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यशोदा फिल्म रिव्यू
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Movie Review
यशोदा
कलाकार
सामंथा
,
उन्नी मुकुंदन
,
वरलक्ष्मी शरतकुमार
और
मुरली शर्मा आदि
लेखक
पुलगम चिन्नारायना
और
चल्ला भाग्यलक्ष्मी
निर्देशक
हरि और हरीश
निर्माता
शिवलेंका कृष्ण प्रसाद
रिलीज
11 नवंबर 2022
आमिर खान, शाहरुख खान, करण जौहर और शिल्पा शेट्टी, ये उन सितारों के नाम है जिनके बारे में दक्षिण भारतीय फिल्म ‘यशोदा’ के हिंदी संस्करण में किराए की कोख (सरोगेसी) के जरिये अभिभावक बनने पर टिप्पणी की गई है। किराए की कोख के जरिये मां बनने का पूरा एक कारोबार भारत के पश्चिमी राज्यों में पनपता रहा है। मुंबई के मलाड क्षेत्र में ही गांव देहात से आने वाली ऐसी तमाम महिलाओं का हाल के बरसों तक तांता लगा रहता रहा है। फिल्म ‘यशोदा’ की कहानी ऐसी महिलाओं को ही केंद्र में रखकर लिखी गई है जिन्हें आर्थिक विपन्नता के कारण अपनी कोख अमीर लोगों को किराए पर देने होती है और इसके बदले उन्हें लाखों रुपये मिलते हैं। लेकिन, ये कहानी सिर्फ सरोगेसी के कारोबार की कहानी नहीं है, ये कहानी उसके कहीं आगे तक जाती है। फिल्म में एक संवाद है जो शायद महिला सशक्तिकरण की पैरवी करने वालों को अच्छा न लगे लेकिन ये बहुत सामयिक भी है। फिल्म की मुख्य महिला किरदारों में से एक कहती हैं, ‘राजा बनने के लिए युद्ध जीतने होते हैं, लेकिन रानी बनने के लिए सिर्फ एक राजा को जीतना होता है!’
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