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दिल्ली में बनी अनधिकृत कॉलोनी
– फोटो : amar ujala
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भूकंप के झटकों ने मंगलवार मध्य रात्रि दिल्ली-एनसीआर को झकझोर दिया। झटका इतना तेज था कि लोग घरों से बाहर निकल आए। द्वारका, रोहिणी, साउथ दिल्ली समेत दूसरे इलाकों की कई बहुमंजिला इमारतों के फ्लैट से बाहर आने के लिए अफरातफरी का माहौल भी रहा। 6.3 तीव्रता के भूकंप का केंद्र नेपाल होने से दिल्ली-एनसीआर में किसी तरह के जान-मााल का नुकसान नहीं हुआ।
उधर, विशेषज्ञ बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर सिस्मिक जोन-4 में है। भूकंप के लिहाज से यह संवेदनशील है। यहां छह-सात तीव्रता तक के भूकंप आने की आशंका बनी रहती है। ऐसा होने की सूरत में बड़े पैमाने पर नुकसान होगा। दिल्ली में करीब 50 लाख इमारतें हैं। इसमें आलीशान बहुमंजिला इमारतें भी हैं और दिल्ली देहात के मकान भी। अनधिकृत कॉलोनियों में बड़ी संख्या में चार-पांच मंजिला मकान बने हैं। अलग-अलग समय में डीडीए, एमसीडी, आपदा प्रबंधन विभाग समेत दूसरी सरकारी एजेंसियों ने इमारतों का सर्वे किया है। इसमें भूकंपीय क्षेत्र-4 को ध्यान में रखकर इमारतों की सुरक्षा की जांच की गई है।
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