Home Breaking News Shraddha Murder Case: श्रद्धा के शव को काटते समय भी क्यों नहीं घबराया आफताब, क्यों आपको भी सचेत रहने की जरूरत?

Shraddha Murder Case: श्रद्धा के शव को काटते समय भी क्यों नहीं घबराया आफताब, क्यों आपको भी सचेत रहने की जरूरत?

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Shraddha Murder Case: श्रद्धा के शव को काटते समय भी क्यों नहीं घबराया आफताब, क्यों आपको भी सचेत रहने की जरूरत?

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दक्षिण दिल्ली के महरौली में हुए श्रद्धा मर्डर केस की चर्चा पूरे देश में हो रही है। श्रद्धा की हत्या उसके ही प्रेमी आफताब अमीन पूनावाला ने की थी। इसके बाद उसके शव के 35 टुकड़े किए और जंगल में फेंक आया। इस वारदात के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर आफताब ने ये सबकुछ कैसे किया? मर्डर करने के बाद जब वह शव के टुकड़े कर रहा था तो क्या उसे डर नहीं लगा? आखिर कैसे वह 20 दिन तक शव के टुकड़े के साथ उसी फ्लैट में रहा? उस वक्त आफताब की मनोदशा क्या रही होगी? 

 

हमने इन तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना से बात की।  पुलिस और मीडिया के सामने आए वाले फैक्ट्स और आरोपी आफताब के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मौजूद जानकारी के आधार पर हमें उसकी मनोदशा के बारे में जानकारी दी। आइए जानते हैं उन्होंने इस मर्डर केस को लेकर क्या-क्या बताया?  

 

पहले पूरी घटना के बारे में जान लीजिए

श्रद्धा मुंबई के मलाड़ में रहती थी और एक कॉल सेंटर में काम करती थी। आफताब अमीन पूनावाला भी मुंबई का रहने वाला है। यहीं दोनों की मुलाकात एक डेटिंग एप के जरिए हुई। इसके बाद दोनों के प्रेम संबंध बन गए। दोनों लिव-इन में रहने लगे। श्रद्धा के घरवालों को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने श्रद्धा को आफताब का साथ छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं मानी। हिमाचल और उत्तराखंड घूमने की बात कहकर श्रद्धा आफताब के साथ मुंबई से निकल गई। दोनों ऋषिकेश घूमने गए और वापस आकर दिल्ली में ही रहने लगे। यहां इन्होंने छतरपुर, महरौली में किराए पर कमरा लिया। 

 

 

श्रद्धा के पिता को ये बात जब मालूम हुई तो उन्होंने उससे बातचीत बंद कर दी। कभी-कभी श्रद्धां अपनी मां से जरूर बात कर लिया करती थी। 18 मई को आफताब और श्रद्धा के बीच झगड़ा हो गया। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, श्रद्धा ने आफताब से शादी का प्रस्ताव रखा। आफताब शादी नहीं करना चाह रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लड़ाई हो गई। आफताब ने एक हाथ से श्रद्धा का मुंह दबाया। जब श्रद्धा चिल्लाने लगी तो आरोपी ने दूसरे हाथ से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को बाथरूम में रखा। 

 

 

रातभर शव के साथ रहने के बाद दूसरे दिन आफताब मिनी आरी लेकर आया और श्रद्धा के शव को 35 टुकड़ों में काट दिया। पहले हाथ, फिर पैर और एक-एक करके शरीर के सारे अंगों को काटने के बाद उसने पानी से उसे साफ किया। फिर उसपर बोरिक पाउडर छिड़कर अलग-अलग पन्नी में सारे टुकड़ों को भर दिया। इसके बाद पन्नी को फ्रीजर में रख दिया। 

 

 

फ्रीजर के बाहरी हिस्से में कोल्ड ड्रिंक व अन्य खाने-पीने का सामान भी रखता था और उसी को यूज करता था। हर रोज फ्रीज से शव के एक दो टुकड़े लेकर अपने बैग में रखता था और उसे महरौली के जंगल में फेंक आता। शव की पहचान न हो सके इसके लिए उसने फायर टॉर्च खरीदा था। उसके जरिए उसने श्रद्धा का चेहरा पूरी तरह से जला दिया। ये सिलसिला 22 दिनों तक चलता रहा। पूरे शव को ठिकाने लगाने के बाद आफताब ने फ्लैट बदल दिया। इस बीच, वह अपनी एक नई गर्ल फ्रेंड को भी फ्लैट पर लाता था। श्रद्धा के बारे में उसने अपनी नई गर्ल फ्रेंड को भनक तक नहीं लगने दी। 

 



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