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राहुल गांधी के साथ अशोक गहलोत और सचिन पायलट।
– फोटो : सोशल मीडिया
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राजस्थान के सियासी घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस आलाकमान फंसता नजर आ रहा है। इसके कई कारण भी सामने आ रहे हैं। पहला- गहलोत गुट के बगावती तेवर दिखाने के बाद भी अब तक नोटिस दिए गए तीन नेताओं पर कार्रवाई नहीं की है। इससे नाराज होकर राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने भी कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया।
वहीं, दूसरी तरफ सचिन पायलट के मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने से कांग्रेस गुर्जर समाज के निशाने पर है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा तक को रोकने की धमकी दे चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने साफ कर दिया कि अगर सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता तो गुर्जर समाज भारत जोड़ो यात्रा का विरोध करेगा।
दरअसल, राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही उठापटक मची हुई है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की अदावत इसका सबसे बड़ा कारण है। वैसे तो दोनों नेताओं के बीच का टकराव विधानसभा चुनाव से पहले का है, लेकिन इसने बड़ा रूप 2020 में लिया जब पायलट ने खिलाफत कर दी। हालांकि, तब गहलोत सरकार बचाने में कामयाब हो गए। इसके बाद से दोनों नेताओं के रिश्ते खराब होते चले गए और राजस्थान कांग्रेस दो गुटों में बंट गईं।
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