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Hinduja family: 108 साल पुराने हिंदुजा समूह की कहानी, जानें परिवार से जुड़ा 14 अरब डॉलर का विवाद और इसकी वजह

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Hinduja family: 108 साल पुराने हिंदुजा समूह की कहानी, जानें परिवार से जुड़ा 14 अरब डॉलर का विवाद और इसकी वजह

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हिंदुजा समूह

हिंदुजा समूह
– फोटो : amar ujala

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हिंदुजा समूह, आज भी ब्रिटेन के सर्वाधिक अमीरों में शामिल है। दुनिया के अमीरों की 2022 की फोर्ब्स की सूची में यह परिवार 146वें नंबर पर है। 108 साल पुराना यह समूह इस वक्त सुर्खियों में है। एक तरफ परिवार में संपत्ति का बंटवारा हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर इस विवाद के चलते परिवार के सबसे बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के स्वास्थ्य ध्यान नहीं रखे जाने की बात भी सामने आई है। 

आखिर हिंदुजा समूह में विवाद कितना पुराना है? विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ है? इस समूह का 108 साल का इतिहास कैसा रहा है? परिवार का व्यापार कहां तक और किन क्षेत्रों में फैला है? विवाद का निपटारा कैसे होगा? श्रीचंद हिंदुजा के स्वास्थ्य को लेकर क्या विवाद है? इस पर कोर्ट का क्या कहना है? आइये जानते हैं… 
हिंदुजा समूह में किस बात पर है विवाद? 
संपत्ति बंटवारे से जुड़ा ये विवाद आठ साल पुराना है। दरअसल, 2014 में हिंदुजा समूह के संस्थापक दीपचंद हिंदुजा के चार बेटों श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक के बीच एक समझौता हुआ। इसमें कहा गया था कि एक भाई के नाम पर रखी गई सम्पत्ति एक की नहीं बल्कि चार भाइयों की होगी। यही समझौता विवाद की जड़ है। समझौते के करीब एक साल बाद हिंदुजा भाइयों में सबसे बड़े श्रीचंद हिंदुजा ने हिंदुजा बैंक ऑफ स्विटजरलैंड पर अकेले स्वामित्व का दावा किया। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में अपने तीनों अन्य भाइयों पर केस कर दिया। याचिका में कहा गया 2014 में हुआ समझौता कानूनी तौर पर वैध नहीं था।     
 
विवाद आठ साल पुराना है तो अभी क्यों चर्चा में आया?
इसकी दो वजहें हैं। पहला इस विवाद के निपटारे के लिए कोर्ट ने हिंदुजा परिवार को नवंबर के अंत तक की समय सीमा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक विवाद खत्म करने की कानूनी कवायदें भी इस सप्ताह तक पूरी कर ली जाएंगी। उम्मीद है कि इसके बाद हिंदुजा समूह की सम्पत्ति का चारों भाइयों में बंटवारा हो जाएगा।
विवाद के सुर्खियों में आने की दूसरी वजह श्रीचंद हिंदुजा की सेहत है। दरअसल, ब्रिटेन के एक वरिष्ठ जज ने कहा कि वह चाहते हैं कि श्रीचंद हिंदुजा का इलाज शासकीय अस्पताल में हो, क्योंकि उनकी सेहत का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कोर्ट ने हिंदुजा परिवार के विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान ये टिप्पणी की।  
कोर्ट में अब तक क्या हुआ? 
संपत्ति बंटवारे का ये मामला लंदन की कोर्ट ऑफ प्रोटेक्शन में चल रहा है। केस के दौरान श्रीचंद हिंदुजा को भूलने की बीमारी हो गई। श्रीचंद ने अपने मामलों पर स्थायी पावर ऑफ अटॉर्नी बेटी वीनू को ही दे दी। वीनू ही इस मामले में अब कोर्ट में लड़ रही हैं। 2020 में श्रीचंद के भाई गोपीचंद ने वीनू को पावर ऑफ अर्टनी मिलने को भी चुनौती दी थी। अदालत में उन्होंने अपने भाई के डिमिंशिया बीमारी का उल्लेख किया और कहा उनके भाई ये पावर देने में योग्य नहीं थे। इसी साल अगस्त में कोर्ट ने परिवार को नवंबर 2022 के अंत तक विवाद सुलझाने की समय सीमा तय की।  
दरअसल, इसी साल जून में गोपीचंद के वकीलों  विवाद खत्म करने के लिए परिवार में सहमती बनाने की बात कही। इसके बाद अगस्त में कोर्ट ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि परिवार ने ‘हेड ऑफ टर्म्स’ पर सहमति व्यक्त की है, जिसका उद्देश्य ‘सभी न्यायालयों’ में उनके बीच ‘सभी विवादों’ को समाप्त करना है। इसी दौरान कोर्ट ने नवंबर तक सभी विवादों का सहमति से निपटारा करने की समय सीमा तय की। 
 
