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सेमीफाइनल मैचों की शुरुआत से पहले हम सभी टीमों के कमजोर और मजबूत पहलू पर नजर डाल रहे हैं। आइए जानते हैं दबाव भरे हालातों में खेलने के लिए कौन सी टीम ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। साथ ही हर टीम के कमजोरी और मजबूत क्या है?
भारत
मजबूत पक्षः भारत के बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों लय में हैं। लोकेश राहुल से लेकर विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या रन बना रहे हैं। वहीं, गेंदबाजी में भुवनेश्वर, अर्शदीप, मोहम्मद शमी सभी कमाल कर रहे हैं। टूर्नामेंट के शुरुआत में स्पिन गेंदबाज कुछ खास नहीं कर पाए थे, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ अश्विन और अक्षर ने मिलकर चार विकेट झटके। भारतीय टीम काफी संतुलित नजर आती है और टीम के अहम खिलाड़ी लय में हैं।
कमजोर पहलूः भारतीय कप्तान रोहित शर्मा लंबे समय से लय में नहीं हैं। नीदरलैंड के खिलाफ उन्होंने एक अर्धशतक जरूर लगाया था, लेकिन इस मैच में उनके काफी कैच छूटे थे और इसके बाद उनका बल्ला फिर खामोश हो चुका है। हार्दिक पांड्या रन तो जरूर बना रहे हैं, लेकिन वह पहले की तरह अंतिम ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं। पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में हार्दिक अंतिम ओवरों में तेजी से रन नहीं बना पाए। टीम के दोनों विकेटकीपर ऋषभ पंत/दिनेश कार्तिक लय में नहीं हैं। वहीं, अक्षर पटेल भी काफी महंगे साबित हो रहे हैं।
भारतीय टीम के पास नौ साल बाद कोई आईसीसी ट्रॉफी जीतने का मौका है। वहीं, भारत की कोशिश यह टूर्नामेंट जीतकर दूसरी बार टी20 विश्व कप चैंपियन बनने पर होगी।
सेमीफाइनल मैच में पिच बल्लेबाजों के अनुकूल होने पर इंग्लैंड की टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है। इस स्थिति में भारतीय बल्लेबाज दबाव में आ सकते हैं।
पाकिस्तान
मजबूत पक्ष: पाकिस्तान की टीम इस टूर्नामेंट से पहले अपनी सलामी जोड़ी पर निर्भर थी, लेकिन इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के मध्यक्रम ने शानदार खेल दिखाया। शान मसूद, इफ्तिखार अहमद, मोहम्मद नवाज और शादाब खान ने कई बार मुश्किल हालातों से टीम को बाहर निकाला है और अच्छे स्कोर तक पहुंचाया है। पाकिस्तान की गेंदबाजी भी शानदार है। तेज गेंदबाज पहले ही पाकिस्तान के लिए कमाल कर रहे थे और शादाब खान की ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
कमरोज पहलूः पिछले दो साल में पाकिस्तान के लिए टी20 में बाबर और रिजवान की जोड़ी ने कमाल किया है। इन दोनों ने अपने दम पर पाकिस्तान को कई मैच जिताए और विश्व रिकॉर्ड भी बनाए, लेकिन इस टूर्नामेंट में दोनों ही बल्लेबाज लय में नहीं हैं। यह जोड़ी पावरप्ले में धीमी शुरुआत कर रही है और अहम मौके पर दोनों आउट हो जाते हैं। इससे टीम पर दबाव बन रहा है, जिस मैच में मध्यक्रम नहीं चलता टीम मैच हार जाती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में भी यही हुआ था।
पाकिस्तान के पास भी दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने का मौका है। किस्मत के भरोसे सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद पाकिस्तान की टीम नॉकआउट मैचों में अपना दम दिखाकर यह साबित करना चाहेगी कि भले ही जिम्बाब्वे ने उन्हें हराया हो, लेकिन इस टीम में विश्व विजेता बनने का दम है।
