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फीफा वर्ल्ड कप 2022
– फोटो : अमर उजाला
इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही 32 टीमों को आठ ग्रुप में बांटा गया है और ग्रुप राउंड के बाद हर ग्रुप में शुरुआती दो स्थानों पर रहने वाली टीमें राउंड ऑफ-16 में पहुंचेंगी। इसके बाद आठ टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। 14 और 15 दिसंबर को सेमीफाइनल मैच खेले जाएंगे। सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीमें 17 दिसंबर को तीसरे स्थान के लिए भिड़ेंगी और टूर्नामेंट का फाइनल 18 दिसंबर को होगा।
आइए जानते हैं आठ ग्रुप में शामिल 32 टीमों के बारे में-
दावेदार: तीन बार फाइनल में पहुंच चुकी नीदरलैंड पिछली बार क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। अब वह एक अपेक्षाकृत आसान ग्रुप में है। लुइस वान गैल की टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संगम है।
छुपे-रुस्तम: पिछली बार रूस ने अपनी मेजबानी में स्पेन को पेनाल्टी में हरा दिया था। रूस क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफल रहा था। कतर इस बार घरेलू दर्शकों के बीच कुछ कमाल कर सकता है। गत एशियाई चैंपियन टीम हालात को बेहतर समझती है और पूरे अरब जगत का उन्हें समर्थन मिलेगा।
सुपरस्टार: बायर्न म्यूनिख के स्टार सेनेगल के सादिया माने के चोट लगने के बाद नीदरलैंड के कप्तान वर्जिल वान जिक पर निगाह होगी। उन्होंने लिवरपूल की सफलताओं में बड़ा योगदान दिया है। नीदरलैंड्स को अगर पहली बार खिताब जीतना है तो दिज्क को कुछ अलग करने की जरूरत होगी। प्रोस्टेट कैंसर को मात देकर तीसरी बार डच टीम के कोच बने लुइस वैन गाल इस विश्वकप के बाद फुटबाल जगत से संन्यास ले लेंगे।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: इस ग्रुप से नीदरलैंड के अलावा सेनेगल अंतिम-16 में पहुंच सकता है। कतर होम ग्राउंड का फायदा उठाकर सेनेगल को पछाड़ भी सकता है।
दावेदार: इंग्लैंड मजबूत दावेदार है, हालांकि टीम यूएएफ नेशंस लीग में अपने छह में से एक भी मैच नहीं जीत पाई। यह किसी बड़े टूर्नामेंट से इंग्लैंड का सबसे लंबा जीत का सूखा है। ग्रुप मुश्किल है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति रहती है। दोनों टीमें 1998 के बाद विश्वकप में आमने-सामने होंगी।
छुपे-रुस्तम: अमेरिका को कम आंकना ठीक नहीं होगा। बेशक टीम पिछली बार विश्वकप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी और कतर की क्वालिफाइंग प्रक्रिया में भी उसे संघर्ष करना पड़ा। उसके पास कई युवा खिलाड़ी जैसे चेल्सी के क्रिस्टिन पुलिसिच, युवेंटस के वेस्टन मैकेनी और टिम वीह हैं।
सुपरस्टार: इंग्लैंड के हैरी केन का रुतबा अलग है। वह इंग्लिश प्रीमियर लीग में शानदार फॉर्म में भी रहे हैं। उन्होंने टोटैनहेम हाटस्पर के लिए 15 मैचों में 12 गोल किए हैं।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: संभावना यही है कि इंग्लैंड पहले और अमेरिका ग्रुप में दूसरे स्थान पर रह सकती है।
दावेदार: अर्जेँटीना खिताब के दावेदारों में शामिल है। लियोनल मेसी जैसे सुपरस्टार के अलावा टीम के पास कई और स्टार है जो डिएगो माराडोना के 1986 में जीते पिछले विश्वकप के बाद फिर विजेता मंच पर पहुंचा सकते हैं। मेसी को भी देश को विश्वकप दिलाने का मलाल दूर करना है। वह कह चुके हैं कि यह उनका अंतिम विश्वकप होगा। लियोनल ने मैत्री मैच में संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ गोल किया था।
