[ad_1]

विरमगाम में नामांकन से पहले हार्दिक पटेल की जनसभा
– फोटो : Amar Ujala
ख़बर सुनें
विस्तार
अहमदाबाद मुंद्रा हाइवे से तकरीबन 60 किलोमीटर अंदर विरमगाम तालुका पड़ता है। हाइवे पर एक होटल वाले से जब गांव जाने का रास्ता पूछा, तो उसने कहा कि आप हार्दिक पटेल के गांव जाना चाह रहे हो। हां में सिर हिलाया, तो उसने कहा की दूरी तो महज 6 किलोमीटर है, लेकिन आपको आज जाने में डेढ़ से दो घंटे लग जाएंगे। क्योंकि आज युवा नेता का नामांकन है। सड़कों पर चलने की जगह नहीं है। हाइवे से तकरीबन छह किलोमीटर अंदर पहुंचने में वक्त डेढ़ घंटे का ही लगा, लेकिन जो भीड़ थी वह सिर्फ विरमगाम विधानसभा के साथ साथ समचे गुजरात से पहुंची हुई थी। दरअसल जिस विरमगाम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने इस बार युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को चुनावी मैदान में उतारा है, वह कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। बीते दो टर्म से भाजपा की बड़ी ताकत के बाद भी कांग्रेस ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। स्थानीय लोगों में क्षेत्र में विकास ना होने को लेकर नाराजगी जरूर है।
[ad_2]
Source link