Home Breaking News Kaal Bhairav Jayanti 2022: राजस्थान में है 450 साल पुराना भैरव मंदिर, जयंती पर जुटती है श्रद्धालुओं की भीड़

Kaal Bhairav Jayanti 2022: राजस्थान में है 450 साल पुराना भैरव मंदिर, जयंती पर जुटती है श्रद्धालुओं की भीड़

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Kaal Bhairav Jayanti 2022: राजस्थान में है 450 साल पुराना भैरव मंदिर, जयंती पर जुटती है श्रद्धालुओं की भीड़

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भैरव मंदिर सीकर

भैरव मंदिर सीकर
– फोटो : Social Media

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आज भैरवाष्टमी है। भैरव को भगवान रुद्र और विष्णु का अवतार माना जाता है। राजस्थान के शेखावटी में प्राचीन भैरव मंदिर है, जो आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु भैरव के दरबार में पहुंचते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में मांगी गई, हर मनोकामना पूर्ण होती है।

450 साल पुराना है मंदिर

रानोली का यह काल भैरव मंदिर करीब 450 साल पुराना है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि कई सालों पहले भैरव की प्रतिमा रुपगढ़ के पास खातीवास से लाई गई थी। मान्यता है कि यहां भैरव स्वयं ही प्रकट हुए हैं। शिश्यू भैरव की इस मंदिर की मान्यता है कि यहां पर दर्शन मात्र से ही भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए हर साल भैरवाष्टमी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

शिव का दूसरा रूप है भैरव

पुराणों के अनुसार मार्गशीष कृष्णाष्टमी को मध्यान्ह के समय भगवान शंकर के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए यह दिन भैरवाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार भैरव भगवान शिव का दूसरा रूप हैं, भैरव का अर्थ भयानक और पोषक दोनों हैं, इनसे काल भी सहमा रहता है। इसलिए इन्हें काल भैरव कहा जाता है। 

 

हर साल लगते हैं भंडारे

रानोली के इस भैरव मंदिर में भैरवाष्टमी पर कई साल से सर्व समिति से भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही भव्य जागरण भी होता है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मलित होते हैं और काल भैरव से आशीर्वाद लेकर जाते हैं।

विस्तार

आज भैरवाष्टमी है। भैरव को भगवान रुद्र और विष्णु का अवतार माना जाता है। राजस्थान के शेखावटी में प्राचीन भैरव मंदिर है, जो आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु भैरव के दरबार में पहुंचते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में मांगी गई, हर मनोकामना पूर्ण होती है।



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