Home Breaking News किसी भी दिन चल जाएगा इस धरोहर पर बुलडोजर, रामचंद्र बोले, ‘महाभारत बनाने से हुआ नुकसान’

किसी भी दिन चल जाएगा इस धरोहर पर बुलडोजर, रामचंद्र बोले, ‘महाभारत बनाने से हुआ नुकसान’

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किसी भी दिन चल जाएगा इस धरोहर पर बुलडोजर, रामचंद्र बोले, ‘महाभारत बनाने से हुआ नुकसान’

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गांव-देहात में अब भी लोग घरों में ‘महाभारत’ नहीं रखते हैं। कहते हैं इससे घर में कलह होती है। घर बर्बाद हो जाता है। आमिर खान ने अपने करियर में दो बार ‘महाभारत’ पर फिल्म या सीरीज बनाने की तैयारी की। पहली बार उनका रीना दत्ता से तलाक हुआ और दूसरी बार वह किरण राव से अलग हो गए। निर्माता मधु मंटेना ने ‘महाभारत’ को द्रौपदी से नजरिये से बनाने की कोशिश की तो उनकी ड्रीम कंपनी ‘फैंटम फिल्म्स’ का भट्ठा बैठ गया। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि दूरदर्शन के सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों में से एक ‘महाभारत’ बनाने वाले बी आर चोपड़ा को भी ऐसी ही हालात से गुजरना पड़ा और अब नौबत ये है कि मुंबई के दर्शनीय स्थलों में शुमार रहा उनका बंगला किसी भी दिन जमींदोज किया जा सकता है।

बी आर चोपड़ा का मुम्बई के पॉश इलाके जुहु में  स्थित 25 हजार वर्ग फुट में बना बंगला अमिताभ बच्चन के बंगलों ‘प्रतीक्षा’ और ‘जलसा’ के साथ साथ शाहरुख खान के बंगले की ‘मन्नत’ की ही तरह काफी लोकप्रिय रहा है। गांव देहात से आए लोग जिस तरह से मुंबई में उतरते ही सबसे पहले अमिताभ बच्चन  और शाहरुख खान का बंगला देखने जाते हैं उसी तरह से एक जमाने में लोग बी आर चोपड़ा का बंगला देखने जाया करते थे। ‘महाभारत’ धारावाहिक के दिनों में तो यहां दिन रात मेला सा लगा रहता था और बंगले के पास की दुकाने गुलजार रहा करती थीं।

उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के रहने वाले विकास यादव की बी आर चोपड़ा के बंगले के पास पान की दुकान है। वह कहते हैं, ‘एक दौर था जब हमारी दुकान पर खड़े होकर लोग बी आर चोपड़ा और महाभारत की बातें करते किया करते थे। उन दिनों बी आर चोपड़ा के बंगले पर बड़े बड़े स्टार्स का आना जाना लगा रहता था। लोग मेरी दुकान पर ही खड़े होकर उन स्टार्स को आते जाते देखते थे। लेकिन अब मेरे दुकान पर पहले जैसी भीड़ नहीं होती है। चलते फिरते कुछ लोग और ऑटो वाले आ जाते हैं।’ 

भदोही के रामचंद्र प्रजापति भी बी आर चोपड़ा का बंगला बिक जाने की बात सुनकर दुखी हो जाते हैं, कहते हैं, ‘समय बहुत बलवान होता है।  सोचकर बड़ी हैरानी होती है कि इतना बड़ा सामाज्य कैसे खत्म हो जाता है? मुझे याद है जब लोग गांव में कहते थे कि ‘महाभारत’ नहीं देखना चाहिए, घर में कलह होती है। फिर भी हम सब लोग ‘महाभारत’ देखते ही थे। गांव में कभी कभी ‘महाभारत’ के समय लाइट चली जाती थी तो हम लोग पहले से ही चंदा लगाकर बैटरी का इंतजाम करके रखे रहते थे।’

नायब यादव यूपी के गोंडा जिले के रहने वाले हैं। मुंबई में कई साल से ऑटो चलाते हैं।  वह कहते हैं, ‘बी आर चोपड़ा साहब ने जैसी ‘महाभारत’ बनाई उस तरह से दूसरा कोई ‘महाभारत’ नहीं बना पाया। बी आर चोपड़ा साहब बहुत बड़ी शख्सियत थे। उनका बंगला बिक गया, उनकी आने वाली पीढ़ियां उनकी विरासत को नहीं संभाल पाई। अक्सर ऐसा होता है, बाप दादा मेहनत करके अपना साम्राज्य बनाते हैं और उनके बच्चे उसे संभाल नहीं पाते।’



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