Home Breaking News Qatar: आखिर क्यों नहीं छोड़े जा रहे भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसर? कतर सरकार नहीं दे रही जवाब, परिवार चिंतित

Qatar: आखिर क्यों नहीं छोड़े जा रहे भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसर? कतर सरकार नहीं दे रही जवाब, परिवार चिंतित

0
Qatar: आखिर क्यों नहीं छोड़े जा रहे भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसर? कतर सरकार नहीं दे रही जवाब, परिवार चिंतित

[ad_1]

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची
– फोटो : एएनआई

ख़बर सुनें

कतर की राजधानी दोहा में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को हिरासत में क्यों रखा गया है? इस बारे में कतर प्राधिकरण से अभी तक कोई जवाब नहीं देने के कारण परिवार के सदस्य बहुत अधिक चिंतित दिखाई दे रहे हैं।  हिरासत में लिए गए लोगों में कमांडर (सेवानिवृत्त) पूर्णेंदु तिवारी हैं, जो एक भारतीय प्रवासी हैं, जिन्हें 2019 में प्रवासी भारती सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कंपनी की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार पूर्णंदू तिवारी भारतीय नौसेना में कई बड़े जहाजों की कमान संभाल चुके हैं।  

तिवारी की बहन डॉक्टर मीतू भार्गव ने जताई चिंता
इधर तिवारी की बहन डॉक्टर मीतू भार्गव ने कहा कि हमें बहुत अधिक चिंता हो रही है। हमें यह जवाब नहीं मिल पा रहा कि आखिर मेरे भाई को किस आरोप के तहत हिरासत में लिया गया है? उन्हें हिरासत में लिए हुए 70 दिन हो गए हैं। भारत सरकार को जल्द से जल्द रिहाई का प्रयास करना चाहिए।

विदेश मंत्रालय की कोशिश जारी
वहीं विदेश मंत्रालय (MEA) ने  भरोसा देते हुए कहा कि दोहा में भारतीय दूतावास कतर से आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों की जल्द रिहाई और प्रत्यावर्तन के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर सरकार की ओर से काउंसलर एक्सेस मिलने के बाद से हमने उनलोगों का हाल जाना है लेकिन सरकार को अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि आखिर किस आरोप में इन्हें गिरफ्तार किया गया है।

ये सभी कतर की एक निजी कंपनी में कर रहे थे काम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेवानिवृत होने के बाद ये सभी नौसैनिक  कतर की एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, कंपनी का नाम दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्टेंसीज सर्विसेज है।  कंपनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा एवं अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है।

विस्तार

कतर की राजधानी दोहा में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को हिरासत में क्यों रखा गया है? इस बारे में कतर प्राधिकरण से अभी तक कोई जवाब नहीं देने के कारण परिवार के सदस्य बहुत अधिक चिंतित दिखाई दे रहे हैं।  हिरासत में लिए गए लोगों में कमांडर (सेवानिवृत्त) पूर्णेंदु तिवारी हैं, जो एक भारतीय प्रवासी हैं, जिन्हें 2019 में प्रवासी भारती सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कंपनी की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार पूर्णंदू तिवारी भारतीय नौसेना में कई बड़े जहाजों की कमान संभाल चुके हैं।  

तिवारी की बहन डॉक्टर मीतू भार्गव ने जताई चिंता

इधर तिवारी की बहन डॉक्टर मीतू भार्गव ने कहा कि हमें बहुत अधिक चिंता हो रही है। हमें यह जवाब नहीं मिल पा रहा कि आखिर मेरे भाई को किस आरोप के तहत हिरासत में लिया गया है? उन्हें हिरासत में लिए हुए 70 दिन हो गए हैं। भारत सरकार को जल्द से जल्द रिहाई का प्रयास करना चाहिए।

विदेश मंत्रालय की कोशिश जारी

वहीं विदेश मंत्रालय (MEA) ने  भरोसा देते हुए कहा कि दोहा में भारतीय दूतावास कतर से आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों की जल्द रिहाई और प्रत्यावर्तन के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर सरकार की ओर से काउंसलर एक्सेस मिलने के बाद से हमने उनलोगों का हाल जाना है लेकिन सरकार को अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि आखिर किस आरोप में इन्हें गिरफ्तार किया गया है।

ये सभी कतर की एक निजी कंपनी में कर रहे थे काम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेवानिवृत होने के बाद ये सभी नौसैनिक  कतर की एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, कंपनी का नाम दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्टेंसीज सर्विसेज है।  कंपनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा एवं अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here