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Punjab Earthquake : अब पंजाब में आया भूकंप, रिक्टर पैमाने पर 4.1 रही तीव्रता

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Punjab Earthquake : अब पंजाब में आया भूकंप, रिक्टर पैमाने पर 4.1 रही तीव्रता

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भूकंप (सांकेतिक फोटो)

भूकंप (सांकेतिक फोटो)
– फोटो : अमर उजाला

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अब पंजाब के अमृतसर में आज तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पंजाब में अमृतसर के 145 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में तड़के 3 बजकर 42 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार यह भूकंप जमीन के नीचे 120 किलोमीटर की गहराई में आया। 

गौरतलब है कि उत्तर भारत में बीचे कुछ दिनों में कई बार धरती डोली है। पिछले सप्ताह दिल्ली में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। दिल्ली को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। 

जानकारों के कहना है कि  हिमालयी क्षेत्र में टेक्टॉनिक प्लेटों के अस्थिर होने के कारण अधिक तीव्रता वाले भूकंपों की स्थितियां उत्पन्न हुई हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के जियोलॉजिस्ट अजय पॉल ने कहा कि भारतीय प्लेट पर यूरेशियन प्लेट के लगातार दबाव के कारण इसके नीचे जमा होने वाली ऊर्जा समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलती रहती है।

बीते करीब 100 साल में चार बड़े भूकंप
बीते करीब 100 वर्षों के दौरान हिमालयी क्षेत्र में चार बड़े भूकंप दर्ज हैं। इनमें 1897 में शिलांग, 1905 में कांगड़ा, 1934 में बिहार-नेपाल और 1950 में असम में आए भूकंप शामिल हैं। उसके बाद 1991 में उत्तरकाशी, 1999 में चमोली और 2015 में नेपाल में भी भयानक भूकंप आया था।
 

अब पंजाब के अमृतसर में आज तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पंजाब में अमृतसर के 145 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में तड़के 3 बजकर 42 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार यह भूकंप जमीन के नीचे 120 किलोमीटर की गहराई में आया। 

गौरतलब है कि उत्तर भारत में बीचे कुछ दिनों में कई बार धरती डोली है। पिछले सप्ताह दिल्ली में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। दिल्ली को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। 

जानकारों के कहना है कि  हिमालयी क्षेत्र में टेक्टॉनिक प्लेटों के अस्थिर होने के कारण अधिक तीव्रता वाले भूकंपों की स्थितियां उत्पन्न हुई हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के जियोलॉजिस्ट अजय पॉल ने कहा कि भारतीय प्लेट पर यूरेशियन प्लेट के लगातार दबाव के कारण इसके नीचे जमा होने वाली ऊर्जा समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलती रहती है।

बीते करीब 100 साल में चार बड़े भूकंप

बीते करीब 100 वर्षों के दौरान हिमालयी क्षेत्र में चार बड़े भूकंप दर्ज हैं। इनमें 1897 में शिलांग, 1905 में कांगड़ा, 1934 में बिहार-नेपाल और 1950 में असम में आए भूकंप शामिल हैं। उसके बाद 1991 में उत्तरकाशी, 1999 में चमोली और 2015 में नेपाल में भी भयानक भूकंप आया था।

 



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