छुपे-रुस्तम: पिछले नौ विश्वकप में पोलैंड की टीम तीसरी बार वैश्विक टूर्नामेंट में उतर रही है और तीनों बार वह ग्रुप दौर से आगे नहीं बढ़ी है। बार्सिलोना के स्टार रॉबर्ट लेवेंडोवस्की पर काफी कुछ दारोमदार रहेगा। मेक्सिको की टीम पिछले सात विश्वकप से खेल रही है और हर बार प्री क्वार्टर में पहुंची है। इसके अलावा वह 1970 और 1986 में क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी लेकिन तब वह मेजबान थी और अपने मैदानों पर घरेलू दर्शकों का समर्थन था।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: लगता यही है कि अर्जेंटीना ग्रुप में शीर्ष पर रहेगी और अगले दौर में पहुंचने वाली दूसरी टीम पोलैंड हो सकती है। इस ग्रुप के स्टार खिलाड़ी होंगे लियोनल मेसी।
दावेदार: कोच डिडिएर डेशचैंप्स पिछले एक दशक से फ्रांस की टीम के साथ हैं। वह इस टूर्नामेंट में शामिल किसी एक टीम के लिए सबसे लंबी सेवा देने वाले कोच हैं। चार साल पहले उन्होंने रूस में फ्रांस को विजेता बनाया था। यह कोच के रूप में उनका तीसरा विश्वकप है और ओवरऑल कुल चौथा। वह 1998 में एक खिलाड़ी के तौर पर भी फ्रांस को खिताब दिला चुके हैं। वह रक्षण में चार खिलाड़ी लेकर उतर सकते हैं। इसका मतलब वह रूस में खेले टूर्नामेंट से अलग रणनीति बना सकते हैं, जहां 4-2-3-1 से खेले थे।
पिछले साल यूरो में मैच के दौरान दिल के दौरे का शिकार हुए डेनमार्क के क्रिश्चियन एरिक्शन भी बड़े स्टार हैं। ग्राहम अर्नोल्ड की ऑस्ट्रेलिया टीम में आरोन मूई और 18 साल के गरंग कुओल हैं। उनका गोल करने का औसत अच्छा है। कुओल इस बार छाप छोड़ सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ी स्काटिश लीग में खेलते रहे हैं। ट्यूनीशिया में कप्तान अनुभवी यूसुफ मस्कनी हैं।
सुपरस्टार: फ्रांस के पास करीम बेंजेमा, काइलिन म्बापे और एंटोनी ग्रीजमैन जैसे धुरंधर हैं। बेजेंमा की फिटनेस पर सवाल उठ रहे हैं और 23 साल के म्बापे पेरिस सेंट जर्मेन क्लब के लिए लगाता कमाल करते रहे हैं। उनकी गिनती दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों में होती है। ओलिवर गिरोड फ्रांस के लिए सर्वाधिक 51 गोल करने वाले थियरे हेनरी के रिकॉर्ड से महज दो गोल पीछे हैं।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: फ्रांस और डेनमार्क प्री क्वार्टर में खेलने के दावेदार नजर आते हैं। ये हो सकता है डेनमार्क ग्रुप में शीर्ष पर रहे, क्योंकि फ्रांस देर में रफ्तार पकड़ता है।
दावेदार: इसे ग्रुप ऑफ डेथ कहा जा रहा है, जिसमें स्पेन और जर्मनी फुटबाल के पावरहाउस हैं, लेकिन जापान एक बेहतरीन टीम है, यहां तक कि कोस्टारिका को कमजोर नहीं कहा जा सकता। कोस्टारिका 2014 में इंग्लैंड, इटली और उरुग्वे से ऊपर रही थी। उनके पास केलर नवास के रूप में अच्छा गोलकीपर है।
छुपे-रुस्तम: समुरई ब्लू (जापान) ने पिछले 13 में से केवल दो मैच गंवाए हैं। टीम की मजबूती का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्योगो फुरुहाशी और रियो हेतेते जैसे खिलाड़ियों को बाहर बैठना पड़ा है।
सुपरस्टार: बार्सिलोना क्लब के दिग्गज सर्जियो बुसगुट्स 34 साल की उम्र में तेजी और रफ्तार के लिए जाने जाते हैं। वह स्पेन की मिडफील्ड की जान होंगे। कप्तानी का भी उन्हें अच्छा अनुभव है।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: स्पेन ग्रुप में टॉप कर सकती है, जबकि जर्मनी के दूसरे स्थान पर रहकर अगले दौर में पहुंचने की प्रबल संभावना है।
