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Earthquake Himachal: हिमाचल में भूकंप के झटके, जोगिंद्रनगर रहा केंद्र, 4.1 की तीव्रता से थर्राई धरती

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Earthquake Himachal: हिमाचल में भूकंप के झटके, जोगिंद्रनगर रहा केंद्र, 4.1 की तीव्रता से थर्राई धरती

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भूकंप

भूकंप
– फोटो : ANI

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हिमाचल प्रदेश में बुधवार रात करीब 9:33 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराई में था। मंडी के अलावा कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर में भी तीन से पांच सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। कई लोग दहशत के चलते अपने घरों से निकलकर खुली जगहों की ओर भाग गए। डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने बताया कि भूकंप से कहीं भी नुकसान की सूचना नहीं है। भुंतर और मनाली में भी भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। 

1905 के भूकंप में 20 हजार से ज्यादा गईं थीं जानें
बता दें हिमाचल भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन चार और पांच में आता है। कांगड़ा, चंबा, लाहौल, कुल्लू और मंडी भूकंप की दृष्टि से सबसे अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अल सुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।

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हिमाचल प्रदेश में बुधवार रात करीब 9:33 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराई में था। मंडी के अलावा कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर में भी तीन से पांच सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। कई लोग दहशत के चलते अपने घरों से निकलकर खुली जगहों की ओर भाग गए। डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने बताया कि भूकंप से कहीं भी नुकसान की सूचना नहीं है। भुंतर और मनाली में भी भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। 

1905 के भूकंप में 20 हजार से ज्यादा गईं थीं जानें

बता दें हिमाचल भूकंप की दृष्टि से सिस्मिक जोन चार और पांच में आता है। कांगड़ा, चंबा, लाहौल, कुल्लू और मंडी भूकंप की दृष्टि से सबसे अति संवेदनशील क्षेत्र हैं। कांगड़ा में 4 अप्रैल, 1905 की अल सुबह आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में 20 हजार से ज्यादा इंसानी जानें चली गई थीं। भूकंप से एक लाख के करीब इमारतें तहस-नहस हो गई थीं, जबकि 53 हजार से ज्यादा मवेशी भी भूकंप की भेंट चढ़ गए थे।



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