Home Breaking News IND vs NZ: राहुल द्रविड़ को आराम दिए जाने से नाराज हुए पूर्व कोच रवि शास्त्री, बोले- उन्हें क्यों ब्रेक चाहिए?

IND vs NZ: राहुल द्रविड़ को आराम दिए जाने से नाराज हुए पूर्व कोच रवि शास्त्री, बोले- उन्हें क्यों ब्रेक चाहिए?

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IND vs NZ: राहुल द्रविड़ को आराम दिए जाने से नाराज हुए पूर्व कोच रवि शास्त्री, बोले- उन्हें क्यों ब्रेक चाहिए?

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रवि शास्त्री

रवि शास्त्री
– फोटो : सोशल मीडिया

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 और वनडे सीरीज में भारत के कई अहम खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। खिलाड़ियों के साथ ही मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और उनके सहयोगियों को भी आराम दिया गया है। इस भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने नाराजगी जताई है। उन्होंने टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ को लगातार ब्रेक दिए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है। यह पहली बार नहीं है जब द्रविड़ और उनके सहयोगियों को आराम दिया गया है। इससे पहले इस साल की शुरुआत में भारत के जिम्बाब्वे और आयरलैंड के दौरे पर लक्ष्मण ही भारत के कोच थे। 

भारत के आयरलैंड दौरे के समय राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ इंग्लैंड में थे, लेकिन अगस्त में भारत के जिम्बाब्वे दौरे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घेरलू सीरीज में द्रविड़ टीम के साथ नहीं थे। उन्हें आराम दिया गया था। 

शास्त्री भारतीय टीम के कोच के रूप में लगातार सक्रिय थे। चाहे भारत की मुख्य टीम खेले या बी टीम वह अपने खिलाड़ियों के साथ रहते थे। ऐसे में उन्होंने द्रविड़ के ब्रेक लेने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर कोच लगातार ब्रेक लेंगे तो खिलाड़ियों के साथ उनके संबंध और सामंजस्य खराब हो सकते हैं। 

रवि शास्त्री ने भारतीय टीम का कोच पद इसी वजह से छोड़ा था। उनका कहना था कि कोच के रूप में उन्हें लगातार भारतीय टीम के साथ रहना पड़ता है और सात साल तक ऐसा करने के बाद अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं। हालांकि, खिलाड़ियों को तरोताजा रखने के लिए आराम दिया जाता है, लेकिन शास्त्री का मानना है कि कोच के लिए यह तरीका कामयाब नहीं होगा। 

शास्त्री ने वेलिंगटन में भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज के पहले कहा, “ मैं ब्रेक लेने में यकीन नहीं करता। क्योंकि मैं अपनी टीम को समझना चाहता हूं, मैं अपने खिलाड़ियों को समझना चाहता हूं और फिर अपनी टीम को नियंत्रण में रखना चाहता हूं। ये ब्रेक … ईमानदार से कहूं तो आपको इतने ब्रेक की क्या आवश्यकता है? आपको आईपीएल के दौरान दो से तीन महीने मिलते हैं, एक कोच के रूप में आराम करने के लिए यह पर्याप्त होते हैं। लेकिन बाकी समय मुझे लगता है कि एक कोच को हमेशा टीम के साथ रहना चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।”

विक्रम राठौर की जगह ऋषिकेश कानिटकर बल्लेबाजी कोच होंगे। वहीं, पारस म्हाम्ब्रे की जगह साईराज बहुतुले गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे। राहुल द्रविड़, विक्रम राठौर और पारस म्हाम्ब्रे चार दिसंबर से बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 और वनडे सीरीज में भारत के कई अहम खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। खिलाड़ियों के साथ ही मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और उनके सहयोगियों को भी आराम दिया गया है। इस भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने नाराजगी जताई है। उन्होंने टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ को लगातार ब्रेक दिए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है। यह पहली बार नहीं है जब द्रविड़ और उनके सहयोगियों को आराम दिया गया है। इससे पहले इस साल की शुरुआत में भारत के जिम्बाब्वे और आयरलैंड के दौरे पर लक्ष्मण ही भारत के कोच थे। 

भारत के आयरलैंड दौरे के समय राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ इंग्लैंड में थे, लेकिन अगस्त में भारत के जिम्बाब्वे दौरे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घेरलू सीरीज में द्रविड़ टीम के साथ नहीं थे। उन्हें आराम दिया गया था। 

शास्त्री भारतीय टीम के कोच के रूप में लगातार सक्रिय थे। चाहे भारत की मुख्य टीम खेले या बी टीम वह अपने खिलाड़ियों के साथ रहते थे। ऐसे में उन्होंने द्रविड़ के ब्रेक लेने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर कोच लगातार ब्रेक लेंगे तो खिलाड़ियों के साथ उनके संबंध और सामंजस्य खराब हो सकते हैं। 

रवि शास्त्री ने भारतीय टीम का कोच पद इसी वजह से छोड़ा था। उनका कहना था कि कोच के रूप में उन्हें लगातार भारतीय टीम के साथ रहना पड़ता है और सात साल तक ऐसा करने के बाद अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं। हालांकि, खिलाड़ियों को तरोताजा रखने के लिए आराम दिया जाता है, लेकिन शास्त्री का मानना है कि कोच के लिए यह तरीका कामयाब नहीं होगा। 

शास्त्री ने वेलिंगटन में भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज के पहले कहा, “ मैं ब्रेक लेने में यकीन नहीं करता। क्योंकि मैं अपनी टीम को समझना चाहता हूं, मैं अपने खिलाड़ियों को समझना चाहता हूं और फिर अपनी टीम को नियंत्रण में रखना चाहता हूं। ये ब्रेक … ईमानदार से कहूं तो आपको इतने ब्रेक की क्या आवश्यकता है? आपको आईपीएल के दौरान दो से तीन महीने मिलते हैं, एक कोच के रूप में आराम करने के लिए यह पर्याप्त होते हैं। लेकिन बाकी समय मुझे लगता है कि एक कोच को हमेशा टीम के साथ रहना चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।”

विक्रम राठौर की जगह ऋषिकेश कानिटकर बल्लेबाजी कोच होंगे। वहीं, पारस म्हाम्ब्रे की जगह साईराज बहुतुले गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे। राहुल द्रविड़, विक्रम राठौर और पारस म्हाम्ब्रे चार दिसंबर से बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।



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