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Rajiv Gandhi Assassination Case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी कांग्रेस, छह दोषियों को किया था रिहा

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Rajiv Gandhi Assassination Case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी कांग्रेस, छह दोषियों को किया था रिहा

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सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई के मामले में कांग्रेस पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने हत्याकांड में शामिल छह दाषियों को रिहा करने का आदेश दिया था। अब कांग्रेस ने इसे चुनौती देने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, आदेश में निर्धारित आधारों को चुनौती देने वाली याचिका इस सप्ताह दायर की जाएगी। इससे पहले दोषियों की रिहाई के खिलाफ केंद्र सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर चुकी है।

11 नवंबर को कोर्ट ने सुनाया था फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर को राजीव हत्याकांड में जेल की सजा काट रहे छह आरोपियों को 31 साल तक जेल में रहने के बाद रिहा करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की ओर से अपराधियों की सजा में छूट की सिफारिश के आधार पर यह आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद नलिनी श्रीहरन के अलावा आर पी रविचंद्रन, संथन, मुरुगन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार जेल से बाहर आ गए थे। इसी साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य दोषी एजी पेरारिवलन को आर्टिकल 142 का हवाला देते हुए रिहा किया था। 

21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में आत्मघाती हमला 
21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी मारे गए थे। महिला की पहचान धनु के तौर पर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें पेरारिवलन, मुरुगन, संथन, रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और नलिनी श्रीहरन शामिल थे।

विस्तार

राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई के मामले में कांग्रेस पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने हत्याकांड में शामिल छह दाषियों को रिहा करने का आदेश दिया था। अब कांग्रेस ने इसे चुनौती देने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, आदेश में निर्धारित आधारों को चुनौती देने वाली याचिका इस सप्ताह दायर की जाएगी। इससे पहले दोषियों की रिहाई के खिलाफ केंद्र सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर चुकी है।

11 नवंबर को कोर्ट ने सुनाया था फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर को राजीव हत्याकांड में जेल की सजा काट रहे छह आरोपियों को 31 साल तक जेल में रहने के बाद रिहा करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की ओर से अपराधियों की सजा में छूट की सिफारिश के आधार पर यह आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद नलिनी श्रीहरन के अलावा आर पी रविचंद्रन, संथन, मुरुगन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार जेल से बाहर आ गए थे। इसी साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य दोषी एजी पेरारिवलन को आर्टिकल 142 का हवाला देते हुए रिहा किया था। 

21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में आत्मघाती हमला 

21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी मारे गए थे। महिला की पहचान धनु के तौर पर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें पेरारिवलन, मुरुगन, संथन, रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और नलिनी श्रीहरन शामिल थे।



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