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Telangana: भाजपा से निलंबित विधायक टी राजा सिंह को तेलंगाना हाईकोर्ट से राहत, सशर्त रिहाई का दिया आदेश

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Telangana: भाजपा से निलंबित विधायक टी राजा सिंह को तेलंगाना हाईकोर्ट से राहत, सशर्त रिहाई का दिया आदेश

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निष्कासित भाजपा नेता टी राजा सिंह।

निष्कासित भाजपा नेता टी राजा सिंह।
– फोटो : ANI (फाइल फोटो)

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तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बुधवार को पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित टिप्पणी को लेकर कड़े निवारक निरोध (पीडी) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए भाजपा के निलंबित नेता टी राजा सिंह की सशर्त रिहाई का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद रैलियां और प्रेस मीट नहीं करने की शर्तों पर निलंबित भाजपा नेता को रिहा करने का आदेश दिया।

राजा सिंह के वकील करुणा सागर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि “हाईकोर्ट ने राजा सिंह पर लगे पीडी अधिनियम को निरस्त कर दिया और कुछ शर्तों के साथ उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। शर्तों के अनुसार, राजा सिंह रैलियां नहीं कर सकते, मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते और भविष्य में सोशल मीडिया पर कोई अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट नहीं करेंगे, तो कम से कम आज की रैली तो नहीं होगी। निलंबित भाजपा विधायक राजा सिंह पर पीडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था और 25 अगस्त को चेरलापल्ली जेल भेज दिया गया था। पुलिस के अनुसार, निलंबित भाजपा नेता के खिलाफ 101 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे, जो 18 सांप्रदायिक अपराधों में शामिल थे। 

भाजपा की ओर से कारण बताओ नोटिस प्राप्त करने के बाद राजा सिंह ने कहा था कि “मैंने जानबूझकर किसी धर्म की भावनाओं को आहत नहीं किया। टीआरएस सरकार ने जानबूझकर मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया। यहां तक कि माननीय अदालत ने मेरे खिलाफ मामले को खारिज कर दिया। इसके बाद भी मुझे पीडी अधिनियम लागू करके हिरासत में लिया गया।
   
उन्होंने कहा कि मेरे वीडियो में मैंने केवल मुनव्वर फारूकी की नकल की, वह भी गूगल पर दी गई जानकारी के आधार पर। मैंने न तो किसी धर्म की भावनाओं को आहत किया और न ही किसी धर्म की आलोचना की। राजा सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि मैंने अनुशासनात्मक नोटिस में उल्लिखित भाजपा के संविधान के नियम XXV, 10 (ए) का उल्लंघन नहीं किया है। मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि आप मेरे द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार करें और मुझे जनता, भाजपा, राष्ट्र और भारत माता की सेवा जारी रखने का अवसर दें।

बता दें कि राजा सिंह को पहले 23 अगस्त को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, अदालत के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। उसके खिलाफ दबीरपुरा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए), 295 और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद भाजपा ने विधायक को निलंबित करते हुए कहा कि कि उनकी टिप्पणी पार्टी की लाइन के खिलाफ है।

टी राजा सिंह तेलंगाना के गोशमहल सीट से विधायक हैं। वह समुदाय विशेष के खिलाफ कई बार  विवादित टिप्पणी कर चुके हैं। 2020 में नफरत फैलाने के आरोप में उन्हें फेसबुक और इंस्टाग्राम ने बैन भी कर दिया था।

विस्तार

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बुधवार को पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित टिप्पणी को लेकर कड़े निवारक निरोध (पीडी) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए भाजपा के निलंबित नेता टी राजा सिंह की सशर्त रिहाई का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद रैलियां और प्रेस मीट नहीं करने की शर्तों पर निलंबित भाजपा नेता को रिहा करने का आदेश दिया।

राजा सिंह के वकील करुणा सागर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि “हाईकोर्ट ने राजा सिंह पर लगे पीडी अधिनियम को निरस्त कर दिया और कुछ शर्तों के साथ उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। शर्तों के अनुसार, राजा सिंह रैलियां नहीं कर सकते, मीडिया को संबोधित नहीं कर सकते और भविष्य में सोशल मीडिया पर कोई अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट नहीं करेंगे, तो कम से कम आज की रैली तो नहीं होगी। निलंबित भाजपा विधायक राजा सिंह पर पीडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था और 25 अगस्त को चेरलापल्ली जेल भेज दिया गया था। पुलिस के अनुसार, निलंबित भाजपा नेता के खिलाफ 101 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे, जो 18 सांप्रदायिक अपराधों में शामिल थे। 

भाजपा की ओर से कारण बताओ नोटिस प्राप्त करने के बाद राजा सिंह ने कहा था कि “मैंने जानबूझकर किसी धर्म की भावनाओं को आहत नहीं किया। टीआरएस सरकार ने जानबूझकर मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया। यहां तक कि माननीय अदालत ने मेरे खिलाफ मामले को खारिज कर दिया। इसके बाद भी मुझे पीडी अधिनियम लागू करके हिरासत में लिया गया।

   

उन्होंने कहा कि मेरे वीडियो में मैंने केवल मुनव्वर फारूकी की नकल की, वह भी गूगल पर दी गई जानकारी के आधार पर। मैंने न तो किसी धर्म की भावनाओं को आहत किया और न ही किसी धर्म की आलोचना की। राजा सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि मैंने अनुशासनात्मक नोटिस में उल्लिखित भाजपा के संविधान के नियम XXV, 10 (ए) का उल्लंघन नहीं किया है। मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि आप मेरे द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार करें और मुझे जनता, भाजपा, राष्ट्र और भारत माता की सेवा जारी रखने का अवसर दें।

बता दें कि राजा सिंह को पहले 23 अगस्त को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, अदालत के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। उसके खिलाफ दबीरपुरा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए), 295 और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद भाजपा ने विधायक को निलंबित करते हुए कहा कि कि उनकी टिप्पणी पार्टी की लाइन के खिलाफ है।

टी राजा सिंह तेलंगाना के गोशमहल सीट से विधायक हैं। वह समुदाय विशेष के खिलाफ कई बार  विवादित टिप्पणी कर चुके हैं। 2020 में नफरत फैलाने के आरोप में उन्हें फेसबुक और इंस्टाग्राम ने बैन भी कर दिया था।



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