इस समूह का 108 साल का इतिहास कैसा रहा है?
हिंदुजा समूह की शुरुआत अविभाजित भारत सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले में जन्मे दीपचंद हिंदुजा ने की थी। 1914 में दीपचंद ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की यात्रा की और वहां व्यापार के गुर सिखे। बाद में सिंध आकर उन्होंने ने अपने व्यापार की शुरुआत की। 1919 में दीपचंद ने अपने व्यापार का विस्तार किया और ईरान में पहला अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय खोला। 1979 तक यह समूह ईरान से चलता रहा। 1979  में ईरान में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद समूह ने अपना हेडक्वार्टर लंदन स्थानांतरित कर दिया। अभी भी इस समूह का केंद्र ब्रिटेन में ही है।

दीपचंद हिंदुजा द्वारा शुरू इस समूह को उनके बेटों श्रीचंद हिंदुजा, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा ने आगे बढ़ाया। दीपचंद हिंदुजा के सबसे बड़े बेटे श्रीचंद, हिंदुजा समूह, हिंदुजा बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड एवं हिंदुजा फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। दूसरे बेटे गोपीचंद, हिंदुजा समूह के सह-अध्यक्ष और हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड, यूके के अध्यक्ष हैं। प्रकाश हिंदुजा, हिंदुजा समूह (यूरोप) के अध्यक्ष हैं। अशोक हिंदुजा, हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज (इंडिया) के अध्यक्ष हैं। 
किन क्षेत्रों में व्यापार करता है हिंदुजा समूह? 
हिंदुजा समूह बैंकिंग एंड फाइनेंस, आईटी, पावर, ऑटोमोटिव, ऑयल एंड स्पेसियलटी कैमिकल्स, रियल स्टेट, हेल्थ केयर, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, ट्रेडिंग, साइबर सिक्युटिटी से लेकर मीडिया तक के क्षेत्र में काम कर रहा है। समूह दुनिया के सबसे बड़े विविध समूहों में से एक है, जिसकी 38 देशों में प्रत्यक्ष उपस्थिति है और 100 देशों में व्यापारिक पहुंच है।
भारत में ट्रक बनाने वाली कम्पनी अशोक लीलैंड्स एवं बैंकिंग कारोबार से जुड़ा इंडसइंड बैंक इसी समूह के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा समूह के देश के कई शहरों में रियल स्टेट में भी काम है। कंपनी मुंबई में हिंदुजा अस्पताल और कॉलेज भी चलाती है। कंपनी में डेढ़ लाख से अधिक लोग काम करते हैं। 
हिंदुजा समूह की संपत्ति कितनी है?
फोर्ब्स के रियल टाइम आंकड़े के मुताबिक समूह की वर्तमान पूंजी 15.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की है। फोर्ब्स द्वारा जारी भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में हिंदुजा बंधु आठवें स्थान पर है। वहीं, विश्व में सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में समूह का 146वां स्थान आता है।

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हिंदुजा समूह, आज भी ब्रिटेन के सर्वाधिक अमीरों में शामिल है। दुनिया के अमीरों की 2022 की फोर्ब्स की सूची में यह परिवार 146वें नंबर पर है। 108 साल पुराना यह समूह इस वक्त सुर्खियों में है। एक तरफ परिवार में संपत्ति का बंटवारा हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर इस विवाद के चलते परिवार के सबसे बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के स्वास्थ्य ध्यान नहीं रखे जाने की बात भी सामने आई है। 

आखिर हिंदुजा समूह में विवाद कितना पुराना है? विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ है? इस समूह का 108 साल का इतिहास कैसा रहा है? परिवार का व्यापार कहां तक और किन क्षेत्रों में फैला है? विवाद का निपटारा कैसे होगा? श्रीचंद हिंदुजा के स्वास्थ्य को लेकर क्या विवाद है? इस पर कोर्ट का क्या कहना है? आइये जानते हैं… 



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