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रूस और पाकिस्तान समाचार: पाकिस्तान को लेकर पिछले कुछ महीनों में यूरोप और अमेरिका के रूख में काफी बदलाव देखा जा रहा है जिसे लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान हैं। दरअसल पाकिस्तान के प्रति इस बदलाव के पीछे एक सबसे बड़ी वजह पाकिस्तान की तरफ से यूक्रेन को दी जाने वाली मदद है। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स की मदद से यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति कर रही है। कुछ फ़्लाइट ट्रैक करने वाली वेबसाइट (मल्टीपल फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट) ब्रिटेन की रॉयल एयर फ़ोर्स के C-17 ग्लोबमास्टर के अनुसार इस साल 6 अगस्त से 15 अगस्त के बीच रोमानिया से पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस (नूर खान एयरबेस) पर कई बार उतरी की है।
ब्रिटेन और पाक के बीच एक गुप्त हवाई मार्ग
एक पोर्टल रियाफान ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि कुछ दिन पहले ही रावलपिंडी में स्थित नूर-खान एयरबेस के जरिए पाकिस्तान यूक्रेन को आपूर्ति की आपूर्ति कर रहा है और यूके के सी-17 ग्लोबमास्टर रोमानिया में लैंड कर रहे हैं जिसके बाद ये धीमा और गोला डायनामाइट को यूक्रेन की सेना के पास भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक सीक्रेट एयर रूट बनाया गया है जिसके माध्यम से ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के हवाई जहाज ईरान और अफगानिस्तान एयरस्पेस के माध्यम से न कहीं रोमानिया में उतरे हैं।
यूक्रेन के डिप्टी चीफ ऑफ मिलट्री इंटेलीजेंस ने यह बयान दिया है
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब यूक्रेन को रूस की सेना से लड़ने के लिए बड़ी मात्रा में प्रदर्शनकारियों और गोला डायनामाइट की जरूरत है। इस साल जून में यूक्रेन के मिलिट्री इंटेलीजेंस के डिप्टी चीफ वडिम स्किबिट्स्की ने बयान देते हुए कहा था कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध एक आर्टिलरी वॉर (तोपखाना युद्ध) है। रूस हमसे इस लड़ाई में बहुत आगे है क्योंकि हमारे पास प्रक्षेपण गोला-बारूद थे अब वो खत्म हो रहे हैं। Vadym Skibitsky ने अपने बयानों में ये भी कहा था कि हम रूसी सेना के खिलाफ हर रोज 5000-6000 आर्टिलरी राउंड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ब्रिटेन और पाकिस्तान के साथ आने के क्या मायने हैं?
रूस के खिलाफ यूक्रेन की लड़ाई को मजबूत करने के लिए ब्रिटेन ने ये दावा किया कि वो यूक्रेन को करीब 20 तोपों के साथ 50 हजार के करीब आर्टिलरी शेल (आर्टिलरी शेल) की आपूर्ति करेगा। यूक्रेन को रूस के खिलाफ आर्टिलरी युद्ध के लिए सोवियत-इरा (सोवियत युग) वाले 122 मिमी HOW HE-D30 राउंड की जरूरत को देखते हुए यूरोपीय देशों ने पाकिस्तान की तरफ रुख किया। आपको बता दें कि पाकिस्तान की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री) ऐसे सोवियत इरा वाले 122 एमएम कैसे HE-D30 राउंड बनाती है जो नाटो स्टैंडर्ड के हैं। देखें तो यूक्रेन और रूस के बीच जंग के बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से बने ऐसे ही 122 असली राउंड के गोलों को यूक्रेनी सेना की तरफ से रूस के खिलाफ इस्तेमाल करने के वीडियो वायरल हुए थे। पाकिस्तान की सेना के प्रमुख जनरल कमर बाजा ने कुछ दिनों पहले ब्रिटेन की यात्रा की थी जिससे ये आशंका जताई जा रही थी कि इस दौरान ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच यूक्रेन के लिए जाने की खरीद पर फैसला किया गया था।
अमेरिका की टीम पाकिस्तान की आर्डिनेंस फैक्ट्री में क्यों
ज़ी मीडिया के पास मौजूद अनन्य दस्तावेज़ों से पता चला है कि पाकिस्तान की ऑर्डिनेंस फ़ैक्टरी के दौरे पर एक अमेरिका से एक उच्च स्तर की टीम आई थी, जिसे पाकिस्तान के दौरे को काफी गुप्त रखा गया था। इसी महीने 3 नवंबर से 10 नवंबर के बीच पाकिस्तान गई अमेरिकी टीम ने पाकिस्तान के कराची और एपीआर सोनमियानी गई जहां इस टीम के लिए लाइव शूटिंग का भी एक कार्यक्रम रखा गया था। यही नहीं ये टीम करीब एक हफ्ते में अपने पाकिस्तान दौरे के दौरान कई ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के अधिकारियों के साथ पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। सबसे बड़ा सवाल ये है कि पाकिस्तान की आर्डिनेंस फैक्ट्री में अमेरिका की असली टीम को जाने की जरूरत क्यों पड़ी?
पाकिस्तान को यूरोप के देशों से मिल रहे रास्ते!
देखें तो फ्रेंच मडिया की एक रिपोर्ट के तहत यह बात सामने आई कि अमेरिका, पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच में एक समझौता हुआ है, जिसके लिए पाकिस्तान से गोला-डायनेटो की खरीद यूक्रेन की मदद कर रहा है। जिस तरह से कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में ब्रिटेन के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट पाकिस्तान के बेस का इस्तेमाल करते हुए रोमानिया में लैंड हो रहे हैं और यूक्रेन में पाकिस्तान की चमक के इस्तेमाल होने वाले वीडियो सामने आए हैं उसे ऐसा लगता है कि पाकिस्तान रूस से लगातार जुड़ रहे हैं यूक्रेन की मदद कर रहा है। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान से जिन दुविधा की खरीद हो रही है, उसके बदले में पाकिस्तान को यूरोप के देश काफी पैसे मिल रहे हैं।
पाकिस्तान के यूक्रेन को मदद
पाकिस्तान रूस के खिलाफ यूक्रेन को लेकर शिकायत करने से रूस की परेशानी बढ़ सकती है। पिछले दिनों रूस के सांसद इगोर मोरोजोव ने यह दावा किया था कि यूक्रेन पाकिस्तान की काफी मदद कर रहा है और यूक्रेन और पाकिस्तान के बीच परमाणु वरीयता की तकनीक पर भी चर्चा हुई है। इगोर के अनुसार, “यूक्रेन के जमैका ने पाकिस्तान का दौरा किया और एक प्रतिनिधि ने भी परमाणु बम बनाने की तकनीक पर चर्चा के लिए यूक्रेन की यात्रा की।”
पाकिस्तान के खिलाफ यूरोपीय देशों का रवैया बदला
पाकिस्तान के प्रति अचानक अमेरिका और यूरोपीय देशों के स्वर बदले हैं जिस तरह से पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट से निकली है और साथ ही अमेरिका से एक बार फिर F-16 फाइटर जेट पैकेज पर डील साइन हुई है जिससे जानकारी का एहसास होता है कि भारत के सभी आपत्तियों को घोषणा करते हुए अमेरिका और यूरोपीय देश पाकिस्तान की मदद करने में लगे हैं और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पाकिस्तान की तरफ से यूक्रेन को धीमी आपूर्ति हो सकती है।
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