वक्त तनाव में रहता। नौबत यहां तक आई कि वह तनाव से बेहोश तक हो गया। इसे परीक्षा का तनाव मानकर मां-बाप जब मनोचिकित्सक के पास पहुंचे तो मामला कुछ और ही निकला। छात्र ने काउंसलर को बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड ने उससे बात करना बंद कर दिया है, उससे यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
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