दावेदार: पिछली बार क्रोएशिया की टीम ने फाइनल में पहुंचकर सबको हैरत में डाल दिया था। बेल्जियम तीसरे स्थान पर रही थी। बेल्जियम के केविड डि ब्रुइन मैनचेस्टर सिटी के लिए लगातार अच्छा करते रहे हैं। कनाडा की टीम ने क्वालिफाई करके सबका ध्यान खींचा है। वह क्वालिफाइंग में कोनकाकैफ में शीर्ष पर रही। उसके पास बायर्न म्यूनिख के एल्वेंसो डेविस और लिली के जोनाथन डेविड जैसे युवा खिलाड़ी हैं। पिछली बार उसने 1986 में क्वालिफाई किया था।
सुपरस्टार: केविन डि ब्रुइन की गिनती दुनिया के बेहतरीन मिडफील्डरों में होती है। वह मैनचेस्टर सिटी के लिए इस सीजन में 13 गोलों में मदद कर चुके हैं।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: बेल्जियम और क्रोएशिया इस ग्रुप से अगले दौर में पहुंचने की दावेदार हैं।
सर्वाधिक पांच बार विश्वकप जीत चुकी ब्राजील की टीम को एक बार फिर खिताब का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। उनके पास प्रीमियर लीग के स्टार नेमार के अलावा विनसियस जूनियर के रूप में दुनिया के दो बेहतरीन फॉरवर्ड हैं। कोच टिटे के पास इसके अलावा कई अच्छे खिलाड़ी हैं। स्विट्जरलैंड और कैमरून अप्रत्याशित परिणाम दे सकती है लेकिन सर्बिया का दावा ज्यादा मजबूत लग रहा है। । ब्राजील के बाद दूसरे स्थान के लिए तीनों टीमों में कड़ी होड़ रहेगी।
सुपरस्टार: पेरिस सेंट जर्मेन क्लब के सितारे नेमार का भी अंतिम विश्वकप हो सकता है और वह कोई कोर-कसर नहीं रखना चाहेंगे। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं।
छुपे-रुस्तम: सर्बिया की टीम है जिसके पास फुल्हम क्लब के एलेक्जेंडर मित्रोविच जैसे खिलाड़ी हैं। कागजों पर टीम ज्यादा मजबूत नजर आती है।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: ब्राजील शीर्ष पर रह सकती है और आगे बढ़ने वाली दूसरी टीम सर्बिया हो सकती है।
दावेदार: चारों टीमें अच्छी हैं लेकिन पुर्तगाल को अपने स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर भरोसा होगा, जिनका इन दिनों अपने क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ विवाद चल रहा है। डिएगो जोटा की चोट भी टीम के लिए चिंता का सबब है। उरुग्वे की टीम में लुइस सुआरेज और एडिनसन कवानी अपने अंतिम विश्वकप में कमाल दिखाना चाहेंगे। उन्हें नए खिलाड़ी डार्विन नुनेज का साथ मिल सकता है। इस टीम में कई उम्रदराज खिलाड़ी हैं लेकिन टीम जानती है कि बड़े टूर्नामेंट का दबाव कैसे झेला जाता है।
सुपरस्टार: गोलमशीन क्रिस्टियानो रोनाल्डो का भी अपने प्रबल प्रतिद्वंद्वी अर्जेंटीना के मेसी की तरह अंतिम विश्वकप है। उनका अपने क्लब से विवाद चल रहा है, उसका उनके प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
राउंड ऑफ-16 की दावेदार टीमें: उरुग्वे और पुर्तगाल ग्रुप में शीर्ष दो स्थानों की दावेदार हैं। कोरिया के खिलाड़ी सन ह्यूंग मिन चोटिल हैं, ऐसे में उनका दावा थोड़ा कमजोर पड़ रहा है।
विस्तार
आज से फीफा विश्व कप 2022 की शुरुआत होने जा रही है। 29 दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 64 मैच खेले जाएंगे। इनमें से 48 लीग मैच होंगे। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाली 16 टीमें अगले दौर यानी राउंड ऑफ-16 (नॉकआउट राउंड) में पहुंचेंगी। राउंड ऑफ-16 तीन से सात दिसंबर के बीच खेला जाएगा।
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