Home Breaking News UPSC Success Story: पंक्चर बनाकर करते थे गुजारा, आज हैं चर्चित आईएएस अधिकारी, पढ़ें संघर्ष से सफलता की कहानी

UPSC Success Story: पंक्चर बनाकर करते थे गुजारा, आज हैं चर्चित आईएएस अधिकारी, पढ़ें संघर्ष से सफलता की कहानी

0
UPSC Success Story: पंक्चर बनाकर करते थे गुजारा, आज हैं चर्चित आईएएस अधिकारी, पढ़ें संघर्ष से सफलता की कहानी

[ad_1]

IAS varun baranwal

IAS varun baranwal
– फोटो : Social Media

ख़बर सुनें

अगर हौसले बुलंद हों और मजबूत आत्मविश्वास हो तो हर इंसान अपने सपनों को पूरा कर लेता है। दुनिया की सारी तकलीफों को पीछे छोड़ते हुए सफलताओं के डगर में आगे बढ़ता रहता है। इसी बात को सच साबित किया है महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर बोइसार के रहने वाला लड़का- वरुण बरनवाल ने, जो पंक्चर की दुकान चलाकर अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने वाला आईएएस अधिकारी बन गया है। 

वरुण ने एक समय अपनी स्कूल की पढ़ाई छोड़ साइकिल के पंक्चर लगाने का काम शुरू किया था। पिता की मौत के बाद पूरा परिवार भूख से परेशान था। ऐसे में बचपन से पढ़ाई में अव्वल रहे वरुण ने 10वीं कक्षा की परीक्षा देने के बाद से अपने परिवार का दायित्व संभाला और अपने पिता के साइकिल मरम्मत की दुकान को चलाने लगा। वह दिन रात अपनी किताबों से दूर साइकिल के पंक्चर लगाता था। लेकिन उसका मन हमेशा पढ़ाई में ही रहा।

परिचित डॉक्टर ने शुरू करवाई थी छाेड़ी हुई पढ़ाई

10वीं के परिणाम आने के बाद पता चला कि उसने पूरे शहर में दूसरा स्थान हासिल किया है। लेकिन पैसे की कमी के चलते वह आगे की पढ़ाई नहीं कर सकता था। ऐसे में उनके एक परिचित डॉक्टर ने पढ़ाई में वरुण के लगन को देखकर उसका कॉलेज में एडमिशन करवा दिया। एक बार फिर वरुण ने अपनी पढ़ाई शुरू की।

12वीं के बाद वरुण ने इंजीनियरिग कॉलेज में दाखिला लिया। हालांकि, वरुण को अपने कॉलेज की फीस भरने में भी काफी दिक्कत होती थी। वह दिन में कॉलेज जाता था। शाम को साइकिल की दुकान पर बैठता था और फिर ट्यूशन पढ़ाता था। वरुण की कड़ी मेहनत रंग लाई और उसने अपने इंजीनियरिंग के पहले सेमेस्टर में ही टॉप किया। इसके बाद उसे कॉलेज की तरफ से स्कॉलरशिप दिया गया। 

आठ साल की कड़ी मेहनत के बाद मिली सफलता

बता दें वरुण पढ़ाई के साथ-साथ समाज सुधारक कार्य में भी तत्पर रहता था। उसने अन्ना हजारे के जनलोकपाल बिल के आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। इंजीनियरिंग पास करते ही वरुण ने यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। पढ़ाई के लिए अपने आठ साल की कड़ी मेहनत के बाद वरुण ने आखिरकार यूपीएससी की परीक्षा में देश में 32वां रैंक हासिल किया है। कभी साइकिल का पंक्चर ठीक करने वाला वरुण, आज अपनी मेहनत के बल पर आईएएस अधिकारी बन गए हैं।   

विस्तार

अगर हौसले बुलंद हों और मजबूत आत्मविश्वास हो तो हर इंसान अपने सपनों को पूरा कर लेता है। दुनिया की सारी तकलीफों को पीछे छोड़ते हुए सफलताओं के डगर में आगे बढ़ता रहता है। इसी बात को सच साबित किया है महाराष्ट्र के एक छोटे से शहर बोइसार के रहने वाला लड़का- वरुण बरनवाल ने, जो पंक्चर की दुकान चलाकर अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने वाला आईएएस अधिकारी बन गया है। 



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here