न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज सेमीफाइल मैच में एक बार फिर पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों को जल्दी आउट कर सकते हैं। इससे मध्यक्रम पर दबाव आएगा। हालांकि, कीवी टीम वापसी का मौका नहीं देती है। इस स्थिति में पाकिस्तान छोटे स्कोर पर सिमटकर मैच हार सकता है।
न्यूजीलैंड
मजबूत पक्षः न्यूजीलैंड की टीम अब तक इस टूर्नामेंट में सबसे संतुलित नजर आई है। हर मैच में न्यूजीलैंड के लिए अलग खिलाड़ी ने कमाल किया है। ग्लेन फिलिप्स से लेकर डेवोन कॉन्वे, केन विलियम्सन और फिन एलेन सभी ने रन बनाए हैं। गेंदबाजी में भी ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, लोकी फर्ग्यूसन सहित स्पिन गेंदबाज भी कमाल कर रहे हैं।
कमजोर पहलूः न्यूजीलैंड की टीम में मैच फिनिश करने की जिम्मेदारी जेम्स नीशम पर है, लेकिन वह बहुत अच्छी लय में नहीं हैं। एक दो मैच में उन्होंने अच्छी पारी खेली है, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव भरे हालात में नीशम से मैच खत्म करने की उम्मीद करना सही नहीं है। अगर किसी मैच में कीवी टीम का टॉप ऑर्डर फेल होता है तो यह टीम मुश्किल में आ सकती है।
न्यूजीलैंड की टीम पिछले टी20 विश्व कप में फाइनल में हार गई थी। इस बार यह टीम पिछली बार की कसर पूरी करना चाहेगी। न्यूजीलैंड लगातार आईसीसी टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इस बार चैंपियन बनना चाहेगा।
पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में शाहीन अफरीदी और नसीम शाह जैसे गेंदबाज न्यूजीलैंड के लिए खतरा बन सकते हैं। अगर केन विलियम्सन और डेवोन कॉन्वे जल्दी आउट हो जाते हैं तो बाकी बल्लेबाजों को शादाब खान सस्ते में आउट कर सकते हैं।
इंग्लैंड
मजबूत पक्षः इंग्लैंड की टीम में विस्फोटक बल्लेबाजों की भरमार है। पहले नंबर से लेकर नौवें नंबर तक इस टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आसानी से बड़े शॉट खेल सकते हैं और तेजी से रन बनाने में माहिर हैं। इसी वजह से इंग्लैंड टी20 में एक्सर 200 के करीब स्कोर बना लेता है। गेंदबाजी में सैम करन डेथ ओवरों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
कमजोर पहलूः डेथ ओवर में इंग्लैंड की गेंदबाजी भले ही शानदार रही हो, लेकिन पावरप्ले में यह टीम कुछ खास नहीं कर पाई है। इंग्लैंड को रीसी टॉप्ली की कमी खली है। शुरुआती छह ओवर में गेंदबाजी करते समय इंग्लैंड पूरे टूर्नामेंट में किसी भी मैच में दो से ज्यादा विकेट नहीं ले पाया है और अक्सर रन लुटाए हैं। इसके अलावा यह टीम मुश्किल पिच में फ्लॉप हो जाती है, क्योंकि डेविड मलान के अलावा टीम में कोई ऐसा खिलाड़ी नहीं है, जो एक छोर संभालकर लंबी पारी खेलने की कोशिश करता हो।
इंग्लैंड के पास भी चैंपियन बनने का बेहतरीन मौका है। आयरलैंड के खिलाफ हुए उलटफेर के बाद यह टीम वापसी कर चुकी है और अब खिताब जीतने के लिए बेकरार है।
सेमीफाइनल में भारतीय बल्लेबाज अगर शुरुआत में विकेट नहीं देते हैं तो अंत में सूर्यकुमार जैसे खिलाड़ी तेजी से रन बना सकते हैं। वहीं, केएल राहुल पावरप्ले में इंग्लैंड के खराब प्रदर्शन का फायदा उठा सकते हैं। अगर गेंदबाज कंजूसी से रन देते हैं तो इंग्लैंड के खिलाड़ी खुद खराब शॉट खेलकर आउट हो सकते हैं और टीम मुश्किल में आ सकती है।
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